PLI Scheme 2.0 : मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा सहारा, PLI Scheme 2.0 पर 62500 करोड़ मंजूर

तनीषा त्यागी

• 05:01 PM • 15 Jul 2026

सरकार ने मोबाइल PLI Scheme 2.0 के लिए 62500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इससे उत्पादन, निर्यात, निवेश और नई नौकरियों को तेज बढ़त मिलने की उम्मीद है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

नई योजना का मकसद भारत में निवेश, उत्पादन और निर्यात बढ़ाना है

5 साल में मोबाइल उत्पादन बढ़कर 5.5 लाख करोड़ से ऊपर गया

मोबाइल निर्यात 27000 करोड़ से बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ हुआ

मोबाइल सेक्टर के लिए सरकार का बड़ा फैसल

 केंद्र सरकार ने देश में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन के लिए Production Linked Incentive (PLI) Scheme 2.0 को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत कुल ₹62,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी. उनका कहना है कि नई PLI योजना का उद्देश्य भारत को मोबाइल निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में और मजबूत बनाना है

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क्या है PLI Scheme 2.0?

Production Linked Incentive यानी PLI योजना ऐसी सरकारी पहल है, जिसके तहत कंपनियों को देश में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है. मोबाइल फोन के लिए शुरू की गई दूसरी PLI योजना का मकसद भारत में अधिक निवेश आकर्षित करना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और वैश्विक कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहित करना है. सरकार का मानना है कि इससे देश में मोबाइल निर्माण क्षमता और मजबूत होगी तथा निर्यात को भी नई गति मिलेगी.

मोबाइल उत्पादन में बड़ी छलांग

सरकार के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज वृद्धि दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2019-20 में देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब ₹2.14 लाख करोड़ था. यह बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹5.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है. यानी पांच वर्षों के भीतर मोबाइल उत्पादन दोगुने से भी ज्यादा स्तर पर पहुंच गया है.

निर्यात में भी कई गुना बढ़ोतरी

सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि मोबाइल फोन के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2019-20 में भारत से करीब ₹27,000 करोड़ के मोबाइल फोन का निर्यात हुआ था. वहीं वित्त वर्ष 2024-25 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹2 लाख करोड़ पहुंच गया. इस तरह कुछ ही वर्षों में मोबाइल निर्यात कई गुना बढ़ गया है.

स्मार्टफोन बने भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद

 कैलेंडर वर्ष 2025 में स्मार्टफोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बनकर उभरा है. इस दौरान भारत से ₹2.62 लाख करोड़ मूल्य के स्मार्टफोन का निर्यात किया गया. इस श्रेणी में iPhone बनाने वाली Apple का सबसे बड़ा योगदान रहा.

भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता

सरकार की उत्पादन बढ़ाने वाली नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है. एक समय ऐसा था जब देश मोबाइल फोन का आयात करता था, लेकिन अब भारत शुद्ध निर्यातक के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. देश में इस समय 300 से अधिक मोबाइल निर्माण इकाइयां संचालित हो रही हैं.

PLI Scheme 2.0 से क्या होगा फायदा?

नई PLI योजना से मोबाइल उद्योग को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है. घरेलू उत्पादन बढ़ेगा. नए निवेश आकर्षित होंगे. मोबाइल निर्यात को और मजबूती मिलेगी. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं. साथ ही भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी और मजबूत होने की संभावना है.

सरकार का फोकस मैन्युफैक्चरिंग पर

 मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में मिली सफलता के बाद सरकार अब इस सेक्टर को अगले चरण में ले जाना चाहती है. PLI Scheme 2.0 को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. सरकार का उद्देश्य भारत को सिर्फ बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है.

निष्कर्ष

 मोबाइल फोन के लिए ₹62,500 करोड़ की PLI Scheme 2.0 को मंजूरी भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में उत्पादन और निर्यात में तेज वृद्धि के बाद सरकार अब इस रफ्तार को और आगे बढ़ाना चाहती है. अगर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक मोबाइल निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है.