टाटा डिजिटल के बाद क्या माया टाटा संभालेंगी वेस्टसाइड की डिजिटल रणनीति

तनीषा त्यागी

06 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 6 2026 2:09 PM)

माया टाटा को वेस्टसाइड के विदेश ऑनलाइन कारोबार और डिजिटल मार्केटिंग में बड़ी भूमिका मिल सकती है. यह कदम टाटा समूह के डिजिटल फोकस और ग्लोबल विस्तार का संकेत देता है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

माया टाटा ने टाटा कैपिटल और टाटा डिजिटल में अनुभव लिया

माया टाटा, नोएल टाटा की सबसे छोटी बेटी मानी जाती हैं

टाटा डिजिटल में 24000 करोड़ रुपये निवेश के बाद भी नुकसान बढ़ा

टाटा समूह की अगली पीढ़ी से जुड़ा एक नाम इन दिनों चर्चा में है. खबर है कि माया टाटा को ट्रेंट लिमिटेड के फैशन ब्रांड वेस्टसाइड के विदेश कारोबार, ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. यह चर्चा ऐसे समय में तेज हुई है, जब वह पहले टाटा डिजिटल से जुड़ी रही हैं. मुख्य कहानी के मुताबिक, माया टाटा का यह संभावित रोल सिर्फ एक पद बदलाव नहीं माना जा रहा है. इसे टाटा समूह की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें डिजिटल कारोबार, ऑनलाइन ग्राहक पहुंच और विदेशी बाजार पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.

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माया टाटा कौन हैं?

माया टाटा, नोएल टाटा की सबसे छोटी बेटी हैं. नोएल टाटा इस समय टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं और रतन टाटा के सौतेले भाई बताए गए हैं. इस हिसाब से माया टाटा, रतन टाटा की भतीजी हैं. मुख्य कहानी के अनुसार, माया टाटा का जन्म 1989 में मुंबई में हुआ था. उन्होंने इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से पढ़ाई की और बाद में लंदन के बिजनेस स्कूल से बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंस की पढ़ाई पूरी की.

टाटा समूह में अब तक की भूमिका

पढ़ाई के बाद माया टाटा ने सीधे किसी बड़े पद से शुरुआत नहीं की. उन्होंने समूह की अलग अलग कंपनियों में काम करते हुए अनुभव लिया. सबसे पहले वह टाटा कैपिटल में रहीं, जहां वह टाटा अपॉर्च्युनिटीज फंड से जुड़ी थीं. इसके बाद उन्होंने टाटा डिजिटल में अहम जिम्मेदारियां संभालीं. टाटा डिजिटल, समूह के डिजिटल कारोबार को संभालने वाली कंपनी है. इसी कंपनी ने टाटा न्यू जैसे सुपर ऐप को शुरू किया था, जिसका मकसद समूह की कई सेवाओं को एक मंच पर लाना था. मुख्य कहानी में कहा गया है कि माया टाटा इस डिजिटल बदलाव का हिस्सा रही हैं और कई अहम परियोजनाओं में उनकी भूमिका रही.

टाटा डिजिटल के बाद क्यों बढ़ी चर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा संस ने टाटा डिजिटल में करीब 24,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था. इसके बावजूद कंपनी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली और जून 2026 तक कुल नुकसान करीब 17,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बाद से यह चर्चा शुरू हुई कि माया टाटा को समूह के किसी दूसरे बड़े कारोबार में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है.

वेस्टसाइड में क्या हो सकती है नई जिम्मेदारी

अब खबर है कि माया टाटा, ट्रेंट लिमिटेड के ब्रांड वेस्टसाइड के विदेशों में ऑनलाइन कारोबार और डिजिटल मार्केटिंग की कमान संभाल सकती हैं. इसका मतलब यह होगा कि उनका काम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगा. उनसे विदेशों में वेस्टसाइड की ऑनलाइन मौजूदगी मजबूत करने की भी उम्मीद की जा रही है. मुख्य कहानी के मुताबिक, इस काम में माया टाटा का डिजिटल कारोबार का अनुभव अहम माना जा रहा है. टाटा डिजिटल में काम करने के दौरान उन्हें ऑनलाइन मंच, ग्राहक पहुंच और डिजिटल परियोजनाओं का अनुभव मिला है.

वेस्टसाइड और ट्रेंट का विस्तार

वेस्टसाइड इस समय अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहा है. मुख्य कहानी में कहा गया है कि कंपनी ने हाल में संयुक्त अरब अमीरात में अपने पहले स्टोर खोले हैं. इसके साथ ही हर साल करीब 50 नए वेस्टसाइड स्टोर खोलने की योजना पर काम चल रहा है. सिर्फ वित्त वर्ष 2026 में वेस्टसाइड ने 50 से ज्यादा नए स्टोर शुरू किए. कंपनी का जोर सिर्फ ऑफलाइन स्टोर बढ़ाने पर नहीं है. वह ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल ग्राहक अनुभव को भी मजबूत करना चाहती है. यही वह जगह है, जहां माया टाटा की भूमिका अहम हो सकती है.

एक नजर में बड़ी बातें

  • माया टाटा, नोएल टाटा की सबसे छोटी बेटी हैं और रतन टाटा की भतीजी हैं.
  • वह टाटा कैपिटल और टाटा डिजिटल में काम कर चुकी हैं.
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा डिजिटल में 24,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ और जून 2026 तक करीब 17,000 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ.
  • चर्चा है कि माया टाटा को वेस्टसाइड के विदेशों में ऑनलाइन कारोबार और डिजिटल मार्केटिंग की जिम्मेदारी मिल सकती है.
  •  वेस्टसाइड ने संयुक्त अरब अमीरात में अपने पहले स्टोर खोले हैं और हर साल करीब 50 नए स्टोर जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है.

ट्रेंट की बड़ी योजना क्या दिखाती है

ट्रेंट लिमिटेड सिर्फ वेस्टसाइड ही नहीं चलाती, बल्कि जुडियो और स्टार बाजार जैसे बड़े रिटेल ब्रांड भी उसके पास हैं. मुख्य कहानी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी का कारोबार करीब 19,700 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. 321 शहरों में उसके 1,286 स्टोर हैं. इसी आधार पर यह माना जा रहा है कि कंपनी अब भारतीय फैशन ब्रांड को विदेशों में भी मजबूत पहचान दिलाना चाहती है. इसलिए डिजिटल कारोबार, ऑनलाइन मार्केटिंग और विदेशी बाजार में विस्तार पर तेज काम हो रहा है. माया टाटा की संभावित नियुक्ति को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

कुल मिलाकर, माया टाटा को वेस्टसाइड से जोड़ने की चर्चा टाटा समूह की अगली पीढ़ी, डिजिटल कारोबार और विदेशी विस्तार, इन तीनों बातों को एक साथ सामने लाती है. अब नजर इस पर रहेगी कि क्या वह वेस्टसाइड की भारत के बाहर ऑनलाइन और बाजार मौजूदगी को मजबूत बनाने में भूमिका निभाती हैं.