सोने और चांदी की कीमतों में 10 अगस्त को तेज हलचल दिखी. शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर चांदी 3,700 रुपये से ज्यादा उछलकर 2.35 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई. इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा.
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सोने की चाल थोड़ी अलग रही. पिछले हफ्ते की तेज बढ़त के बाद शुरुआत में मुनाफावसूली दिखी, जिससे भाव नीचे आए. इसके बाद खरीदारी लौटी और सोना करीब 1,000 रुपये तक चढ़ गया.
एमसीएक्स पर क्या हुआ
एमसीएक्स पर 4 सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र में 2,31,466 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी. 10 अगस्त को यह 2,31,799 रुपये पर खुली. कारोबार शुरू होते ही इसमें तेज खरीदारी आई और एक समय भाव 2,35,200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए.
पिछला बंद भाव 2,31,466 रुपये प्रति किलो रहा.खुलने का भाव 2,31,799 रुपये प्रति किलो रहा.इंट्रा डे में चांदी 3,700 रुपये से ज्यादा उछलकर 2,35,200 रुपये प्रति किलो तक पहुंची.
सोने और चांदी की सालभर की चाल
इस साल दोनों की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिला है. सोना 2026 में अब तक 18 हजार रुपये महंगा हुआ है. 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपये के ऊपर था, जो अब 1.51 लाख रुपये पर पहुंच गया है.
चांदी की कीमत में अब तक 3 हजार रुपये की बढ़त है. 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो अब 2.33 लाख रुपये पर है. इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये और चांदी ने 3.86 लाख रुपये का सबसे ऊंचा स्तर भी छुआ था.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या तस्वीर रही
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं दिखी. स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी गिरकर 63.45 डॉलर प्रति औंस पर थी. यानी भारत के एमसीएक्स में जहां चांदी में तेज बढ़त दिखी, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसी समय हल्की कमजोरी नजर आई.
तेजी की वजह क्या बताई जा रही है
बाजार के जानकारों के मुताबिक, चांदी की तेजी के पीछे कई वजहें हैं. जानकारों का कहना है कि मिडिल ईस्ट का संकट इस बढ़त की बड़ी वजह है. उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में निवेशक शेयर बाजार जैसे ज्यादा जोखिम वाले ठिकानों से पैसा निकालकर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं.
इसी के साथ बाजार की नजर अमेरिका के कमजोर जॉब डेटा और सितंबर में अमेरिकी फेड की ब्याज दरों पर भी बनी हुई है. हालांकि, दिए गए इनपुट में तेजी की सीधी वजह के तौर पर जानकारों ने मिडिल ईस्ट के संकट को सबसे अहम बताया है.
कुल मिलाकर, 10 अगस्त के शुरुआती कारोबार में चांदी ने सबसे ज्यादा चौंकाया, जबकि सोने में गिरावट के बाद फिर खरीदारी लौटी. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल अलग दिखी, लेकिन सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमती धातुओं को सहारा दिया. आगे कीमतों की दिशा पर बाजार की नजर बनी रहेगी.
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