Stock Market : भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के पहले कारोबारी दिन कमजोर शुरुआत की है. अमेरिका से मिले नकारात्मक संकेत, वैश्विक बाजारों में जारी दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने घरेलू बाजार के निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर किया है. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों लाल निशान में नजर आए, जबकि मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली. बाजार की शुरुआत में बैंकिंग सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जरूर दिखाई दी, लेकिन इसके अलावा ज्यादातर प्रमुख सेक्टर्स में दबाव बना रहा. ऐसे में आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
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गिरावट के साथ खुला निफ्टी और सेंसेक्स
हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 133.78 अंक यानी 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 77,130.73 के स्तर पर खुला. वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 58.10 अंक यानी 0.24 फीसदी टूटकर 24,117.55 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता नजर आया. निफ्टी बैंक भी कमजोरी के साथ खुला. इंडेक्स करीब 142 अंक गिरकर 57,353 के स्तर पर पहुंच गया. यानी बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया. खास बात यह रही कि निजी बैंक शेयरों को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली.
मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिया. हिंदाल्को और टाटा स्टील जैसे प्रमुख मेटल शेयरों में बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी के शुरुआती गिरावट वाले शेयरों में हिंदाल्को प्रमुख नाम रहा. वहीं टाटा स्टील भी करीब 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ खुला. कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच मेटल शेयरों पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है. इस सेक्टर में आज के कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
अमेरिका से आई खबर ने बढ़ाई बाजार की चिंता
भारतीय बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिका से मिले संकेत हैं. अमेरिका में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने जैक्सन होल बैठक में ब्याज दरों को लेकर ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है. ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख का असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिला. निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ी है कि अगर अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या आगे बढ़ती हैं, तो दुनिया भर के बाजारों में पूंजी प्रवाह और निवेश धारणा पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई.
एशियाई बाजार भी दबाव में
अमेरिका से मिले संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया. डाउ फ्यूचर्स करीब 156 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. दूसरी तरफ जापान का निक्केई करीब 750 अंक नीचे कारोबार करता नजर आया, जबकि हेंगसेंग में भी करीब 172 अंकों की गिरावट देखने को मिली. यानी भारतीय बाजार को शुरुआत में घरेलू संकेतों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले. इसका असर निवेशकों की खरीदारी पर दिखाई दिया.
निफ्टी के ज्यादातर शेयर लाल निशान में
बाजार में बिकवाली कितनी व्यापक रही, इसका अंदाजा निफ्टी के शुरुआती आंकड़ों से लगाया जा सकता है. निफ्टी 50 में सिर्फ 8 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 35 शेयरों में गिरावट रही. वहीं 7 शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान ज्यादा बदलाव नहीं हुआ. निफ्टी के शुरुआती बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में एटरनल, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, बजाज ऑटो और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे. वहीं हिंदाल्को, इंडिगो, टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस और इंफोसिस शुरुआती कारोबार में प्रमुख गिरने वाले शेयरों में रहे.
सेंसेक्स के सिर्फ 4 शेयरों में तेजी
सेंसेक्स की तस्वीर भी ज्यादा अलग नहीं रही. सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से सिर्फ 4 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि बाकी 26 शेयरों में गिरावट रही. एटरनल करीब 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ सेंसेक्स का शुरुआती सबसे मजबूत शेयर रहा. इसके अलावा एचडीएफसी बैंक में करीब 0.56 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 0.14 फीसदी और भारती एयरटेल में करीब 0.03 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ. इससे संकेत मिलता है कि बाजार में कमजोरी के बीच चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का रुझान बना हुआ था.
इंडिगो और आईटी शेयरों में कमजोरी
गिरने वाले प्रमुख शेयरों में इंडिगो सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिया. एयरलाइन कंपनी का शेयर करीब 2.07 फीसदी की गिरावट के साथ खुला. इंफोसिस में भी करीब 1.63 फीसदी की कमजोरी रही. टाटा स्टील 1.40 फीसदी, बजाज फाइनेंस 1.36 फीसदी और एनटीपीसी 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ खुले. एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और पावर ग्रिड में भी करीब 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, बीईएल और टीसीएस भी लाल निशान में खुले.
बड़े शेयरों में भी बिकवाली
बाजार की शुरुआती कमजोरी का असर कई बड़े शेयरों पर भी देखने को मिला. एक्सिस बैंक, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और एसबीआई के शेयर गिरावट के साथ खुले. अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी कमजोरी देखने को मिली. अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत करते नजर आए. यानी शुरुआती कारोबार में बाजार की कमजोरी काफी व्यापक रही और ज्यादातर प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया.
कच्चे तेल की तेजी भी बनी चिंता
बाजार के लिए दूसरी बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है. भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू अर्थव्यवस्था और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है. कच्चे तेल में तेजी से महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है. इसके अलावा विदेशी मुद्रा बाजार और देश के चालू खाते पर भी इसका असर पड़ सकता है. ऐसे समय में जब अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिल रहे हैं, कच्चे तेल की चाल बाजार के लिए और महत्वपूर्ण हो जाती है.
आज इन खबरों वाले शेयरों पर नजर
आज के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों के शेयर खबरों और कारोबार से जुड़े घटनाक्रमों की वजह से चर्चा में हैं. इनमें एचडीएफसी बैंक, सिप्ला, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, ऑरोबिंदो फार्मा, जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज और ऑगमोंट एंटरप्राइजेज शामिल हैं. इन शेयरों में दिन के दौरान कारोबार और उतार-चढ़ाव पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है.
अब बाजार की अगली चाल किस पर निर्भर?
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए वैश्विक संकेत सबसे अहम बने हुए हैं. अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और एशियाई बाजारों की चाल आज के कारोबार को प्रभावित कर सकती है. इसके अलावा यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि शुरुआती गिरावट के बाद घरेलू निवेशकों की तरफ से खरीदारी कितनी मजबूत होती है. अगर दिन के दौरान खरीदारी लौटती है और बड़े शेयरों में सुधार दिखाई देता है, तो बाजार शुरुआती नुकसान को कम करने की कोशिश कर सकता है. लेकिन अगर वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी रहती है और कच्चे तेल में तेजी जारी रहती है, तो घरेलू बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है.
कुल मिलाकर हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही है. निफ्टी 24,117 के आसपास और सेंसेक्स 77,130 के स्तर पर गिरावट के साथ खुले हैं. मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली नजर आ रही है, जबकि कुछ निजी बैंक शेयर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं. अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में खरीदारी लौटती है या बिकवाली का दबाव और गहरा होता है. फिलहाल अमेरिका से मिले ब्याज दरों के संकेत, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़े संकेतक बने हुए हैं.
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