Share Market Rally: 5 वजहों से उछला Sensex, IT तेजी से Nifty 22,600 के करीब, जानिए क्या बदला

तनीषा त्यागी

• 10:48 AM • 13 Oct 2026

शेयर बाजार में 13 अक्टूबर को शानदार रिकवरी देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 693 अंक उछला, जबकि निफ्टी 22,600 के करीब पहुंच गया. IT शेयरों की तेजी, निचले स्तरों पर खरीदारी और भारत की GDP ग्रोथ के बेहतर अनुमान ने बाजार को सहारा दिया. जानिए तेजी की पांच बड़ी वजहें और आगे किन संकेतों पर नजर रहेगी.

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Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार में 13 अक्टूबर को शानदार रिकवरी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने जोरदार वापसी की. सेंसेक्स करीब 693 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी 22,600 के स्तर के करीब पहुंच गया. बाजार में इस तेजी के पीछे निचले स्तरों पर खरीदारी, भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को लेकर बेहतर अनुमान और IT शेयरों में मजबूत तेजी जैसे कई कारण रहे. हालांकि, बाजार के सभी हिस्सों में एक जैसी रौनक नहीं दिखी. जहां IT, FMCG और रियल्टी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, वहीं स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा.

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शुरुआती गिरावट के बाद शेयर बाजार ने कैसे की वापसी?

13 अक्टूबर को साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में भी पहुंच गए थे. लेकिन इसके बाद बाजार में खरीदारी बढ़ी और दोनों प्रमुख इंडेक्स ने तेजी पकड़ ली. सुबह 9:55 बजे सेंसेक्स 692.86 अंक यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 50 में 213.10 अंक यानी 0.95% का उछाल आया और यह 22,576.45 पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 696.23 अंक चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 अंक उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया. इस रिकवरी से निवेशकों को राहत मिली, क्योंकि इससे पहले कारोबारी दिन बाजार में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई थी.

पिछली गिरावट के बाद बाजार में लौटी खरीदारी

12 अक्टूबर को शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी. उस दिन सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76% गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ था. निफ्टी 50 भी 157.10 अंक यानी 0.70% फिसलकर 22,363.35 पर आ गया था. लगातार दबाव के बाद बाजार के निचले स्तरों पर निवेशकों ने खरीदारी की. जब निवेशकों को किसी शेयर या इंडेक्स का मौजूदा स्तर आकर्षक लगता है, तो वे खरीदारी शुरू कर सकते हैं. इसे वैल्यू बाइंग कहा जाता है. 13 अक्टूबर को बाजार की तेजी के पीछे भी निचले स्तरों पर खरीदारी एक अहम वजह रही. इससे सेंसेक्स और निफ्टी को संभलने में मदद मिली. हालांकि, केवल एक दिन की तेजी के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि बाजार में गिरावट का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है.

1. वैल्यू बाइंग से बाजार को मिला सहारा

बाजार में तेजी की पहली बड़ी वजह निचले स्तरों पर खरीदारी रही. पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बाद निवेशकों को कुछ शेयर आकर्षक स्तरों पर नजर आए. इसके चलते खरीदारी बढ़ी और बाजार में रिकवरी देखने को मिली. वैल्यू बाइंग के दौरान निवेशक उन शेयरों में पैसा लगाते हैं, जिनकी कीमत उन्हें उपलब्ध संभावनाओं के मुकाबले कम लगती है. इससे बाजार में खरीदारी का दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि हर गिरावट के बाद तेजी आना तय नहीं है. किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की स्थिति, शेयर का वैल्यूएशन और बाजार की चाल को देखना जरूरी है.

2. India VIX के आंकड़ों पर भी नजर

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका को समझने के लिए India VIX पर नजर रखी जाती है. यह इंडेक्स बाजार में आने वाले समय की संभावित अस्थिरता को लेकर संकेत देता है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, India VIX 4.40% बढ़कर 14.58 पर था. इसलिए इस स्तर पर VIX में नरमी के बजाय बढ़त दर्ज हुई थी. इसे बाजार की तेजी के समर्थन में सीधे तौर पर गिनने से पहले सावधानी जरूरी है. आमतौर पर VIX में बढ़ोतरी का मतलब होता है कि बाजार में आने वाले समय में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ रही है. इसके उलट, VIX में गिरावट संभावित अस्थिरता कम होने का संकेत दे सकती है. हालांकि, VIX अकेले यह नहीं बताता कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे.

3. IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

भारतीय शेयर बाजार को अर्थव्यवस्था की ग्रोथ से जुड़े बेहतर अनुमान से भी सपोर्ट मिला. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने अपने अक्टूबर के World Economic Outlook में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाया. दिए गए इनपुट के अनुसार, IMF ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया. इसके पीछे मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों को अहम वजह बताया गया. GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ने से निवेशकों को यह उम्मीद मिल सकती है कि देश की अर्थव्यवस्था में गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी. इससे कंपनियों के कारोबार और कमाई की संभावनाओं को लेकर भी भरोसा बढ़ सकता है. हालांकि, बेहतर ग्रोथ अनुमान का असर सभी कंपनियों पर एक जैसा नहीं होता. अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के प्रदर्शन पर उनकी लागत, मांग और कारोबार से जुड़े दूसरे कारकों का भी असर पड़ता है.

4. IT शेयरों में जोरदार तेजी से Nifty को सपोर्ट

13 अक्टूबर को बाजार की तेजी में IT सेक्टर की भूमिका सबसे अहम रही. सेक्टर के शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी IT इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ गया. IT शेयरों में आई इस तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की. इसके अलावा FMCG और रियल्टी सेक्टर से भी बाजार को अच्छा सहारा मिला. इन दोनों सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 1% ऊपर रहा और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में लगभग आधे फीसदी की तेजी आई. सेक्टर के हिसाब से देखें तो बाजार में खरीदारी का फायदा हर क्षेत्र को एक समान नहीं मिला. IT, FMCG और रियल्टी शेयरों में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला, जबकि स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव बना रहा.

5. 22,300 के ऊपर Nifty में रिकवरी की उम्मीद

बाजार में तेजी की एक अन्य वजह टेक्निकल संकेत भी रहे. एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी का 22,300 के ऊपर बने रहना रिकवरी की संभावना के लिहाज से अहम है. टेक्निकल विश्लेषण में इंडेक्स के कुछ स्तरों को सपोर्ट और रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जाता है. सपोर्ट वह स्तर होता है, जहां खरीदारी आने की संभावना मानी जाती है. वहीं, रेजिस्टेंस वह स्तर होता है, जहां बिकवाली का दबाव सामने आ सकता है. निफ्टी का 22,300 के ऊपर कारोबार करना बाजार में खरीदारी की गुंजाइश का संकेत माना गया. हालांकि, बाजार की आगे की चाल इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंडेक्स इन स्तरों के ऊपर कितना टिक पाता है और खरीदारी का रुझान कितना मजबूत रहता है.

तेजी के बावजूद स्मॉलकैप शेयरों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के बावजूद व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं थी. निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग 1% गिरावट में था. इसका मतलब है कि बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के बावजूद छोटे शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा. इसलिए केवल सेंसेक्स और निफ्टी की तेजी देखकर पूरे बाजार में मजबूती का अनुमान लगाना सही नहीं होगा. निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी है कि तेजी कितने सेक्टर और कितने शेयरों में फैल रही है. अगर बाजार की बढ़त कुछ चुनिंदा सेक्टर तक सीमित रहती है, तो उसमें जोखिम बना रह सकता है.

आगे बाजार की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?

13 अक्टूबर की तेजी ने पिछले कारोबारी दिन की गिरावट के बाद बाजार को राहत दी. निचले स्तरों पर खरीदारी, GDP ग्रोथ के बेहतर अनुमान और IT शेयरों की मजबूती ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर पहुंचाया. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम अभी भी बना हुआ है. India VIX में दर्ज बढ़त और स्मॉलकैप शेयरों की कमजोरी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. आगे निवेशकों की नजर निफ्टी के 22,300 के स्तर के आसपास के प्रदर्शन, सेक्टरों की चाल और बाजार में खरीदारी की मजबूती पर रहेगी. बाजार में आई तेजी राहत जरूर देती है, लेकिन निवेश का फैसला केवल एक दिन के उछाल के आधार पर लेने के बजाय अपने जोखिम और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए.

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