NSE ने बनाया नया रिकॉर्ड, Crude Oil Options में एक दिन में ₹2,006 करोड़ का प्रीमियम टर्नओवर

संदीप शर्मा

10 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 10 2026 3:28 PM)

NSE के क्रूड ऑयल ऑप्शंस ने 9 जुलाई 2026 को नया रिकॉर्ड बनाया. प्रीमियम टर्नओवर, कारोबार और ओपन इंटरेस्ट में उछाल से एक्सपायरी बदलाव का असर साफ दिखा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

NSE के Crude Oil Options में ₹2,006 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर

47.33 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे बड़ा ट्रेडिंग वॉल्यूम

एक्सपायरी बदलाव के बाद निवेशकों की भागीदारी बढ़ी

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में नया रिकॉर्ड बनाया है. एक्सचेंज ने बताया कि उसके Crude Oil Options में 9 जुलाई 2026 को अब तक का सबसे ज्यादा ₹2,006.49 करोड़ का डेली प्रीमियम टर्नओवर दर्ज किया गया. इसके साथ ही 47.33 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स का रिकॉर्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम और 1.14 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का इंट्राडे ओपन इंटरेस्ट भी दर्ज हुआ.

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क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव से फायदा

NSE के मुताबिक, ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार में निवेशक और ट्रेडर्स अब क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव (Hedging) और ट्रेडिंग के लिए Crude Oil Options का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं. ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच इस प्रोडक्ट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

एक्सपायरी डेट बदलने का मिला फायदा

NSE ने बताया कि नवंबर 2025 में बाजार से मिले सुझावों के आधार पर Crude Oil Options की एक्सपायरी डेट में बदलाव किया गया था। पहले यह कॉन्ट्रैक्ट अंडरलाइंग फ्यूचर्स की एक्सपायरी से दो कारोबारी दिन पहले समाप्त होता था, जिसे बढ़ाकर सात कारोबारी दिन पहले कर दिया गया। इस बदलाव का मकसद निवेशकों को ज्यादा ट्रेडिंग फ्लेक्सिबिलिटी, बेहतर रिस्क मैनेजमेंट और बाजार की जरूरतों के अनुरूप सुविधा देना था।

NSE का कहना है कि इस बदलाव के बाद प्रीमियम टर्नओवर, ट्रेडिंग वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट जैसे सभी प्रमुख संकेतकों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है

पहले भी बना था रिकॉर्ड

इससे पहले 9 जून 2026 की एक्सपायरी के दिन भी Crude Oil Options में 28.64 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार हुआ था, जबकि ₹1,239.10 करोड़ का प्रीमियम टर्नओवर दर्ज किया गया था. वहीं Crude Oil Futures में भी ₹378.32 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर देखने को मिला था.

Natural Gas Options में भी बदलाव

NSE ने यह भी बताया कि बाजार की मांग को देखते हुए Natural Gas Options की एक्सपायरी डेट भी बदली गई है। 25 मई 2026 से यह कॉन्ट्रैक्ट अब फ्यूचर्स की एक्सपायरी से दो दिन पहले की जगह चार कारोबारी दिन पहले एक्सपायर होता है. NSE का कहना है कि वह आगे भी अपने कमोडिटी डेरिवेटिव प्रोडक्ट्स में सुधार करता रहेगा, ताकि बाजार में लिक्विडिटी बढ़े, निवेशकों को बेहतर रिस्क मैनेजमेंट का विकल्प मिले और कमोडिटी बाजार में बेहतर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित हो सके.