अगर हर साल सिर्फ एक तय रकम निवेश की जाए और 20-25 साल तक उसे छेड़ा न जाए, तो क्या वही पैसा करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार कर सकता है? PPF यानी Public Provident Fund इसका एक दिलचस्प उदाहरण है.
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PPF में बाजार के रोजाना उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता. यहां निवेश का असली खेल समय, ब्याज और compounding का है. यही वजह है कि PPF के साथ 15×5×5 का फॉर्मूला काफी चर्चा में रहता है.
लेकिन ₹1.50 लाख सालाना निवेश से करोड़ रुपये का corpus आखिर कैसे बनता है? आइए आसान गणित से समझते हैं.
पहले समझिए PPF क्या है
Public Provident Fund यानी PPF सरकार समर्थित long-term savings scheme है. इसमें निवेश की शुरुआत छोटी रकम से भी की जा सकती है, जबकि एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किए जा सकते हैं.
फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. हालांकि यह दर हमेशा एक जैसी रहेगी, ऐसा जरूरी नहीं है. सरकार समय-समय पर PPF की ब्याज दर की समीक्षा करती है.
PPF की प्रमुख बातें.
- न्यूनतम सालाना निवेश: ₹500.
- अधिकतम सालाना निवेश: ₹1.50 लाख.
- मौजूदा ब्याज दर: 7.1%.
- सामान्य maturity period: 15 साल.
- 15 साल के बाद 5-5 साल के blocks में extension का विकल्प.
अब समझिए 15×5×5 का मतलब
PPF की मूल अवधि 15 साल होती है. लेकिन maturity के बाद इसे 5 साल के blocks में आगे बढ़ाया जा सकता है.
यानी.
15 साल + 5 साल + 5 साल = 25 साल.
यहीं से compounding का असर काफी बड़ा होने लगता है. जितना ज्यादा समय पैसा invested रहता है, उतना ज्यादा समय ब्याज को भी ब्याज कमाने का मौका मिलता है.
₹1.50 लाख सालाना जमा करने पर कितना पैसा बनेगा
मान लीजिए आप हर साल PPF में अधिकतम ₹1.50 लाख जमा करते हैं.
15 साल में आपकी कुल contribution होगी.
₹1.50 लाख × 15 = ₹22.50 लाख.
अगर calculation के लिए मौजूदा 7.1% ब्याज दर को पूरे 15 साल तक स्थिर मान लिया जाए, तो आपका corpus करीब ₹40.68 लाख तक पहुंच सकता है.
यानी आपने अपनी जेब से ₹22.50 लाख लगाए, लेकिन compounding ने corpus को करीब ₹40 लाख के पार पहुंचा दिया.
असली खेल 15 साल के बाद शुरू होता है
अब मान लीजिए कि आप PPF को आगे 5 साल के लिए extend करते हैं और फिर एक और 5 साल का extension लेते हैं.
इस तरह निवेश की कुल अवधि 25 साल हो जाती है.
अगर आप हर साल ₹1.50 लाख जमा करते रहते हैं, तो 25 साल में आपकी कुल contribution होगी.
₹1.50 लाख × 25 = ₹37.50 लाख.
वहीं, अगर पूरे 25 साल तक 7.1% की दर स्थिर मानकर calculation करें, तो corpus ₹1 करोड़ से ज्यादा, करीब ₹1.03 करोड़ तक पहुंच सकता है.
यानी ₹37.50 लाख के कुल निवेश पर करीब ₹65 लाख का अंतर compounding से बनता है.
करोड़पति बनाने वाला असली फैक्टर क्या है
यहां कोई guaranteed shortcut नहीं है. PPF में करोड़ रुपये का corpus बनने के पीछे तीन चीजें सबसे अहम हैं.
- Regular investment: हर साल निवेश जारी रखना.
- Long-term holding: पैसे को लंबे समय तक invested रहने देना.
- Compounding: ब्याज पर भी ब्याज मिलते रहना.
यही तीसरा factor लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा करता है.
Tax benefit भी PPF को बनाता है खास
PPF का एक और आकर्षण इसका tax treatment है. मौजूदा नियमों के तहत eligible investment पर Section 80C के जरिए ₹1.50 लाख तक deduction का फायदा लिया जा सकता है.
इसके अलावा PPF का interest और maturity proceeds भी मौजूदा tax rules के तहत tax-exempt treatment पाते हैं.
हालांकि tax rules और व्यक्तिगत eligibility को ध्यान में रखना जरूरी है.
लेकिन ₹1 करोड़ की calculation को guarantee न समझें
यह सबसे जरूरी बात है. ₹1.03 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ illustration है. इसमें 7.1% की मौजूदा ब्याज दर को पूरे 25 साल तक समान मानकर calculation की गई है.
असल में PPF की ब्याज दर भविष्य में बदल सकती है. इसके अलावा contribution का समय और extension के दौरान निवेश जारी रखना जैसे factors भी final corpus को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए PPF का फॉर्मूला सिर्फ 15×5×5 नहीं है. इसका असली मंत्र है जल्दी शुरुआत + नियमित निवेश + लंबा समय + compounding. और यही चार चीजें मिलकर एक relatively छोटी annual saving को लंबे समय में बड़ा corpus बनाने की ताकत देती हैं.
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