देश के सबसे लोकप्रिय म्यूचुअल फंड्स में शामिल Parag Parikh Flexi Cap Fund एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह फंड का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उसके फंड मैनेजर राजीव ठक्कर हैं. ठक्कर ने अपनी कंपनी Parag Parikh Financial Advisory Services (PPFAS) में मौजूद अपनी हिस्सेदारी का एक छोटा हिस्सा बेच दिया है. हालांकि हिस्सेदारी सिर्फ 0.33% की है, लेकिन इस सौदे ने PPFAS की वैल्यूएशन और ठक्कर की संपत्ति दोनों को लेकर बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है.
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डील में क्या हुआ
PPFAS Mutual Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) राजीव ठक्कर ने कंपनी की 0.33% हिस्सेदारी WhiteOak Capital को करीब 52 करोड़ रुपये में बेची है. इस डील के आधार पर PPFAS की वैल्यूएशन लगभग 15,800 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस वैल्यूएशन के हिसाब से राजीव ठक्कर के पास बची करीब 5.88% हिस्सेदारी की कीमत 900 करोड़ रुपये बैठती है. गौरतलब है कि 31 मार्च 2026 तक उनके पास कंपनी में 6.21% हिस्सेदारी थी और वह प्रमोटर परिवार के बाद सबसे बड़े शेयरधारक थे.
जुलाई में दूसरी बड़ी डील
ये जुलाई महीने में PPFAS से जुड़ा दूसरा बड़ा सौदा है. इससे पहले कंपनी के प्रमोटर्स नील पारिख और खुशबू पारिख ने कंपनी की करीब 1% से कम हिस्सेदारी Avendus Future Leaders Fund III को 140 करोड़ रुपये में बेची थी. उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 14,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी. अब WhiteOak की डील ने ये वैल्यूएशन बढ़ाकर **15,800 करोड़ रुपये** कर दी है.
PPFAS की वैल्यूएशन क्यों है खास?
PPFAS देश की सबसे तेजी से बढ़ती एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है. 30 जून 2026 तक कंपनी के पास कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) थी. इनमें से अकेले Parag Parikh Flexi Cap Fund का AUM 1.42 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसे राजीव ठक्कर मैनेज करते हैं. यही वजह है कि अनलिस्टेड होने के बावजूद PPFAS में बड़े निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.
कमाई और मुनाफे में भी शानदार बढ़त
वित्त वर्ष 2025-26 में PPFAS का प्रदर्शन भी मजबूत रहा. कंपनी की ऑपरेशंस से आय बढ़कर 596 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 423 करोड़ रुपये थी. वहीं, नेट प्रॉफिट 246 करोड़ रुपये से बढ़कर 346 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
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