शेयर बाजार में कारोबार की रफ्तार बढ़ने का फायदा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE को मिला है. सितंबर तिमाही में NSE का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 2,578 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,098 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. वहीं, कंपनी की कुल कमाई भी 9 फीसदी बढ़कर 4,554 करोड़ रुपये हो गई.NSE के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान शेयर बाजार में बढ़े कारोबार और कुछ अन्य सेवाओं से हुई कमाई ने नतीजों को मजबूती दी.
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ट्रांजैक्शन चार्ज से हुई सबसे ज्यादा कमाई
NSE की कमाई का बड़ा हिस्सा शेयरों और दूसरे वित्तीय उत्पादों में होने वाले कारोबार पर लगने वाले ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है. सितंबर तिमाही में ट्रांजैक्शन चार्ज से कंपनी को 3,035 करोड़ रुपये की कमाई हुई. पिछले साल इसी अवधि में यह रकम 2,789 करोड़ रुपये थी. यानी इसमें 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.कैश मार्केट में कारोबार बढ़ने का भी कंपनी को फायदा मिला. इस तिमाही में कैश मार्केट का औसत दैनिक कारोबार 24 फीसदी बढ़कर 1.18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया.इक्विटी ऑप्शन में प्रीमियम के आधार पर औसत दैनिक कारोबार 3 फीसदी बढ़कर 47,977 करोड़ रुपये रहा. वहीं, इक्विटी फ्यूचर सेगमेंट में औसत दैनिक कारोबार 1.24 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा.
डेटा और लिस्टिंग सेवाओं से भी बढ़ी कमाई
NSE को सिर्फ शेयरों की खरीद-बिक्री से ही नहीं, बल्कि दूसरी सेवाओं से भी कमाई होती है. कंपनी की डेटा फीड और टर्मिनल सेवाओं से होने वाली आय 43 फीसदी बढ़कर 165 करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल इसी तिमाही में यह 115 करोड़ रुपये थी.वहीं, लिस्टिंग सेवाओं से कमाई 70 फीसदी बढ़कर 150 करोड़ रुपये पहुंच गई. निवेश से होने वाली आय भी 9 फीसदी बढ़कर 237 करोड़ रुपये रही.
खर्च घटने से EBITDA में 107% की बढ़ोतरी
NSE के नतीजों में एक और बड़ा आंकड़ा कंपनी के खर्च से जुड़ा है. सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 51 फीसदी घटकर 1,161 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह 2,354 करोड़ रुपये था.इसकी एक बड़ी वजह यह है कि पिछले साल NSE ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से जुड़े SEBI सेटलमेंट के लिए 1,297 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. इस बार ऐसा बड़ा खर्च नहीं था.खर्च घटने का असर कंपनी की कमाई पर भी दिखा. NSE का ऑपरेटिंग EBITDA 107 फीसदी बढ़कर 3,079 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA मार्जिन 76 फीसदी रहा. आसान भाषा में समझें तो कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी के साथ खर्च कम होने से उसके ऑपरेशन से होने वाला मुनाफा तेजी से बढ़ा.
छह महीने में 41,234 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में दिए
NSE ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान सरकारी खजाने में कुल 41,234 करोड़ रुपये का योगदान दिया. इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स और कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स की रही.इस अवधि में NSE के जरिए सरकार को 34,788 करोड़ रुपये का STT और CTT मिला. इसके अलावा 2,885 करोड़ रुपये इनकम टैक्स, 1,926 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी, 1,171 करोड़ रुपये GST और 464 करोड़ रुपये SEBI फीस के रूप में दिए गए.
पहली छमाही में भी कमाई और मुनाफा बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान NSE की कुल कंसोलिडेटेड कमाई 9 फीसदी बढ़कर 9,807 करोड़ रुपये हो गई. इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA 45 फीसदी बढ़कर 6,674 करोड़ रुपये रहा.पहली छमाही में NSE का नेट प्रॉफिट 13 फीसदी बढ़कर 5,698 करोड़ रुपये पहुंच गया.कुल मिलाकर सितंबर तिमाही में NSE की कमाई और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की गई. शेयर बाजार में बढ़ते कारोबार के साथ डेटा और लिस्टिंग सेवाओं से भी कंपनी को फायदा मिला. हालांकि, पिछले साल के बड़े सेटलमेंट प्रावधान के कारण इस बार खर्च में आई कमी ने ऑपरेटिंग मुनाफे की बढ़ोतरी को भी बड़ा सहारा दिया.
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