PF Withdrawal Rules: जरूरत पड़ने पर कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?

तनीषा त्यागी

• 05:12 PM • 15 Oct 2026

हर महीने आपकी सैलरी से PF का पैसा कटता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत पड़ने पर इसे कितनी बार निकाल सकते हैं? पढ़ाई, शादी, बीमारी और घर के लिए PF एडवांस के अलग-अलग नियम हैं. वहीं, 12 महीने की सदस्यता के बाद 75 फीसदी तक निकासी का प्रावधान भी चर्चा में है. जानिए जरूरी बातें.

NewsTak
Google CTA

PF Withdrawal Rules: नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों की सैलरी से हर महीने PF यानी Provident Fund का पैसा कटता है. कर्मचारी के साथ कंपनी भी इसमें योगदान करती है. इस रकम पर ब्याज मिलता है और इसका मकसद नौकरी करने वाले लोगों को रिटायरमेंट के लिए बचत करने में मदद करना है. लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसी जरूरतें आ जाती हैं, जब रिटायरमेंट से पहले ही इस पैसे की जरूरत पड़ सकती है. बच्चों की पढ़ाई, शादी, परिवार में किसी की बीमारी या घर खरीदने जैसे खर्चों के लिए लोग PF से एडवांस निकालने के बारे में सोचते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अलग-अलग जरूरतों के लिए निकासी की संख्या तय की है. यानी आप किस काम के लिए PF से पैसा निकाल रहे हैं, उसके हिसाब से निकासी के नियम बदल सकते हैं.

Read more!

PF Advance और पूरा PF निकालना एक जैसा नहीं

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि PF खाते से एडवांस निकालना और नौकरी छोड़ने के बाद पूरा PF निकालना दो अलग-अलग बातें हैं. PF एडवांस का इस्तेमाल कुछ खास जरूरतों के लिए किया जा सकता है. इसके लिए संबंधित कैटेगरी की शर्तें और पात्रता पूरी करनी होती हैं. वहीं, पूरा PF निकालने के नियम अलग होते हैं. इसलिए सिर्फ खाते में पैसा जमा होने का मतलब यह नहीं है कि आप किसी भी समय और किसी भी उद्देश्य से पूरी रकम निकाल सकते हैं.

1. बच्चों की पढ़ाई के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं PF?

अगर आपके बच्चे की पढ़ाई का खर्च बढ़ गया है और आपको पैसों की जरूरत है, तो कुछ शर्तों के साथ PF से एडवांस लिया जा सकता है. दिए गए नियमों के मुताबिक, शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए कर्मचारी अपनी EPF सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम **10 बार** निकासी कर सकता है. इसका मतलब है कि पढ़ाई के लिए PF निकालने की सुविधा एक से ज्यादा बार मिल सकती है. हालांकि, हर बार निकासी के लिए लागू शर्तों और पात्रता का ध्यान रखना जरूरी है.

2. बीमारी के इलाज के लिए PF निकालने की सीमा क्या है?

परिवार में किसी की तबीयत खराब होने पर इलाज का खर्च अचानक बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में PF खाते से एडवांस निकालने की सुविधा मददगार हो सकती है. दिए गए विवरण के अनुसार, मेडिकल जरूरतों के लिए निकासी की संख्या पर कोई तय सीमा नहीं बताई गई है. यानी इस कैटेगरी में शिक्षा की तरह 10 बार या शादी की तरह 5 बार की निश्चित सीमा लागू नहीं बताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बिना किसी शर्त के जितनी चाहें उतनी रकम निकाल सकते हैं. निकासी के लिए पात्रता, उपलब्ध PF बैलेंस और लागू नियम मायने रखते हैं.

3. शादी के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं PF?

शादी घर का बड़ा खर्च होती है. अपनी या परिवार में बच्चों की शादी के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर PF की मदद लेने का विकल्प भी मौजूद है. दिए गए नियमों के मुताबिक, शादी से जुड़े खर्चों के लिए EPF सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार निकासी की जा सकती है. लेकिन हर बार पैसा निकालने के लिए संबंधित नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है. इसलिए अगर आप शादी के खर्च के लिए PF निकालने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जांच लें कि आप इस सुविधा का कितनी बार इस्तेमाल कर चुके हैं.

4. घर खरीदने या बनवाने के लिए PF निकासी के नियम

अपना घर खरीदना या बनवाना ज्यादातर लोगों के जीवन का बड़ा वित्तीय लक्ष्य होता है. इसके लिए डाउन पेमेंट, निर्माण, होम लोन के भुगतान या घर की मरम्मत जैसे खर्च सामने आ सकते हैं. कुछ शर्तों के साथ इन जरूरतों के लिए भी PF से एडवांस निकाला जा सकता है. दिए गए विवरण के अनुसार, आवास से जुड़ी जरूरतों के लिए सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार निकासी की जा सकती है. हालांकि, घर खरीदने, निर्माण कराने, होम लोन चुकाने या मरम्मत कराने के लिए नियम एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है. इसलिए आवेदन करने से पहले अपने उद्देश्य के लिए लागू शर्तों की जांच करना जरूरी है.

5. खास परिस्थितियों में कितनी बार निकाल सकते हैं PF?

कुछ विशेष परिस्थितियों में भी PF से एडवांस निकालने की सुविधा मिलती है. दिए गए विवरण के मुताबिक, इस कैटेगरी में एक साल के दौरानअधिकतम 2 बार निकासी की जा सकती है. हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी स्थिति संबंधित कैटेगरी में आती है या नहीं और उस पर कौन-सी शर्तें लागू होती हैं.

PF का 75% पैसा निकालने का नियम क्या है?

PF निकासी से जुड़ा एक अहम सवाल यह है कि क्या सदस्य अपने खाते से 75 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं. दिए गए विवरण के मुताबिक, 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद पात्र सदस्य को PF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकालने की सुविधा मिल सकती है. लेकिन निकासी की पात्रता और रकम से जुड़ी शर्तें समझना जरूरी है. यहां एक बात और ध्यान देने वाली है. निकासी की संख्या और निकाली जा सकने वाली रकम दो अलग-अलग बातें हैं. किसी कैटेगरी में पांच बार पैसा निकालने की अनुमति होने का मतलब यह नहीं है कि हर बार खाते की पूरी रकम निकाली जा सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले यह जांच लें कि आपके मामले में कितनी रकम निकालने की अनुमति है और खाते में कितना बैलेंस उपलब्ध है.

PF से पैसा निकालने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

PF से एडवांस निकालने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखें.

  • पात्रता जांचें: जिस उद्देश्य के लिए पैसा निकालना है, उसके लिए लागू शर्तें पूरी होनी चाहिए.
  • निकासी की संख्या देखें: शिक्षा, शादी, आवास और दूसरी जरूरतों के लिए अलग-अलग सीमाएं हो सकती हैं.
  • निकासी की रकम समझें: कितनी बार पैसा निकाल सकते हैं और हर बार कितनी रकम निकाल सकते हैं, ये अलग-अलग सवाल हैं.
  • लंबी अवधि की बचत का ध्यान रखें: बार-बार PF निकालने से रिटायरमेंट के समय जमा होने वाली रकम कम हो सकती है.
  • आधिकारिक नियम जांचें: आवेदन करने से पहले EPFO के पोर्टल पर अपने मामले से जुड़े नियम और पात्रता जरूर देखें.

PF Withdrawal: जरूरत और भविष्य के बीच संतुलन जरूरी

PF आपकी मेहनत की कमाई है और इसे रिटायरमेंट के लिए बचत के तौर पर बनाया जाता है. जरूरत पड़ने पर इससे मदद मिल सकती है, लेकिन बार-बार निकासी करने से भविष्य के लिए जमा होने वाला फंड प्रभावित हो सकता है. दिए गए विवरण के मुताबिक, शिक्षा के लिए अधिकतम 10 बार, शादी और आवास संबंधी जरूरतों के लिए 5-5 बार, मेडिकल जरूरतों के लिए बिना तय संख्या की सीमा और विशेष परिस्थितियों में साल में अधिकतम 2 बार निकासी का प्रावधान बताया गया है. हालांकि, हर मामले में पात्रता, निकासी की रकम और लागू शर्तें देखना जरूरी है. इसलिए PF से पैसा निकालने का फैसला करने से पहले नियमों की पुष्टि करें, ताकि मौजूदा जरूरत भी पूरी हो और भविष्य की बचत पर भी अनावश्यक असर न पड़े.

EPFO Rule Change: 15,000 रूपये नहीं अब 25,000 रूपये हुई सैलरी लिमिट, 51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा फायदा