Paytm Share Crash: पेटीएम में UPI MDR की खबर से जोरदार गिरावट, Goldman Sachs को ₹2070 तक पहुंचने का भरोसा

संदीप शर्मा

08 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 8 2026 3:47 PM)

Paytm के शेयर में गुरुवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली और शेयर इंट्राडे में करीब 10 फीसदी तक टूट गया. UPI MDR लागू होने की तारीख टलने की खबर से शेयर पर दबाव आया. इस बीच Goldman Sachs ने Paytm पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,070 कर दिया है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

UPI पर MDR टलने की खबर से टूटा पेटीएम का शेयर

10 फीसदी गिरने के बाद निचले स्तरों से रिकवरी

Goldman Sachs ने 2,070 रुपये का लक्ष्य दिया

पेटीएम की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर में गुरुवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. कारोबार के दौरान शेयर करीब 10 फीसदी तक टूटकर 1,558.80 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, निचले स्तरों से शेयर में रिकवरी देखने को मिली. ख़बर लिखे जाने तक शेयर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 1,644 रुपये के करीब कारोबार कर रहा था. पेटीएम के शेयर में ये गिरावट ऐसे समय आई है, जब UPI से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर नई खबर सामने आई है. वहीं, दूसरी तरफ दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज Goldman Sachs ने पेटीएम के शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है.

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3 महीने में 32 फीसदी चढ़ा शेयर

पेटीएम के शेयर में गुरुवार की गिरावट के बावजूद हाल की अवधि में शेयर का प्रदर्शन मजबूत रहा है. बीते 3 महीने में One 97 Communications के शेयर ने करीब 32 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि एक साल में शेयर करीब 33 फीसदी चढ़ा है. यानी आज की तेज गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है.

क्यों टूटा Paytm?

पेटीएम के शेयर में आज की गिरावट की बड़ी वजह UPI पर MDR लागू होने को लेकर सामने आई खबर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स और इंडस्ट्री एसोसिएशंस ने UPI पर MDR लागू करने की तारीख को टालने की मांग की है. इसके लिए वित्त मंत्रालय और NPCI के सामने अनुरोध किए जाने की खबर है. हालांकि, अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मौजूदा योजना के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पर्सन टू मर्चेंट यानी P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी तक MDR लागू किया जाना है. अब इसे अक्टूबर से टालकर जनवरी 2027 तक करने की मांग की जा रही है.

Paytm के लिए MDR क्यों है अहम?

UPI पर MDR लागू होने से पेमेंट कंपनियों के लिए कमाई का नया रास्ता खुल सकता है. अभी तक UPI पेमेंट का बड़ा हिस्सा बिना MDR के चलता रहा है. पेटीएम ने भी पहले कहा था कि MDR लागू होने से उसके मर्चेंट कारोबार से रेवेन्यू बढ़ सकता है. खासतौर पर उन ट्रांजैक्शन से, जिन पर पहले कोई कमाई नहीं होती थी. ऐसे में अगर MDR लागू होने में देरी होती है, तो पेटीएम की इस अतिरिक्त कमाई में भी देरी हो सकती है. यही वजह है कि MDR की तारीख टलने की खबर को बाजार ने निगेटिव तौर पर लिया और शेयर में तेज बिकवाली देखने को मिली.

Goldman Sachs ने बढ़ाया टारगेट

एक तरफ जहां UPI MDR को लेकर बाजार में चिंता है, वहीं Goldman Sachs ने पेटीएम को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है. Goldman Sachs ने पेटीएम पर Buy यानी खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है. साथ ही ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,070 रुपये कर दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि पेटीएम की मार्केट शेयर, रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी स्थिति मजबूत बनी हुई है और आगे भी इसमें सुधार जारी रह सकता है.

EPS अनुमान 39 फीसदी तक बढ़ाया

Goldman Sachs ने UPI पर आने वाले MDR को अपने अनुमान में शामिल किया है. इसके चलते ब्रोकरेज ने पेटीएम की EPS यानी प्रति शेयर कमाई के अनुमान को 39 फीसदी तक बढ़ा दिया है. वहीं, कामकाजी आय के अनुमान में भी 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि पेटीएम के पोस्टपेड कारोबार के बढ़ने और भविष्य में वॉलेट कारोबार दोबारा शुरू होने से कंपनी की कमाई और वैल्यूएशन को फायदा मिल सकता है.

Paytm पेमेंट बैक भी चर्चा में

पेटीएम से जुड़ी एक और खबर भी बाजार के फोकस में रही. RBI ने Paytm पेमेंट बैंक को मान्यता प्राप्त शिड्यूल बैंक की लिस्ट से बाहर कर दिया है. ये कदम Paytm पेमेंट बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद उठाया गया है. हालांकि, Paytm का मौजूदा बिजनेस मॉडल अब पेमेंट और दूसरे फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार पर बेस्ड है.

डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है. इसमें दी गई राय, ब्रोकरेज रिपोर्ट और आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. यह किसी भी शेयर में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.