Market Weekly Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी अहम रहने वाला है. एक तरफ अमेरिका, भारत, चीन और ब्रिटेन से आने वाले महंगाई और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे, तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी. इसके अलावा विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव जैसे ग्लोबल फैक्टर भी निवेशकों के रडार पर रहेंगे.
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बीते हफ्ते बाजार ने मजबूती दिखाई. निफ्टी 24,570.65 के स्तर पर बंद हुआ और इसमें 0.77 फीसदी की तेजी रही. वहीं निफ्टी बैंक 57,746.45 पर बंद हुआ और इसमें 0.84 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. अब सवाल यह है कि इस हफ्ते बाजार की चाल कैसी रह सकती है और किन आंकड़ों पर निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर रहेगी.
महंगाई के आंकड़े तय करेंगे बाजार की दिशा
इस हफ्ते बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में महंगाई से जुड़े आंकड़े शामिल हैं. 11 अगस्त को चीन के CPI और PPI के आंकड़े जारी होंगे. चीन की महंगाई के आंकड़े दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मांग और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति का संकेत देंगे. इसके अगले दिन यानी 12 अगस्त को अमेरिका के जुलाई CPI आंकड़े सामने आएंगे. यह आंकड़ा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. महंगाई में नरमी आती है तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हो सकती है, जबकि महंगाई ज्यादा रहने पर बाजार में दबाव देखने को मिल सकता है. 12 अगस्त को ही भारत के जुलाई रिटेल महंगाई यानी CPI के आंकड़े आएंगे. घरेलू बाजार के लिए यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महंगाई और ब्याज दरों के बीच सीधा संबंध है. 13 अगस्त को अमेरिका का जुलाई PPI डेटा आएगा. इसके अलावा अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स और UK की दूसरी तिमाही की GDP ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं. हफ्ते के आखिर में 14 अगस्त को भारत के जुलाई थोक महंगाई यानी WPI के आंकड़े जारी होंगे.
कंपनियों के तिमाही नतीजों की भी भरमार
इस हफ्ते बाजार में कंपनियों के नतीजों की भी काफी हलचल रहेगी. 10 अगस्त को Vodafone Idea, Bosch, Bharat Forge, Info Edge, Linde India, Hindustan Copper, Gland Pharma, Wockhardt, AstraZeneca Pharma, Amara Raja, KEC International और Zee Entertainment जैसी कंपनियों के नतीजे आने हैं.
- 11 अगस्त को Siemens, Zydus Lifesciences, MRF, RVNL, PI Industries, Manappuram Finance, NBCC India, Gujarat Energy, Kalpataru Projects International, IFCI, TD Power Systems, Finolex Cables, Swan Defence, SKF India और Balrampur Chini जैसी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी.
- 12 अगस्त भी काफी व्यस्त रहने वाला है. इस दिन Hindustan Aeronautics, Grasim Industries, Tata Motors, Apollo Hospitals, GMR Airports, Lenskart Solutions, GIC, Abbott India, Gujarat Fluoro, AIA Engineering, Aditya Infotech, Petronet LNG, IRCTC, Astral, Sansera Engineering, Caplin Point Labs और Sun TV Network के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी.
- 13 अगस्त को Solar Industries, Tata Motors PV, LG Electronics India, Max Financial, Page Industries, Godrej Industries, Ipca Labs, Endurance Technologies, Jubilant FoodWorks, ITI, KIOCL, CESC, IGL, Brigade Enterprises और Sammaan Capital के नतीजे आने हैं.
- 14 अगस्त को Ashok Leyland, Alkem Labs, Tube Investments, Bharat Dynamics, Voltas, 3M India, Patanjali Foods, Schneider Electric, Cholamandalam Financial और PTC Industries जैसी कंपनियों के नतीजे बाजार को प्रभावित कर सकते हैं.
विदेशी निवेशकों की वापसी बाजार के लिए पॉजिटिव
बाजार के लिए सबसे अच्छी खबर विदेशी निवेशकों की वापसी है. बीते हफ्ते FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में 1,873 करोड़ रुपये की खरीदारी की. लंबे समय से विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय रही है. ऐसे में FII खरीदारी का लौटना बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी राहत मिली है. बीते हफ्ते क्रूड करीब 5 फीसदी टूट गया और ब्रेंट क्रूड का भाव 83.55 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आमतौर पर सकारात्मक मानी जाती है. रुपये में भी रिकवरी देखने को मिली है और डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 95 के स्तर पर रहा. अगर रुपये में आगे भी स्थिरता बनी रहती है, तो इससे बाजार के सेंटीमेंट को सपोर्ट मिल सकता है.
अमेरिका-ईरान तनाव और टैरिफ बने चिंता
बाजार के सामने कुछ जोखिम भी मौजूद हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इसके अलावा अमेरिका की ओर से भारत समेत पांच देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास होना भी ग्लोबल मार्केट के लिए एक अहम घटनाक्रम है. अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इसका असर कच्चे तेल, डॉलर और दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे सकता है.
सेक्टरों में PSU Bank और Defence का जलवा
बीते हफ्ते सेक्टरों की बात करें तो PSU Bank सबसे आगे रहा. इस इंडेक्स में 5.01 फीसदी की तेजी आई. Defence सेक्टर 4.30 फीसदी चढ़ा, जबकि Metal में 3.70 फीसदी और Auto सेक्टर में 3.14 फीसदी की बढ़त रही.
IT सेक्टर भी 2.73 फीसदी मजबूत हुआ. Consumption में 0.96 फीसदी, FMCG में 0.64 फीसदी, Oil & Gas में 0.57 फीसदी और Energy में 0.05 फीसदी की मामूली तेजी रही. Pharma भी 0.03 फीसदी मजबूत रहा.
दूसरी तरफ Media सेक्टर में सबसे ज्यादा 3.93 फीसदी की गिरावट रही. Capital Market 1.93 फीसदी, Realty 1.72 फीसदी और CPSE 0.70 फीसदी नीचे रहे. Private Bank और Finance सेक्टर में भी क्रमशः 0.47 फीसदी और 0.48 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
Nifty के टॉप गेनर्स और लूजर्स
बीते हफ्ते Nifty में Hindalco सबसे बड़ा गेनर रहा और इसके शेयर में 8.73 फीसदी की तेजी आई. Grasim 7.33 फीसदी चढ़ा, जबकि SBI में 6.77 फीसदी, Shriram Finance में 6.58 फीसदी और Eternal में 4.08 फीसदी की बढ़त रही.
वहीं Bajaj Finance में 5.54 फीसदी की गिरावट आई. Power Grid 4.43 फीसदी, Max Healthcare 2.85 फीसदी, HDFC Bank 2.27 फीसदी और Sun Pharma 2.11 फीसदी टूटे.
Midcap शेयरों में भी जोरदार हलचल
मिडकैप शेयरों में Sapphire Foods ने 21.56 फीसदी की शानदार तेजी दर्ज की. Neuland Labs 20.29 फीसदी, Devyani International 18.19 फीसदी, Ather Energy 17.16 फीसदी और Tata Technologies 16.97 फीसदी चढ़े.
दूसरी तरफ Zee Entertainment में 17.63 फीसदी की बड़ी गिरावट रही. MapMyIndia 14.69 फीसदी टूटा, जबकि Jain Resource 11.60 फीसदी, CemPro 11.13 फीसदी और Blue Star 9.77 फीसदी नीचे रहे.
Nifty में Doji पैटर्न, अब क्या संकेत?
तकनीकी नजरिए से देखें तो बीते हफ्ते Nifty में Doji पैटर्न बना. इसमें Open और Close का स्तर लगभग समान रहा. यह बाजार में अनिश्चितता और अगले मूव को लेकर सावधानी का संकेत दे सकता है. इस हफ्ते Nifty की रेंज 24,428 से 24,774 के बीच रह सकती है. 24,500 से 24,450 का जोन अहम सपोर्ट माना जा रहा है. वहीं 24,700 से 24,750 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेगा. अगर Nifty इन रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर मजबूती से टिकता है तो बाजार में आगे तेजी की गुंजाइश बन सकती है. वहीं सपोर्ट जोन के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में दबाव देखने को मिल सकता है.
इस हफ्ते बाजार की नजर कहां रहेगी?
कुल मिलाकर इस हफ्ते बाजार के लिए घरेलू और ग्लोबल दोनों मोर्चों पर कई अहम ट्रिगर मौजूद हैं. अमेरिका के CPI और PPI, भारत के CPI और WPI, चीन के महंगाई आंकड़े और UK GDP से लेकर कंपनियों के तिमाही नतीजे तक, हर घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा FII की खरीदारी जारी रहती है या नहीं, कच्चे तेल की कीमत किस दिशा में जाती है और अमेरिका-ईरान तनाव व टैरिफ से जुड़ी खबरें कैसी रहती हैं, यह भी बेहद अहम होगा. इसलिए इस हफ्ते बाजार में तेजी के साथ-साथ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. निवेशकों के लिए बेहतर रणनीति यही होगी कि वे महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों के साथ-साथ आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के नतीजों पर नजर रखें.
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