Market Outlook : शेयर बाजार के लिए बीता कारोबारी हफ्ता निवेशकों के लिहाज से कमजोर रहा. Nifty एक बार फिर 24 हजार के अहम स्तर के नीचे फिसल गया, जबकि Nifty MidCap Select में इससे भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली. हालांकि, बाजार में हर तरफ बिकवाली नहीं रही. Oil & Gas, CPSE और Energy जैसे कुछ क्षेत्रों में खरीदारी बनी रही, जबकि कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ाया. ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की दिशा के लिए 24 हजार का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इसके साथ ही Bank Nifty, Midcap शेयरों और अलग-अलग सेक्टर्स में होने वाली खरीदारी और बिकवाली पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
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Nifty 24 हजार के नीचे, 1.15 फीसदी की गिरावट
सप्ताह के दौरान Nifty में कुल 277.95 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही यह 1.15 फीसदी टूटकर 23,897.70 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार के लिए सबसे अहम बात यह रही कि Nifty 24 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया. अब यही 24 हजार का स्तर अगले सप्ताह बाजार के लिए अहम पड़ाव बन गया है. अगर Nifty 24 हजार के ऊपर वापसी करता है और इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में खरीदारी लौटने की संभावना बन सकती है. इसके बाद 24,100 से 24,200 के स्तर महत्वपूर्ण रह सकते हैं. वहीं, अगर Nifty 24 हजार के नीचे ही दबाव में रहता है, तो 23,800 का स्तर अहम सहारा बन सकता है. इस स्तर के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है.
Bank Nifty में सीमित गिरावट
बैंकिंग शेयरों की स्थिति व्यापक बाजार की तुलना में थोड़ी बेहतर रही. Nifty Bank में इस सप्ताह 126.65 अंकों यानी 0.22 फीसदी की गिरावट आई और यह 57,369.65 के स्तर पर बंद हुआ. Bank Nifty में गिरावट Nifty की तुलना में कम रही, जिससे संकेत मिलता है कि बैंकिंग क्षेत्र में फिलहाल बिकवाली का दबाव सीमित रहा. हालांकि, इंडेक्स में मजबूत तेजी के संकेत भी नजर नहीं आए. अगले सप्ताह Bank Nifty के लिए 57 हजार का स्तर अहम सहारा बन सकता है. वहीं 57,500 का स्तर महत्वपूर्ण रुकावट के तौर पर देखा जा सकता है. बाजार की अगली दिशा तय करने में इन स्तरों की भूमिका अहम रह सकती है.
Midcap शेयरों में ज्यादा कमजोरी
बड़े शेयरों के मुकाबले मझोले शेयरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला. Nifty MidCap Select 253.05 अंक यानी 1.69 फीसदी गिरकर 14,713.65 के स्तर पर बंद हुआ. Midcap सूचकांक में आई यह गिरावट बताती है कि बाजार में जोखिम वाले शेयरों को लेकर निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क है. हालांकि, पूरे Midcap बाजार में एक जैसा प्रदर्शन नहीं रहा. कुछ शेयरों में जहां दोहरे अंकों में तेजी रही, वहीं कई शेयरों में 10 से 15 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. इससे बाजार में जारी Stock Specific गतिविधियों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
Oil & Gas और Energy में खरीदारी
सेक्टर्स की बात करें तो इस सप्ताह Oil & Gas सबसे मजबूत क्षेत्रों में रहा. इस सेक्टर में 1.08 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा CPSE में 0.54 फीसदी और Energy सेक्टर में 0.17 फीसदी की बढ़त रही. Finance सेक्टर भी 0.10 फीसदी मजबूत हुआ. यानी बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही. खास तौर पर Oil & Gas और Energy से जुड़े शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया.
Auto सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
दूसरी तरफ Auto सेक्टर इस सप्ताह सबसे ज्यादा कमजोर रहा. Auto इंडेक्स में 3.95 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद Consumption में 2.57 फीसदी, Private Bank में 2.34 फीसदी और Media सेक्टर में 2.34 फीसदी की गिरावट रही. FMCG 1.97 फीसदी, Pharma 1.90 फीसदी और IT 1.88 फीसदी नीचे रहे. Metal सेक्टर में 1.54 फीसदी और Capital Markets में 1.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. PSU Bank भी 1.04 फीसदी कमजोर रहा. इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में दबाव सिर्फ एक या दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा. कई प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली.
Coal India और Reliance ने दिया सहारा
Nifty के प्रमुख बढ़ने वाले शेयरों की बात करें तो Coal India इस सप्ताह सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहा. इसमें 3.58 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. Reliance Industries में 2.72 फीसदी की बढ़त रही. Tata Steel 1.23 फीसदी चढ़ा, जबकि ONGC में 1.03 फीसदी की तेजी आई. Grasim भी 0.97 फीसदी मजबूत रहा. इस प्रदर्शन से यह साफ है कि बाजार में गिरावट के बीच भी कुछ बड़े शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही.
Adani Enterprises और Auto शेयरों में भारी गिरावट
Nifty के प्रमुख कमजोर शेयरों में Adani Enterprises सबसे आगे रहा. कंपनी के शेयर में 7.27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा Eicher Motors 5.32 फीसदी, Maruti 5.10 फीसदी और M&M 4.92 फीसदी नीचे रहे. Shriram Finance में भी 4.22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. खास तौर पर Auto क्षेत्र के तीन बड़े नामों Maruti, Eicher Motors और M&M में आई गिरावट ने इस सेक्टर पर दबाव को और स्पष्ट किया.
Midcap में NIACL की शानदार तेजी
Midcap शेयरों में कुछ कंपनियों ने बेहद मजबूत प्रदर्शन किया. NIACL के शेयर में 23.31 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. IFCI 12.69 फीसदी चढ़ा, जबकि Tejas Networks में 11.87 फीसदी की बढ़त रही. Caplin Point 11.37 फीसदी और SPL Petro 10.47 फीसदी मजबूत हुए. इन शेयरों का प्रदर्शन बताता है कि Midcap बाजार में भले ही व्यापक स्तर पर कमजोरी रही हो, लेकिन चुनिंदा शेयरों में खरीदारी काफी मजबूत रही.
RR Kabel और KEI Industries में बड़ी गिरावट
दूसरी तरफ Midcap के कमजोर शेयरों में RR Kabel सबसे ज्यादा गिरा. इसके शेयर में 15.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. KEI Industries 12.93 फीसदी नीचे रहा. Adani Solutions में 10.86 फीसदी, ZEEL में 10.05 फीसदी और Aarti Industries में 9.30 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. यानी Midcap सेगमेंट में तेजी और गिरावट के बीच अंतर काफी बड़ा रहा. जहां कुछ शेयरों में 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, वहीं कुछ शेयर एक हफ्ते में 10 फीसदी से ज्यादा टूट गए.
अगले हफ्ते 24 हजार का स्तर होगा सबसे अहम
अब नजर अगले सप्ताह के बाजार पर है. Nifty के लिए 24 हजार का स्तर सबसे महत्वपूर्ण रहेगा. इस स्तर के ऊपर वापसी बाजार में सकारात्मक संकेत दे सकती है. अगर Nifty 24 हजार के ऊपर टिकता है, तो 24,100 से 24,200 की तरफ बढ़ने की कोशिश देखने को मिल सकती है. इसके बाद 24,300 का स्तर भी महत्वपूर्ण हो सकता है. वहीं, अगर Nifty 24 हजार के नीचे ही बना रहता है, तो 23,800 का स्तर अहम सहारा होगा. इस स्तर के टूटने पर बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है. Bank Nifty में भी 57 हजार के स्तर पर नजर रखनी होगी. इसके ऊपर 57,500 का स्तर बाजार की अगली दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.
निवेशकों के लिए क्या संकेत
पूरे आंकड़ों को देखें तो इस समय बाजार में व्यापक तेजी का संकेत नहीं मिल रहा है. बड़े सूचकांकों में गिरावट है और Midcap में भी दबाव देखने को मिला है. हालांकि, कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और शेयरों में खरीदारी बनी हुई है. ऐसे माहौल में बाजार की दिशा तय करने में 24 हजार का स्तर महत्वपूर्ण होगा. साथ ही Oil & Gas और Energy जैसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों पर नजर रहेगी. दूसरी तरफ Auto, IT, Pharma, FMCG और Consumption जैसे कमजोर क्षेत्रों में बिकवाली जारी रहती है या नहीं, यह भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगा.
कुल मिलाकर अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है. Nifty के लिए 24 हजार का स्तर निर्णायक रहेगा. इसके ऊपर वापसी बाजार में भरोसा बढ़ा सकती है, जबकि 24 हजार के नीचे लगातार कमजोरी 23,800 के स्तर को महत्वपूर्ण बना देगी. ऐसे में अगले सप्ताह निवेशकों की नजर सिर्फ Nifty और Bank Nifty पर नहीं, बल्कि सेक्टर और शेयरों के प्रदर्शन पर भी रहेगी. बाजार में इस समय Stock Specific गतिविधियां काफी तेज हैं, इसलिए मजबूत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों और शेयरों की चाल पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.
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