सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली. MCX Gold October Futures ने करीब ₹1,51,000-₹1,51,500 के स्तर से सपोर्ट लेने के बाद तेज रिकवरी दिखाई और कीमत ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई. पिछले हफ्ते Gold में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही.सिर्फ Gold ही नहीं, Silver में भी मजबूत उछाल देखने को मिला. चांदी करीब 5 फीसदी चढ़कर ₹2.42 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई.
ADVERTISEMENT
अब सवाल है कि अगले हफ्ते Gold की चाल कैसी रह सकती है? क्या मौजूदा तेजी आगे बढ़ेगी या ऊंचे स्तरों पर फिर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है?
Gold के लिए ये लेवल रहेंगे अहम
LKP Securities के VP Research Analyst Jateen Trivedi के मुताबिक, Gold का short-term technical setup फिलहाल मजबूत बना हुआ है. हाल की कीमतों में higher highs और higher lows का pattern देखने को मिला है. इसके अलावा volume और open interest में भी सुधार हुआ है.
अगले हफ्ते कारोबार में इन स्तरों पर नजर रखी जा सकती है.
- ₹1,52,900: अहम सपोर्ट
- ₹1,53,650: नजदीकी सपोर्ट और अहम ट्रेंड लेवल
- ₹1,54,600: प्रमुख resistance
- ₹1,54,600 के ऊपर टिकाव: तेजी के अगले दौर का संकेत दे सकता है
यानी मौजूदा स्तरों से अगर Gold में हल्की गिरावट आती है, तो ₹1,52,900 का स्तर काफी महत्वपूर्ण रहेगा. इसके नीचे जाने पर short-term तेजी का setup कमजोर पड़ सकता है.
वहीं ₹1,54,600 के ऊपर मजबूती से टिकने पर बाजार की नजर आगे के ऊपरी स्तरों पर जा सकती है.
Technical संकेत क्या कह रहे हैं?
Gold के short-term technical indicators भी फिलहाल तेजी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं. EMA 8 और EMA 21 का setup सकारात्मक है. वहीं MACD भी positive zone में बना हुआ है.
इसके अलावा हाल की तेजी के साथ volume में बढ़ोतरी और open interest में recovery भी देखने को मिली है. इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा move में बाजार की भागीदारी बढ़ी है.
Fed की ब्याज दरें बन सकती हैं चुनौती
हालांकि Gold के लिए पूरी तस्वीर एकतरफा नहीं है. अमेरिकी Federal Reserve की ब्याज दरों की दिशा अगले हफ्ते भी बाजार के लिए अहम रहेगी. ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर Gold के लिए चुनौती होती हैं. इसकी वजह यह है कि Gold पर ब्याज नहीं मिलता. ऐसे में जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में Gold की आकर्षकता पर दबाव आ सकता है. यानी Fed की सख्त नीति Gold की तेजी की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है.
Goldman Sachs को लंबी अवधि में अब भी भरोसा
इसके बावजूद Goldman Sachs का Gold को लेकर लंबी अवधि का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है. Goldman ने 2027 के अंत के लिए Gold का $5,400 प्रति औंस का अनुमान बरकरार रखा है. हालांकि 2026 के अंत का उसका fair value अनुमान $4,900 से घटाकर $4,650 प्रति औंस कर दिया गया है.
इसका सीधा मतलब यह है कि Goldman को ऊंची ब्याज दरों से आने वाले महीनों में Gold की तेजी की रफ्तार पर असर पड़ने की आशंका है, लेकिन बैंक इसे लंबी अवधि की तेजी के लिए बड़ा खतरा नहीं मान रहा.
Central Banks की खरीदारी Gold को दे रही ताकत
Gold की लंबी अवधि की कहानी में Central Bank buying भी बड़ा factor बनी हुई है. Goldman के मुताबिक Central Banks की Gold खरीदारी करीब 91 टन प्रति महीना चल रही है, जो 2022 से पहले के करीब 17 टन के औसत से काफी ज्यादा है.
यही वजह है कि बाजार में Gold को लेकर एक तरफ Fed की ऊंची दरों का दबाव है, तो दूसरी तरफ Central Banks की लगातार खरीदारी इसे सहारा दे रही है.
अगले हफ्ते Gold से क्या उम्मीद?
कुल मिलाकर अगले हफ्ते Gold में ₹1,52,900 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट बन सकता है. जब तक कीमत इसके ऊपर बनी रहती है, short-term trend को मजबूत माना जा सकता है. वहीं ऊपर की तरफ ₹1,54,600 महत्वपूर्ण resistance रहेगा. इसके ऊपर मजबूत टिकाव मिलने पर तेजी का अगला चरण शुरू होने के संकेत मिल सकते हैं. लेकिन अगर ₹1,52,900 का support टूटता है, तो बाजार में correction का दबाव बढ़ सकता है..
यानी Gold की अगली चाल के लिए अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय खबरों पर नहीं, बल्कि Fed की नीति, Central Bank buying और ₹1,52,900-₹1,54,600 की इस अहम range पर भी नजर रखनी होगी.
ADVERTISEMENT

