10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी, ₹8,000 की नौकरी से निखिल कामथ ने बदली राह

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• 07:41 PM • 04 Jul 2026

10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने, ₹8,000 की नौकरी करने और जोखिम उठाने से शुरू हुई निखिल कामथ की राह जेरोधा तक पहुंची. जानें कैसे बनी यह बड़ी कामयाबी की कहानी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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17 साल की उम्र में निखिल ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी

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कॉल सेंटर की नाइट शिफ्ट में उनकी पहली सैलरी ₹8,000 थी

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कम उम्र में पुराने मोबाइल खरीदकर बेचने से कारोबार की समझ बनी

कई लोग मानते हैं कि बड़ी सफलता के लिए अच्छी डिग्री, बड़ी यूनिवर्सिटी और शानदार नौकरी जरूरी होती है। लेकिन Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामथ की कहानी इस सोच को चुनौती देती है। एक ऐसा लड़का, जिसे स्कूल से कभी लगाव नहीं था, जिसने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ₹8,000 महीने की नौकरी से करियर शुरू किया, आज भारत के सबसे सफल उद्यमियों में गिना जाता है।

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उनकी कहानी रातोंरात मिली सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, जोखिम उठाने और लगातार सीखते रहने की मिसाल है।

स्कूल से नहीं था लगाव

निखिल कामथ का मन पढ़ाई में कभी नहीं लगा। स्कूल उनके लिए एक मजबूरी था, सपना नहीं। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने का फैसला कर लिया।

हालांकि यह फैसला किसी विद्रोह का नतीजा नहीं था, बल्कि अपने लिए अलग रास्ता चुनने की कोशिश थी। जहां ज्यादातर लोग डिग्री हासिल करने और नौकरी की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं निखिल ने जल्दी काम शुरू करने का फैसला किया।

₹8,000 की कॉल सेंटर नौकरी से हुई शुरुआत

करियर की शुरुआत उन्होंने एक कॉल सेंटर में नाइट शिफ्ट की नौकरी से की। उनकी पहली सैलरी सिर्फ ₹8,000 प्रति माह थी।

रातभर ग्राहकों की कॉल संभालने के बाद दिन में वे शेयर बाजार को समझने में समय लगाते थे। यही वह दौर था जब उन्होंने बिना किसी मेंटर या गाइड के, ट्रायल एंड एरर के जरिए निवेश की दुनिया को समझना शुरू किया।

14-15 साल की उम्र में शुरू कर दिया था कारोबार

निखिल में बिजनेस की समझ बचपन से ही थी। 14-15 साल की उम्र में उन्होंने पुराने मोबाइल फोन खरीदने और बेचने का काम शुरू कर दिया था।

एक बार उनकी मां ने गुस्से में उनके सभी मोबाइल फोन फेंक दिए। लेकिन इस घटना ने उन्हें रोकने के बजाय एक बड़ा सबक दिया। उन्होंने समझा कि बिजनेस में जोखिम और असफलता दोनों सफर का हिस्सा हैं।

शेयर बाजार को आसान बनाने का आया विचार

धीरे-धीरे उनका ध्यान सिर्फ ट्रेडिंग करने से हटकर एक बड़े सवाल पर गया—शेयर बाजार आम लोगों के लिए इतना जटिल और महंगा क्यों है?

यहीं से एक नए बिजनेस आइडिया ने जन्म लिया।

साल 2010 में उन्होंने अपने बड़े भाई नितिन कामथ के साथ मिलकर Zerodha की शुरुआत की।

उस समय शेयर बाजार में निवेश करना महंगा और जटिल माना जाता था। Zerodha ने कम ब्रोकरेज, आसान प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी की मदद से निवेश को आम लोगों के लिए सरल बना दिया। इसी मॉडल ने भारतीय ब्रोकरेज इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला दिया।

आज भारत की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों में शामिल है Zerodha

आज Zerodha भारत की सबसे बड़ी रिटेल ब्रोकरेज कंपनियों में गिनी जाती है। लाखों निवेशक इसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं और कंपनी ने भारतीय निवेशकों के ट्रेडिंग करने के तरीके को बदल दिया है।

निखिल कामथ की अनुमानित नेटवर्थ करीब 2.5 अरब डॉलर (लगभग ₹23,000 करोड़) है, जिससे वे भारत के सबसे युवा सेल्फ-मेड अरबपतियों में शामिल हैं।

सफलता पर क्या कहते हैं निखिल कामथ?

निखिल कामथ अक्सर कहते हैं कि उन्होंने अपनी सबसे बड़ी सीख किताबों से नहीं, बल्कि अपनी गलतियों से हासिल की है।

उनका मानना है कि सफलता का कोई तय फॉर्मूला नहीं होता। कई बार सबसे बड़ा जोखिम वही होता है जो बाकी लोग लेने से डरते हैं।

सीख क्या है?

निखिल कामथ की कहानी बताती है कि सफलता सिर्फ डिग्री या पारंपरिक करियर रास्ते पर निर्भर नहीं करती। जिज्ञासा, लगातार सीखने की इच्छा, जोखिम उठाने का साहस और समस्याओं का समाधान खोजने की सोच किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

यही वजह है कि ₹8,000 महीने की नौकरी से शुरू हुआ सफर आज ₹23,000 करोड़ की कंपनी तक पहुंच चुका है।