Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबार की शुरुआत ज्यादा हलचल के बिना हुई. Sensex और Nifty दोनों लगभग सपाट स्तर पर खुले, जिससे संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं. पिछले कारोबारी सत्र में बाजार पर दबाव देखने को मिला था और आज की शुरुआत भी उसी सतर्क माहौल के बीच हुई है. बाजार की नजर इस समय कई अहम संकेतकों पर बनी हुई है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक बाजारों से मिलने वाले कमजोर संकेत, फेड रेट को लेकर चिंता और रुपये में कमजोरी जैसे फैक्टर निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रहे हैं.
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शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty का हाल
कारोबार शुरू होने के कुछ समय बाद बाजार में हल्की कमजोरी दिखाई दी. सुबह 9:25 बजे Sensex करीब 29 अंक फिसलकर 76,927 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं Nifty 50 भी करीब 22 अंक नीचे 24,057 के आसपास नजर आया. यानी शुरुआती कारोबार में बाजार में न तो तेज खरीदारी दिखी और न ही बड़ी बिकवाली. निवेशक फिलहाल बाजार की दिशा को लेकर इंतजार और सतर्कता वाला रुख अपनाते दिखाई दिए.
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार पर रहा दबाव
इससे पहले 31 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था. उस दिन Sensex करीब 307 अंक टूटकर 76,957 के स्तर पर बंद हुआ था. Nifty 50 में भी गिरावट रही और इंडेक्स करीब 95 अंक फिसलकर 24,080 के स्तर पर बंद हुआ. यानी आज के कारोबार की शुरुआत पिछले सत्र की कमजोरी के आसपास ही हुई है. बाजार में फिलहाल ऐसा कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं दिख रहा, जो निवेशकों में जोरदार खरीदारी का भरोसा पैदा कर सके.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता
बाजार के लिए इस समय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी एक अहम चिंता है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में क्रूड की कीमत बढ़ने से आयात लागत पर असर पड़ सकता है. तेल की कीमतों में लगातार मजबूती बाजार के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की चिंता पैदा हो सकती है. इसी वजह से निवेशक क्रूड की चाल पर लगातार नजर रख रहे हैं.
रुपये की कमजोरी से भी सेंटीमेंट प्रभावित
शेयर बाजार के लिए रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण है. डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी रहने से आयात करने वाली कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है. खासकर ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें भी ऊपर जा रही हों, रुपये की कमजोरी बाजार के लिए अतिरिक्त चिंता पैदा कर सकती है. यही वजह है कि निवेशक घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ करेंसी मार्केट की दिशा को भी ध्यान से देख रहे हैं.
Fed Rate को लेकर भी बनी चिंता
भारतीय बाजार पर ग्लोबल संकेतों का भी असर रहता है. इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी चिंता निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही है. अगर ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है, तो ग्लोबल स्तर पर निवेशकों का रुख ज्यादा सतर्क हो सकता है. इसका असर उभरते बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है.
Global Market का कमजोर रुझान
घरेलू बाजार को ग्लोबल मार्केट से भी बहुत ज्यादा सपोर्ट नहीं मिल रहा है. वैश्विक बाजारों के कमजोर रुझान ने भारतीय निवेशकों को भी सतर्क किया है. ऐसे माहौल में निवेशक बड़े दांव लगाने से बच सकते हैं और बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. यही तस्वीर शुरुआती कारोबार में भी दिखाई दे रही है, जहां Sensex और Nifty में बड़ी तेजी या बड़ी गिरावट नजर नहीं आई.
बाजार के लिए आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
आने वाले कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और ग्लोबल मार्केट के संकेतों पर रहेगी. इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनने वाली धारणा भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है. अगर इन मोर्चों पर दबाव बना रहता है, तो बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है. फिलहाल शुरुआती कारोबार से यही संकेत मिल रहा है कि निवेशक जोखिम लेने में जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं. Sensex और Nifty की सपाट शुरुआत बताती है कि बाजार किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहा है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
मौजूदा माहौल में बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की गुंजाइश बनी हुई है. एक तरफ घरेलू शेयर बाजार ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्रूड, रुपये और ग्लोबल मार्केट से जुड़े दबाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. ऐसे में आज के कारोबार में किसी एक दिशा में तेज मूवमेंट के बजाय बाजार में उतार-चढ़ाव और सतर्क कारोबार देखने को मिल सकता है.
कुल मिलाकर, 1 सितंबर के कारोबार की शुरुआत फिलहाल शांत रही है. Sensex करीब 76,927 और Nifty करीब 24,057 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं. अब बाजार की अगली दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि कच्चे तेल, रुपये और ग्लोबल संकेतों से निवेशकों को किस तरह के संकेत मिलते हैं.
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