अगर आप म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं, तो Parag Parikh Flexi Cap Fund का नाम आपने जरूर सुना होगा. यह देश के सबसे बड़े Active Flexi Cap Funds में शामिल है और पिछले कई वर्षों में इसने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिए हैं. हालांकि हाल के वर्षों में कुछ दूसरे Flexi Cap Funds ने बेहतर प्रदर्शन किया है. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या Parag Parikh Flexi Cap Fund अब भी इस कैटेगरी के सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल है, या इसकी बढ़त कम होती जा रही है.
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AUM बताता है निवेशकों का भरोसा अब भी कायम
Parag Parikh Flexi Cap Fund की शुरुआत साल 2013 में हुई थी. जून 2026 तक इसका Asset Under Management (AUM) करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. इतना बड़ा AUM इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा इस फंड पर अब भी बना हुआ है.
यह Flexi Cap Fund होने के कारण Large Cap, Mid Cap और Small Cap कंपनियों में निवेश कर सकता है. फंड की निवेश रणनीति Long Term Value Investing पर आधारित है. यानी फंड मैनेजर ऐसी कंपनियों की तलाश करते हैं जिनका कारोबार मजबूत हो, लेकिन बाजार में उनकी वैल्यू अभी पूरी तरह सामने नहीं आई हो. इसका फोकस तेजी से भाग रहे शेयरों के बजाय लंबे समय में कारोबार बढ़ाने वाली कंपनियों पर रहता है.
10 साल के रिटर्न में कहां खड़ा है Parag Parikh?
लंबी अवधि के रिटर्न देखें तो Parag Parikh Flexi Cap Fund का रिकॉर्ड मजबूत रहा है, लेकिन यह हर समय कैटेगरी में नंबर-1 नहीं रहा.
10 साल के कंपाउंडेड रिटर्न के आधार पर तुलना करें तो:
| Flexi Cap Funds | 10 साल का CAGR रिटर्न |
| Quant Flexi Cap Fund | 20.4% |
| Parag Parikh Flexi Cap Fund | 18.8% |
| JM Flexicap Fund | 18.7% |
| HDFC Flexi Cap Fund | 18.6% |
| Edelweiss Flexi Cap Fund | 17.6% |
इस तुलना में Quant Flexi Cap Fund सबसे आगे रहा, जबकि Parag Parikh दूसरे स्थान पर रहा. हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि रिटर्न Direct या Regular Plan, Growth Option, Calculation Date और Methodology के आधार पर अलग हो सकते हैं.
10 हजार रुपये की SIP से कितना बन सकता था निवेश?
अगर किसी निवेशक ने 10 साल तक हर महीने 10,000 रुपये की SIP की होती, तो कुल निवेश 12 लाख रुपये होता.
अनुमानित वैल्यू इस प्रकार होती:
| Flexi Cap Funds | 10 साल का अनुमानित रिटर्न |
| Quant Flexi Cap Fund | करीब 35 लाख रुपये |
| Parag Parikh Flexi Cap Fund | करीब 29 लाख रुपये |
| JM Flexicap Fund | करीब 28 लाख रुपये |
| HDFC Flexi Cap Fund | करीब 28 लाख रुपये |
| Edelweiss Flexi Cap Fund | करीब 25 लाख रुपये |
यह केवल एक अनुमानित उदाहरण है. म्यूचुअल फंड में हर साल समान रिटर्न नहीं मिलता और भविष्य में भी ऐसा प्रदर्शन दोहराया जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं होती. लेकिन यह उदाहरण बताता है कि लंबी अवधि में SIP और Compounding कितना बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं.
पोर्टफोलियो की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
- कई सेक्टरों में Diversified Portfolio.
- Banking, Software, Power, Automobile, FMCG और Energy में निवेश.
- किसी एक सेक्टर पर निर्भरता नहीं.
- Debt और Money Market Instruments में भी Allocation.
- बाजार की गिरावट में Portfolio को संतुलन देने की कोशिश.
- Long Term Wealth Creation पर फोकस.
Global Exposure इसे बनाता है अलग
इस फंड की एक और खास पहचान इसका Global Exposure है. यह सिर्फ भारतीय कंपनियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अवसर मिलने पर विदेशी कंपनियों में भी निवेश करता है.
विदेशी निवेश से पोर्टफोलियो में Diversification बढ़ता है. हालांकि विदेशी निवेश पर नियामकीय सीमाओं का असर पड़ सकता है, इसलिए Global Allocation हमेशा एक जैसा रहे, यह जरूरी नहीं है.
हाल का Underperformance कितना बड़ा संकेत है?
पिछले कुछ वर्षों में कई Flexi Cap Funds ने Parag Parikh Flexi Cap Fund से बेहतर प्रदर्शन किया है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फंड कमजोर हो गया है. इसकी वजह यह है कि फंड की रणनीति Long Term Value Investing पर आधारित है. अलग-अलग Market Cycles में अलग-अलग निवेश शैली बेहतर प्रदर्शन करती है. जब Growth Stocks तेजी से बढ़ते हैं, तब Value Investing आधारित फंड पीछे रह सकते हैं. वहीं Market Cycle बदलने पर तस्वीर भी बदल सकती है. इसी वजह से केवल 6 महीने या 1 साल के प्रदर्शन के आधार पर किसी फंड का आकलन करना सही नहीं माना जाता.
किन निवेशकों के लिए सही हो सकता है यह फंड?
- 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए निवेश करने वाले.
- Equity Market की Volatility सहने वाले.
- Long Term Wealth Creation का लक्ष्य रखने वाले.
- SIP या Lump Sum दोनों तरह के निवेशकों के लिए उपयुक्त.
निवेश से पहले क्या ध्यान रखें?
Parag Parikh Flexi Cap Fund का लंबी अवधि का रिकॉर्ड मजबूत रहा है और यह अब भी Flexi Cap कैटेगरी के प्रमुख फंड्स में शामिल है. हालांकि इसे हर समय सबसे बेहतर फंड कहना सही नहीं होगा. अलग-अलग Market Cycles में अलग-अलग फंड्स बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.
इसलिए किसी भी Mutual Fund का चुनाव सिर्फ पिछले रिटर्न के आधार पर नहीं, बल्कि अपने Financial Goal, Risk Profile और Investment Horizon को ध्यान में रखकर करना चाहिए. आखिरकार सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि कौन सा फंड नंबर-1 है, बल्कि यह है कि आपकी जरूरत और निवेश लक्ष्य के लिए कौन सा फंड सबसे उपयुक्त है.
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