PM Modi Gold Statement: सोना खरीदने वालों को पीएम मोदी की बड़ी सलाह, कीमतों में हुआ उलटफेर

तनीषा त्यागी

01 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 1 2026 12:10 PM)

पीएम मोदी ने कहा है कि सोना तभी खरीदें जब सच में जरूरत हो. उनका संदेश सोना बाजार की हलचल, घरेलू मांग, स्थानीय खरीदारी और समझदारी से खर्च से जुड़ा है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

प्रधानमंत्री का संदेश सोने के बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच आया

उन्होंने स्थानीय सामान को प्राथमिकता देने और देश में खर्च बढ़ाने कहा

घूमने के लिए विदेश जाने के बजाय देश में यात्रा पर जोर

PM Modi Gold Statement: सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश पर ध्यान देना जरूरी है. पीएम मोदी ने सोने की खरीदारी को लेकर लोगों से अपनी जरूरत को प्राथमिकता देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि अगर सोने की जरूरत नहीं है, तो इसे खरीदने की भी जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब गोल्ड मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सोने की कीमत में अलग-अलग समयावधि में अलग-अलग ट्रेंड दिखाई दे रहा है. ऐसे में पीएम मोदी की सोने को लेकर कही गई बात ने गोल्ड मार्केट और इससे जुड़ी कंपनियों को चर्चा में ला दिया है.

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सोना खरीदने से पहले जरूरत देखें, पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने लोगों को सोना खरीदते समय अपनी जरूरत का ध्यान रखने की सलाह दी है. उनके संदेश का सीधा मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति को वास्तव में सोने की जरूरत नहीं है, तो केवल खरीदारी करने के लिए गोल्ड खरीदने से बचना चाहिए. यानी सोने की खरीदारी को जरूरत के हिसाब से तय करने पर जोर दिया गया है. अगर किसी खास उद्देश्य के लिए सोने की जरूरत है, तभी इसकी खरीदारी पर विचार किया जाए. वहीं केवल इसलिए सोना खरीदना कि इसकी कीमत बढ़ रही है या आगे बढ़ सकती है, जरूरी नहीं है. प्रधानमंत्री का यह संदेश आम ग्राहकों के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो गोल्ड को निवेश के विकल्प के तौर पर देखते हैं.

'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने की अपील

पीएम मोदी ने सोने की खरीदारी के साथ स्वदेशी और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाने पर भी जोर दिया है. उन्होंने लोगों से स्थानीय और देश में बनी चीजों को प्राथमिकता देने की अपील की. इस संदेश के पीछे व्यापक तौर पर देश के भीतर खर्च और मांग को बढ़ावा देने की बात दिखाई देती है. स्थानीय और भारतीय उत्पादों पर खर्च बढ़ने से घरेलू कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है. पीएम मोदी का जोर इस बात पर है कि लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खर्च करें और देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता दें.

विदेश घूमने को लेकर भी पीएम मोदी की सलाह

प्रधानमंत्री ने सिर्फ सोने की खरीदारी पर ही बात नहीं की. उन्होंने घूमने-फिरने के लिए विदेश यात्रा से बचने का भी संदेश दिया है. अगर यात्रा सिर्फ घूमने के उद्देश्य से की जा रही है, तो विदेश जाने के बजाय देश के भीतर घूमने और खर्च करने पर जोर दिया गया है. इस तरह प्रधानमंत्री के पूरे संदेश को घरेलू खर्च और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के संदर्भ में देखा जा सकता है.

Gold Market में कितनी हलचल

अब बात करते हैं गोल्ड मार्केट की. खबर लिखे जाने तक 5 अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना करीब 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 1.54 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रहा था. हालांकि सिर्फ मौजूदा कारोबारी सत्र की चाल देखने से गोल्ड की पूरी तस्वीर साफ नहीं होती. अलग-अलग समयावधि में सोने की कीमत में काफी अलग ट्रेंड दिखाई दे रहा है. पिछले एक हफ्ते में सोना करीब 5.44 फीसदी टूट चुका है. वहीं एक महीने की अवधि में गोल्ड करीब 7.35 फीसदी उछला है. इसके अलावा तीन महीने की अवधि में सोना करीब 6.08 फीसदी नीचे है. इससे पता चलता है कि गोल्ड मार्केट में फिलहाल उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा है. छोटी अवधि में कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है.

पीएम मोदी के बयान से Gold Price पर पड़ेगा असर

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री के इस बयान से सोने की कीमतों पर कोई सीधा असर पड़ेगा. यहां यह समझना जरूरी है कि पीएम मोदी का बयान गोल्ड की कीमत के लिए कोई Buy या Sell Signal नहीं है. सोने की कीमत कई अलग-अलग कारणों से प्रभावित होती है. ऐसे में केवल एक बयान के आधार पर गोल्ड की कीमत की आगे की दिशा तय नहीं की जा सकती. हालांकि अगर घरेलू स्तर पर लोग गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को टालते हैं, तो इससे गोल्ड की घरेलू मांग पर असर पड़ सकता है. मांग में बदलाव का प्रभाव सोने से जुड़े कारोबार पर भी दिखाई दे सकता है.

Gold और Jewellery कंपनियों के लिए क्यों अहम है यह बयान

सोने की कीमत और ज्वेलरी की मांग गोल्ड से जुड़े कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होती है. अगर ग्राहक गैर-जरूरी खरीदारी को टालते हैं, तो ज्वेलरी की मांग पर दबाव आ सकता है. पीएम मोदी के बयान के बाद गोल्ड से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी हलचल देखने को मिली. हालांकि किसी कंपनी के शेयर में तेजी या गिरावट को केवल प्रधानमंत्री के बयान से जोड़ना सही नहीं होगा. किसी भी गोल्ड या ज्वेलरी कंपनी के शेयर पर उसके कारोबार, बिक्री, मार्जिन, वित्तीय प्रदर्शन, ग्राहकों की मांग और पूरे शेयर बाजार के सेंटीमेंट जैसे कई फैक्टर्स का असर पड़ता है. इसलिए निवेशकों को केवल इस बयान को देखकर किसी कंपनी के शेयर को लेकर फैसला नहीं करना चाहिए.

Gold खरीदने वालों को क्या करना चाहिए

अगर कोई व्यक्ति शादी, पारिवारिक जरूरत या किसी अन्य वास्तविक उद्देश्य के लिए सोना खरीदना चाहता है, तो उसे अपनी जरूरत और बजट को ध्यान में रखना चाहिए. वहीं अगर खरीदारी सिर्फ इसलिए की जा रही है क्योंकि गोल्ड की कीमत बढ़ रही है या आगे और बढ़ने की उम्मीद है, तो फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी है. मौजूदा आंकड़ों को देखें तो अलग-अलग समयावधि में गोल्ड की चाल काफी अलग रही है. एक हफ्ते में जहां सोना 5.44 फीसदी नीचे है, वहीं एक महीने में इसमें 7.35 फीसदी की तेजी आई है. ऐसे में सिर्फ एक अवधि के प्रदर्शन को देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा.

पीएम मोदी के संदेश में तीन बड़ी बातें

पीएम मोदी के पूरे संदेश को देखें तो इसमें तीन अहम बातें सामने आती हैं.

  • पहली बात, अगर सोने की जरूरत नहीं है तो गैर-जरूरी गोल्ड खरीदारी से बचना चाहिए.
  • दूसरी बात, स्वदेशी और 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देना चाहिए और देश में बनी चीजों को प्राथमिकता देनी चाहिए.
  • तीसरी बात, सिर्फ घूमने के लिए विदेश जाने के बजाय देश के भीतर यात्रा और खर्च को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.

यानी यह संदेश सिर्फ सोने की खरीदारी तक सीमित नहीं है. इसमें घरेलू खर्च, स्थानीय उत्पादों और देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक अपील भी शामिल है.

आगे Gold Market पर रहेगी नजर

फिलहाल गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि घरेलू स्तर पर सोने की मांग पर इस संदेश का कितना असर दिखाई देता है और गोल्ड से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है. हालांकि गोल्ड की कीमतों और कंपनियों के शेयरों की दिशा केवल पीएम मोदी के बयान से तय नहीं होगी. बाजार की चाल कई दूसरे फैक्टर्स पर भी निर्भर करेगी. फिलहाल पीएम मोदी का संदेश साफ है कि जरूरत नहीं है तो सिर्फ खरीदारी के लिए सोना खरीदने की जरूरत नहीं है. वहीं देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देकर 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.

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