भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है. बढ़ती EV डिमांड के बीच Ola Electric के शेयर में भी हाल के महीनों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. मार्च 2026 में करीब ₹22 का 52 हफ्तों का निचला स्तर बनाने के बाद शेयर अब करीब 86 फीसदी तक चढ़ चुका है. बुधवार को भी शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई.
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शेयर में कितनी रिकवरी?
Ola Electric के शेयर ने मार्च 2026 में करीब ₹22 का 52 हफ्तों का निचला स्तर बनाया था. इसके बाद शेयर में तेज रिकवरी देखने को मिली और यह करीब 86 फीसदी ऊपर आ चुका है.हालांकि, लंबी अवधि की तस्वीर अभी उतनी मजबूत नहीं दिखती. सितंबर 2025 में शेयर का 52 हफ्तों का हाई ₹59.20 था. मौजूदा स्तर पर शेयर अभी भी इस हाई से करीब 30 फीसदी नीचे है.यानी मार्च के निचले स्तर से शेयर में जबरदस्त वापसी जरूर हुई है, लेकिन पुरानी ऊंचाई तक पहुंचने के लिए अभी काफी दूरी बाकी है.
EV बाजार बढ़ रहा, Ola को कितना फायदा?
Ola Electric के शेयर में हालिया तेजी की एक वजह भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बढ़ती मांग भी है.अगस्त 2026 में देश में करीब 1.83 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री हुई. यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले करीब 67 फीसदी ज्यादा है. यानी पूरा EV टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है.इस बढ़ते बाजार में Ola की बिक्री में भी पिछली तिमाही के मुकाबले सुधार आया है. जून तिमाही में कंपनी ने करीब 39,192 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर डिलीवर किए. यह मार्च तिमाही के करीब 20,256 यूनिट के मुकाबले लगभग दोगुना है.कंपनी के घाटे में भी कमी आई है. जून तिमाही में Ola Electric का नेट लॉस घटकर ₹336 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को ₹428 करोड़ का घाटा हुआ था.कंपनी ने खर्चों को कम करने पर भी काम किया है. पहली तिमाही में ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर करीब 35 फीसदी घटकर ₹333 करोड़ रहा.
रेवेन्यू और मुनाफे की तस्वीर अभी कमजोर
बिक्री और घाटे के आंकड़ों में सुधार के बावजूद कंपनी की वित्तीय स्थिति को अभी मजबूत नहीं कहा जा सकता.जून तिमाही में Ola Electric का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 45 फीसदी घटकर ₹455 करोड़ रहा. कंपनी का EBITDA लॉस भी करीब ₹195 करोड़ रहा.इसका मतलब यह है कि डिलीवरी बढ़ने के बावजूद कंपनी अभी मुनाफे की स्थिति से काफी दूर है. इसलिए शेयर में आई तेजी को सीधे बिजनेस टर्नअराउंड का संकेत मानना जल्दबाजी होगी.
मार्केट शेयर में Ola को बड़ा झटका
Ola Electric के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में उसकी घटती हिस्सेदारी है.अगस्त 2026 में कंपनी ने करीब 13,849 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचे और उसका मार्केट शेयर करीब 7.7 फीसदी रहा. एक साल पहले अगस्त में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 17.7 फीसदी थी.अगस्त 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कंपनियों की हिस्सेदारी इस तरह रही:
| कंपनी | मार्केट शेयर |
| TVS Motor | 27.1% |
| Bajaj Auto | 22.7% |
| Ather Energy | 15.9% |
| Hero MotoCorp/Vida | 10.5% |
| Ola Electric | 7.7% |
यानी Ola Electric अब इस बाजार में पांचवें स्थान पर है. खास बात यह है कि अगस्त में Ola की बिक्री सालाना आधार पर करीब 29 फीसदी घटी, जबकि उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों ने सालाना आधार पर बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की.
ब्रोकरेज को भी अभी कई चिंताएं
Ola Electric को लेकर ब्रोकरेज हाउसों का रुख भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं है.Citi ने Ola Electric पर Sell रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹26 का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के कमजोर वॉल्यूम और कम ग्रॉस मार्जिन चिंता का विषय हैं.Kotak Institutional Equities ने भी Sell रेटिंग कायम रखी है और ₹20 का टारगेट दिया है. उसके मुताबिक कंपनी के लिए बिक्री की मात्रा को पर्याप्त स्तर तक बढ़ाना बड़ी चुनौती है. लगातार कैश आउटफ्लो भी चिंता का विषय है.वहीं Goldman Sachs का रुख तुलनात्मक रूप से कम नकारात्मक है. उसने Ola Electric पर Neutral रेटिंग के साथ ₹40 का टारगेट दिया है. Goldman के मुताबिक डिमांड और डिलीवरी में सुधार दिख रहा है, लेकिन कंपनी का कैश बर्न अभी भी चिंता का विषय है.
आगे Ola Electric के लिए क्या अहम होगा?
Ola Electric की कहानी फिलहाल दो हिस्सों में बंटी हुई है. एक तरफ भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है. कंपनी की डिलीवरी में पिछली तिमाही के मुकाबले सुधार आया है और लागत कम करने के प्रयास भी दिख रहे हैं. कंपनी बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है.दूसरी तरफ कंपनी के सामने घटता मार्केट शेयर, कमजोर रेवेन्यू, लगातार घाटा और कैश बर्न जैसी चुनौतियां हैं. TVS, Bajaj और Ather जैसे खिलाड़ियों की मजबूत स्थिति ने Ola के लिए मुकाबला और मुश्किल कर दिया है.इसलिए फिलहाल Ola Electric के शेयर में आई तेजी को कंपनी के कारोबार में पूरी तरह आए बदलाव के बजाय शेयर में हुई मजबूत रिकवरी के तौर पर देखना ज्यादा उचित होगा.आने वाली तिमाहियों में चार आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण होंगे वाहन बिक्री, मार्केट शेयर, मार्जिन और कैश बर्न. अगर इन चारों में लगातार सुधार देखने को मिलता है, तभी शेयर की मौजूदा रिकवरी को कंपनी के कारोबार में टिकाऊ बदलाव का मजबूत संकेत माना जा सकेगा.
डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है. इसमें दी गई राय, ब्रोकरेज रिपोर्ट और आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. यह किसी भी शेयर में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.
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