Market Outlook: शेयर बाजार में लगातार सातवें हफ्ते गिरावट देखने को मिली है. Nifty 23,000 के अहम स्तर के करीब पहुंच गया है, जबकि Bank Nifty और MidCap Select में भी दबाव देखने को मिला. हालांकि, बाजार में हर तरफ बिकवाली नहीं रही. कुछ सेक्टर्स और चुनिंदा शेयरों में मजबूत खरीदारी भी देखने को मिली है. अब सवाल यह है कि क्या लगातार गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश देखने को मिलेगी, या अगले हफ्ते भी दबाव जारी रहेगा. Crude oil, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और global market sentiment बाजार के लिए अहम ट्रिगर रह सकते हैं.
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Nifty 0.88 फीसदी टूटा, Bank Nifty में 1.38 फीसदी की गिरावट
पूरे हफ्ते के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Nifty 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ. साप्ताहिक आधार पर इंडेक्स में 205.90 अंक यानी 0.88 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. Banking stocks पर दबाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहा. Nifty Bank 55,580.40 पर बंद हुआ और इसमें 778.30 अंक यानी 1.38 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट आई. Broader market की तस्वीर और कमजोर रही. Nifty MidCap Select 14,027.70 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 473.05 अंक यानी 3.26 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. इस आंकड़े से पता चलता है कि सप्ताह के दौरान दबाव केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि midcap segment में भी बिकवाली देखने को मिली.
Realty, Pharma और FMCG में खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन देखें तो बाजार में कुछ हिस्सों ने कमजोरी के बीच मजबूती दिखाई. Realty sector इस सप्ताह सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स में रहा. इसमें 2.98 फीसदी की तेजी दर्ज हुई. Pharma index 1.10 फीसदी ऊपर रहा, जबकि FMCG में 1.04 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. CPSE में 0.76 फीसदी और Defence sector में 0.53 फीसदी की तेजी रही. Metal index भी 0.26 फीसदी ऊपर रहा.
दूसरी तरफ IT sector पर दबाव बना रहा और इसमें 2.40 फीसदी की गिरावट आई. Finance sector 1.63 फीसदी, Private Bank 1.49 फीसदी और Capital Markets 1.26 फीसदी नीचे रहे. Energy में 0.88 फीसदी और Oil & Gas में 0.79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यानी बाजार में एक समान दिशा नहीं रही. कुछ सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली, जबकि IT और financial segments में कमजोरी ने प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा.
Coal India और ITC समेत इन शेयरों में तेजी
Nifty के प्रमुख gainers में Coal India सबसे आगे रहा. कंपनी के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी दर्ज हुई. ITC में 2.6 फीसदी की बढ़त रही, जबकि Eternal 2.5 फीसदी ऊपर रहा. Titan में 1.8 फीसदी और Dr Reddy's में करीब 1.4 फीसदी की तेजी देखने को मिली. इन शेयरों में मजबूती ऐसे समय आई है जब benchmark index साप्ताहिक आधार पर गिरावट के साथ बंद हुआ. इससे पता चलता है कि बाजार में कुछ चुनिंदा stocks में खरीदारी बनी हुई है.
Bharti Airtel, Trent और Infosys पर दबाव
दूसरी तरफ कुछ बड़े नामों में तेज गिरावट देखने को मिली. Bharti Airtel के शेयर में करीब 5.7 फीसदी की गिरावट आई. Trent 5.5 फीसदी नीचे रहा, जबकि Infosys में 4.9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. Bajaj Finserv करीब 4.4 फीसदी और TMPV भी करीब 4.4 फीसदी नीचे रहा. खास तौर पर IT और financial stocks में आई कमजोरी ने Nifty और Bank Nifty दोनों के प्रदर्शन को प्रभावित किया.
Midcap में जोरदार उतार-चढ़ाव
Midcap segment में इस सप्ताह stock-specific movement काफी ज्यादा रहा. Whirlpool के शेयर में करीब 28 फीसदी की तेजी देखने को मिली. Engineers India 18.5 फीसदी ऊपर रहा, जबकि Carborundum में 13.7 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई. Sun TV के शेयर में 13.6 फीसदी और Allied Blenders में 10.4 फीसदी की तेजी रही. लेकिन इसी segment में कुछ शेयरों में भारी गिरावट भी देखने को मिली. PB Fintech करीब 33.1 फीसदी टूट गया. HomeFirst में 9.5 फीसदी की गिरावट रही. Paytm और OFSS भी करीब 9.5 फीसदी नीचे रहे. L&T Finance में 9.2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. इस तरह Midcap Select में जहां इंडेक्स स्तर पर 3.26 फीसदी की गिरावट रही, वहीं individual stocks में movement काफी अलग-अलग रहा.
अगले हफ्ते बाजार के लिए क्या होंगे Positive Triggers
अब सबसे बड़ा सवाल अगले हफ्ते को लेकर है. बाजार की दिशा तय करने वाले कुछ factors सकारात्मक माहौल बना सकते हैं. अगर global market sentiment में सुधार आता है, crude oil की कीमतों में नरमी देखने को मिलती है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली की रफ्तार कम होती है, तो भारतीय बाजार को राहत मिल सकती है. घरेलू निवेशकों की खरीदारी भी बाजार को support दे सकती है. इसके अलावा Realty, FMCG और Pharma जैसे सेक्टर्स में बनी मजबूती अगर आगे भी जारी रहती है, तो बाजार में sector rotation देखने को मिल सकता है. चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का जारी रहना भी Broader Market Sentiment के लिए अहम होगा.
Crude और Global Factors बन सकते हैं Negative Triggers
दूसरी तरफ बाजार के सामने कुछ जोखिम भी बने हुए हैं. Crude oil की कीमतों में तेजी भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि इससे import cost पर असर पड़ सकता है. इसका प्रभाव inflation, रुपये की चाल और कंपनियों की लागत पर देखने को मिल सकता है. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए दबाव का कारण बन सकती है. अगर FII selling जारी रहती है, तो खासकर large-cap stocks और benchmark indices में volatility बनी रह सकती है. इसके अलावा global interest-rate outlook, US bond yields और dollar की चाल भी भारतीय equities के लिए महत्वपूर्ण रहेगी. IT और financial stocks में कमजोरी अगर अगले हफ्ते भी जारी रहती है, तो इसका असर प्रमुख इंडेक्स पर पड़ सकता है.
Nifty के लिए 23,000 का स्तर अहम
अब नजर Nifty के levels पर भी रहेगी. 23,000 का स्तर बाजार के लिए एक अहम psychological zone बन गया है. अगर Nifty इस स्तर के आसपास टिकता है और खरीदारी वापस आती है, तो गिरावट के बाद short-term recovery की कोशिश देखने को मिल सकती है. वहीं 23,000 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में selling pressure और बढ़ सकता है. अगर recovery आती है, तो 23,300 से 23,500 के आसपास का क्षेत्र बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा. ऐसे में अगले हफ्ते सिर्फ Nifty का स्तर ही नहीं, बल्कि market breadth और sector-wise participation भी महत्वपूर्ण होगी.
लगातार सात हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार की अगली चाल
लगातार सात हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार में volatility बनी हुई है. हालांकि इस पूरे सप्ताह के आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि बाजार में हर जगह बिकवाली नहीं हुई. Realty, Pharma, FMCG, Defence और CPSE जैसे सेक्टर्स में बढ़त रही, जबकि IT, Finance, Private Banks और Capital Markets में दबाव देखने को मिला. इसलिए अगले हफ्ते बाजार की दिशा काफी हद तक global cues और घरेलू flows के बीच संतुलन पर निर्भर रह सकती है. अगर crude में नरमी आती है, global sentiment बेहतर होता है और खरीदारी बढ़ती है, तो बाजार recovery की कोशिश कर सकता है. इसके उलट crude में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, global yields का दबाव और रुपये में कमजोरी बाजार में volatility को बढ़ा सकते हैं. फिलहाल बाजार के सामने सबसे अहम स्तर 23,000 का है. आने वाले कारोबारी सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Nifty इस स्तर के आसपास किस तरह का व्यवहार करता है और क्या खरीदारी बाजार को फिर ऊपर ले जाने की कोशिश करती है.
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