Share Market: कच्चे तेल की तेजी के बीच शेयर बाजार में शानदार उछाल. Sensex 650 अंक चढ़ा, Nifty 24,150 के पार, Infosys में 4% की तेजी

तनीषा त्यागी

29 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 29 2026 11:21 AM)

कच्चे तेल की तेजी के बीच शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की. सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,150 के पार गया और इंफोसिस में 4 फीसदी उछाल दिखा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएमसीजी शेयरों में सुबह अच्छी खरीदारी दिखी

विशेषज्ञों ने 23,880 को सहारा और 24,400 को अगला लक्ष्य बताया

विदेशी और घरेलू निवेशकों की शुद्ध खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना रहा और शुरुआती कारोबार में ही प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए. कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex करीब 646 अंक की तेजी के साथ 77,411.61 के स्तर पर खुला. वहीं NSE Nifty 50 लगभग 175 अंक चढ़कर 24,160 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला और कई दिग्गज शेयरों ने शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त दर्ज की.

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इन दिग्गज शेयरों ने संभाली बाजार की कमान

बुधवार के शुरुआती कारोबार में आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. Nifty 50 में Larsen & Toubro, Infosys, Hindustan Unilever, Bharti Airtel और Bajaj Finance सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे. खास तौर पर Infosys के शेयर में करीब 4 प्रतिशत की तेजी ने पूरे आईटी सेक्टर का मनोबल बढ़ाया.

तकनीकी स्तरों पर क्या कह रहे हैं संकेत

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक फिलहाल बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है. जब तक Nifty 23,880 के सपोर्ट स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी का रुख कायम रह सकता है. अगर Nifty 24,100 से 24,150 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करता है, तो अगला लक्ष्य 24,400 तक देखने को मिल सकता है. वहीं यदि इंडेक्स 23,880 के नीचे फिसलता है, तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है और बाजार 23,725 तक आ सकता है. बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है. आने वाले दिनों में यही दोनों फैक्टर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

वैश्विक संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया. GIFT Nifty करीब 165 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जिससे घरेलू बाजार के लिए मजबूत शुरुआत के संकेत मिले. हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव दोबारा बढ़ने की खबरों के बाद वैश्विक बाजारों में सतर्कता बनी हुई है. इसके बावजूद निवेशकों ने फिलहाल इक्विटी बाजारों में खरीदारी जारी रखी.

एशियाई बाजारों में भी रही तेजी

एशिया के अधिकांश शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली. दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 1.95 प्रतिशत चढ़ा जबकि Kosdaq में लगभग 1.5 प्रतिशत की तेजी रही. जापान का Nikkei 225 भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया. वहीं Topix इंडेक्स में भी मजबूती दर्ज की गई. हांगकांग के Hang Seng इंडेक्स के फ्यूचर्स भी सकारात्मक संकेत दे रहे थे. अमेरिकी बाजारों ने भी दिया मजबूत संकेत. मंगलवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. Dow Jones 537 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ. S&P 500 भी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite में हल्की कमजोरी देखने को मिली. बुधवार सुबह अमेरिकी शेयर वायदा बाजार भी हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है.

कच्चे तेल में उछाल बना चिंता का विषय

शेयर बाजार में तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला. West Texas Intermediate (WTI) Crude लगभग 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. वहीं Brent Crude भी करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया और 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका असर आने वाले दिनों में भारतीय बाजार और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है.

सोना और चांदी में आई नरमी

जहां इक्विटी बाजार में तेजी रही, वहीं कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 0.57 प्रतिशत फिसल गई. भारत में भी 24 कैरेट सोने का भाव पिछले कारोबारी दिन की तुलना में करीब 1.09 प्रतिशत नीचे रहा. चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. घरेलू बाजार में चांदी करीब 2.39 प्रतिशत कमजोर हुई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसमें हल्की नरमी देखने को मिली.

विदेशी और घरेलू निवेशकों ने की खरीदारी

28 जुलाई के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹755.33 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी करीब ₹1,664.16 करोड़ के शेयर खरीदे. दोनों श्रेणियों के निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की मजबूती को समर्थन दिया.

रुपये में आई हल्की मजबूती

भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ. 28 जुलाई को रुपया करीब 0.04 प्रतिशत मजबूत होकर 95.85 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ. वहीं डॉलर इंडेक्स लगभग 101.40 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया.

मंगलवार को किन सेक्टर्स में रही सबसे ज्यादा तेजी

पिछले कारोबारी सत्र में ट्रांसपोर्ट सेक्टर सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा. इसके बाद ई-कॉमर्स, रबर और स्मॉल फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. वहीं ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई.

आगे किन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर

फिलहाल बाजार का रुख सकारात्मक दिखाई दे रहा है, लेकिन निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी रहेगी. अगर वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. वहीं कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी रहेगी.