Stock Market : घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच निवेशकों का सेंटीमेंट दबाव में नजर आया और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा फिसल गया. वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक टूटकर 24,350 के नीचे आ गया. बाजार में बिकवाली का दबाव खास तौर पर कुछ बड़े और प्रमुख शेयरों में देखने को मिला, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाइटन भी शामिल हैं.
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शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 215.43 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 77,750.92 अंक पर कारोबार करता नजर आया. वहीं NSE का निफ्टी 50 इंडेक्स 103.90 अंक यानी 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 24,332.05 अंक पर आ गया. इस गिरावट के साथ घरेलू बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोरी का सिलसिला जारी रहा. बाजार में निवेशकों की नजर फिलहाल ग्लोबल संकेतों, पश्चिम एशिया के तनाव और उससे पैदा होने वाली आर्थिक अनिश्चितता पर बनी हुई है.
Reliance और Titan समेत इन बड़े शेयरों में गिरावट
शुरुआती कारोबार में निफ्टी के कई प्रमुख शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला. रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया. वहीं टाइटन के शेयर में 1.26 फीसदी की कमजोरी रही. इसके अलावा हिंदाल्को में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और शेयर 2.22 फीसदी तक टूट गया. ग्रासिम में 1.96 फीसदी और अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.75 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इस तरह बाजार की गिरावट में मेटल, सीमेंट और कुछ बड़े इंडेक्स हैवीवेट शेयरों का दबाव भी देखने को मिला.
इन शेयरों में दिखी खरीदारी
बाजार पूरी तरह बिकवाली की चपेट में नहीं रहा. कुछ शेयरों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली. Jio Financial Services शुरुआती कारोबार में 1.46 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहा. Shriram Finance के शेयर में 1.37 फीसदी की बढ़त रही. वहीं Tech Mahindra 1.22 फीसदी चढ़ा. Eternal में 0.86 फीसदी और Max Healthcare में 0.82 फीसदी की तेजी देखने को मिली. यानी एक तरफ बाजार के प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे, वहीं चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने की कोशिश की.
पश्चिम एशिया का तनाव बना बड़ा बाजार संकेत
बाजार की मौजूदा चाल में पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक अहम फैक्टर बना हुआ है. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से ग्लोबल स्तर पर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई और दुनिया की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ पर पड़ सकता है. भारत जैसे बड़े कच्चे तेल आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में तेजी एक महत्वपूर्ण जोखिम है. अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा रहता है, तो इससे देश के इंपोर्ट बिल पर दबाव बढ़ सकता है और कंपनियों की लागत भी प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि बाजार इस समय पश्चिम एशिया से जुड़ी हर खबर पर बेहद करीब से नजर रख रहा है.
लगातार तीसरे दिन गिरावट, निवेशकों की नजर आगे की चाल पर
लगातार तीन कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में यह सिर्फ एक छोटी अवधि का करेक्शन है या फिर कमजोरी आगे भी जारी रह सकती है. फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव है, लेकिन चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बनी हुई है. ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में ग्लोबल बाजारों का रुख, पश्चिम एशिया का घटनाक्रम और क्रूड ऑयल की कीमतें घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. निवेशकों के लिए इस समय बाजार में किसी एक दिन की तेजी या गिरावट के बजाय पूरे ट्रेंड पर नजर रखना जरूरी है. खासकर रिलायंस, टाइटन, हिंदाल्को, ग्रासिम और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे बड़े शेयरों में आगे की चाल बाजार के सेंटीमेंट पर भी असर डाल सकती है.
कुल मिलाकर शुरुआती कारोबार में बाजार का मूड कमजोर रहा और लगातार तीसरे दिन सेंसेक्स तथा निफ्टी दबाव में दिखाई दिए. हालांकि Jio Financial Services, Shriram Finance और Tech Mahindra जैसे शेयरों में खरीदारी यह संकेत दे रही है कि बाजार में पूरी तरह बिकवाली नहीं है. अब आगे की दिशा ग्लोबल संकेतों और पश्चिम एशिया के तनाव के साथ-साथ निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करेगी.
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