अगर आप आने वाले दिनों में नया मोबाइल खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. सरकार मोबाइल हैंडसेट पर लगने वाले 18% GST को घटाकर 5% करने पर विचार कर सकती है. अगर ऐसा हुआ, तो इसका सीधा असर मोबाइल की कीमतों पर पड़ सकता है.
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लेकिन कहानी सिर्फ मोबाइल सस्ता होने तक सीमित नहीं है. सरकार के लिए यह कदम कमजोर पड़ रही मांग को संभालने और देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से भी जुड़ा हो सकता है.
तो आखिर मोबाइल पर GST घटाने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है? और अगर GST 18% से घटकर 5% हुआ, तो आपके पसंदीदा iPhone की कीमत कितनी कम हो सकती है? आइए पूरा गणित समझते हैं.
स्मार्टफोन बाजार में क्यों आई सुस्ती?
भारत का स्मार्टफोन बाजार इस समय दबाव में है. Counterpoint Research और IDC के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच देश में स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 10-11% की गिरावट आई है. जून तिमाही की यह गिरावट करीब छह साल की सबसे बड़ी गिरावट में से एक बताई जा रही है.
यानी कंपनियों के सामने दोहरी चुनौती है.
- एक तरफ स्मार्टफोन की मांग कमजोर पड़ रही है.
- दूसरी तरफ फोन बनाने की लागत बढ़ रही है.
- चिप और मेमोरी जैसे जरूरी कंपोनेंट महंगे हुए हैं.
- बढ़ती लागत का दबाव कंपनियों के मार्जिन पर भी पड़ रहा है.
कुछ रिपोर्ट्स में पिछले एक साल के दौरान चिप-मेमोरी की कीमतों में 400% से ज्यादा की बढ़ोतरी का दावा किया गया है.
18% GST घटाने की मांग क्यों?
फिलहाल मोबाइल फोन पर 18% GST लगता है. मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियां चाहती हैं कि इसे घटाकर 5% किया जाए.
कंपनियों की दलील सीधी है. अगर टैक्स का बोझ कम होगा, तो मोबाइल की अंतिम कीमत घटाने की गुंजाइश बढ़ेगी. इससे ग्राहक कम कीमत पर फोन खरीद पाएंगे और कमजोर मांग को सहारा मिल सकता है.
यही वजह है कि संभावित GST कटौती को सिर्फ ग्राहकों के लिए राहत के तौर पर नहीं देखा जा रहा. इसका एक बड़ा मकसद भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मजबूत करना हो सकता है.
भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर भी पड़ेगा असर
भारत में मोबाइल फोन उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब ₹6.27 लाख करोड़ रहा. यह कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन ₹13.11 लाख करोड़ का लगभग आधा है.
सरकार इस सेक्टर को और विस्तार देना चाहती है. इसके लिए हाल ही में ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी गई है. यह योजना FY27 से FY31 तक पांच साल चलेगी.
इसका फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि घरेलू वैल्यू एडिशन और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी है.
ऐसे में अगर मोबाइल की कीमतें ऊंची रहती हैं और मांग कमजोर पड़ती है, तो इसका असर कंपनियों की विस्तार योजनाओं पर भी पड़ सकता है.
GST 18% से 5% हुआ तो ₹1 लाख का फोन कितना सस्ता होगा?
अब आते हैं सबसे दिलचस्प हिस्से पर.
मान लीजिए किसी मोबाइल की मौजूदा कीमत ₹1 लाख है और इसमें 18% GST शामिल है. GST घटकर 5% होने पर, अगर कंपनी पूरी टैक्स बचत ग्राहक को देती है, तो बेस प्राइस के हिसाब से फोन की कीमत करीब ₹89 हजार हो सकती है.
यानी ग्राहक को लगभग ₹11 हजार की बचत हो सकती है.
लेकिन यह सिर्फ गणितीय अनुमान है. असली कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां टैक्स में हुई पूरी बचत ग्राहक तक पहुंचाती हैं या नहीं.
iPhone की कीमत पर कितना असर पड़ेगा?
अगर इसी गणित को मौजूदा iPhone कीमतों पर लागू करें, तो तस्वीर काफी दिलचस्प बनती है.
- iPhone 17: ₹82,900 की शुरुआती कीमत करीब ₹73,800 हो सकती है. संभावित बचत करीब ₹9,100.
- iPhone Air: ₹1,19,900 की कीमत करीब ₹1.07 लाख हो सकती है. संभावित बचत करीब ₹13,000.
- iPhone 17 Pro: ₹1,34,900 की शुरुआती कीमत करीब ₹1.20 लाख हो सकती है. संभावित बचत करीब ₹15,000.
- 2TB मॉडल: ₹2,29,900 की कीमत पर संभावित बचत करीब ₹25,000 तक पहुंच सकती है.
क्या सच में इतने सस्ते होंगे iPhone?
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. ऊपर दिए गए सभी आंकड़े सिर्फ सैद्धांतिक गणना हैं, नई या तय कीमतें नहीं.
GST घटने के बाद कंपनियां पूरी बचत ग्राहकों को देंगी, यह जरूरी नहीं है. कंपनी का मार्जिन, कीमत तय करने की रणनीति और दूसरे खर्च अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं.
फिलहाल 18% से 5% GST करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. 7 अक्टूबर को होने वाली GST Council की बैठक में इस मुद्दे पर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.
यानी अगर GST कटता है, तो फायदा सिर्फ मोबाइल खरीदने वालों को नहीं मिल सकता. इससे स्मार्टफोन की मांग को सहारा मिलने और भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है. अब नजर इस बात पर है कि सरकार टैक्स में कितनी कटौती करती है और कंपनियां उसका कितना फायदा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं.
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