अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. ईरान का कहना है कि युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है और वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई हमला होता है, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक मजबूत दिया जाएगा. दूसरी ओर, ट्रंप का दावा है कि ईरान पूरी तरह खत्म हो चुका है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि वे ईरान को लेकर जल्द ही एक बड़ा फैसला लेंगे और ईरान के सामने अब आसान या मुश्किल रास्ता बचा हुआ है.
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अंतरराष्ट्रीय बाजार और ग्लोबल अपडेट्स
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं. GIFT Nifty में 134 अंकों की शानदार बढ़त देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रूड ऑयल 101.6 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है, जबकि OPEC+ ने नवंबर महीने के लिए अपने तेल उत्पादन के लक्ष्य को स्थिर रखा है. एशियाई बाजारों की बात करें तो आज जापान का बाजार Nikkei 2.56 फीसदी की मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, 7 अक्टूबर तक चीन के बाजार बंद रहेंगे और आज दक्षिण कोरिया का बाजार भी बंद है. इसके अलावा, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसमें DowJones +0.49%, S&P500 +0.73% और Nasdaq +1.19% ऊपर बंद हुए.
अन्य ग्लोबल आंकड़ों पर नजर डालें तो, अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.25% पर बनी हुई है और डॉलर इंडेक्स 102 के पार निकल चुका है. साथ ही, 7 अक्टूबर को FOMC की पिछली बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे. इसके अलावा Accenture के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं.
घरेलू बाजार की चाल और सपोर्ट लेवल्स
लगातार 8वें हफ्ते बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला है. बीते हफ्ते निफ्टी 3.11 फीसदी (-718 अंक) गिरकर बंद हुआ। 3 अगस्त के अपने हाई से निफ्टी अब तक 2353 अंक यानी 9.5 फीसदी नीचे आ चुका है. जानकारों के अनुसार गिरते बाजार में बॉटम ढूंढना मुश्किल है और 200 हफ्ते की औसत (22604) के नीचे बुल्स कमजोर नजर आ रहे हैं. ओवरसोल्ड ज़ोन में होने के कारण बाजार में हल्के उछाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
निफ्टी के लिए 22200 के करीब सपोर्ट लेने की कोशिश होगी, और यदि यह टूटता है तो 21500 से 21600 का ज़ोन बेहद अहम साबित होगा. आने वाले दिनों में Q2 के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे, जिसमें Accenture के बेहतर नतीजों के बाद आज मुख्य रूप से IT कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी. इसके अलावा 7 अक्टूबर को आने वाली RBI की पॉलिसी भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगी.
संस्थागत गतिविधि (01 अक्टूबर) और F&O बैन लिस्ट
1 अक्टूबर को कैश मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 9,484.22 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 10,041.84 करोड़ रुपये की दमदार लिवाली की. डिराइवेटिव्स बाजार में FIIs का कुल आंकड़ा -3989.56 करोड़ रुपये रहा, जिसमें इंडेक्स फ्यूचर्स (-3955.86 करोड़), इंडेक्स ऑप्शंस (+5013.67 करोड़), स्टॉक फ्यूचर्स (+2569.05 करोड़) और स्टॉक ऑप्शंस (+362.70 करोड़) शामिल हैं। इसके अलावा FIIs का इंडेक्स लॉन्ग प्रतिशत घटकर 8.01 (पहले 8.60) रह गया है.
F&O बैन लिस्ट की बात करें तो Bandhan Bank और SAIL इस बैन में बरकरार हैं, जबकि AmbujaCem की इस लिस्ट में नई एंट्री हुई है. वहीं निफ्टी अक्टूबर फ्यूचर्स 22,520.00 (-187.30 / -0.82%) पर बंद हुआ, जिसमें खुले सौदे (कॉन्ट्रैक्ट्स) 2,94,707 रहे और इसमें +17,552 (+6.33%) का बदलाव देखा गया.
पोस्ट मार्केट नतीजे (Q1 YoY)
Pranav Constructions: कंपनी का मुनाफा 45.5% बढ़कर 14.4 करोड़ रुपये, आय 15.7% बढ़कर 164.5 करोड़ रुपये और EBITDA 40.2% बढ़कर 29.3 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान कंपनी का मार्जिन 14.7% से बढ़कर 17.8% हो गया.
Manipal Payment: कंपनी का मुनाफा शानदार 129% उछलकर 77.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसकी आय 47.8% बढ़कर 419 करोड़ रुपये और EBITDA 44.1% बढ़कर 124.2 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि मार्जिन 30.4% के मुकाबले 29.6% रहा.
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