रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, 11.4 लाख लोगों को मिलेगा फायदा, जानिए कैसे तय होती है रकम

संदीप शर्मा

14 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 14 2026 4:57 PM)

कैबिनेट ने 11.4 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी. जानिए बोनस की रकम, कैलकुलेशन और वेतन सीमा बढ़ाने की मांग.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस

11.4 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा

बोनस पर खर्च होंगे 2,009 करोड़ रुपये

दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे के पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी गई है. इस फैसले से कम से कम 11.4 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. सरकार इस बोनस पर कुल 2,009 करोड़ रुपये खर्च करेगी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए इसे रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा बताया. यह बोनस रेलवे के पात्र नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को दिया जाता है. 

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78 दिन के बोनस का कैलकुलेशन कैसे होता है?

रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए फिलहाल 7,000 रुपये महीने की वेतन सीमा तय है. इसी सीमा को आधार बनाकर 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस निकाला जाता है. इस हिसाब से पात्र कर्मचारी को 17,951 रुपये का बोनस मिलता है.

इसकी गणना को ऐसे समझ सकते हैं

  • बोनस के लिए तय मासिक वेतन सीमा: 7,000 रुपये
  • एक दिन का वेतन: 7,000*30 = 233.33 रुपये
  • 78 दिन का बोनस: 233.33*78 = करीब 18,200 रुपये

हालांकि, रेलवे की मौजूदा निर्धारित गणना के तहत बोनस की अधिकतम रकम 17,951 रुपये है. इसलिए पात्र कर्मचारियों के लिए मौजूदा बोनस 17,951 रुपये ही बताया गया है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि 7,000 रुपये की सीमा का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी की वास्तविक मासिक सैलरी 7,000 रुपये है. बोनस की गणना के लिए इस रकम को आधार माना जाता है. इसलिए कर्मचारी की वास्तविक सैलरी ज्यादा होने पर भी बोनस की गणना इसी निर्धारित सीमा के आधार पर की जाती है.

7,000 रुपये की सीमा पर क्यों उठ रहे सवाल?

रेलवे कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि बोनस की गणना के लिए तय वेतन सीमा काफी पुरानी हो चुकी है. ये सीमा वित्त वर्ष 2014-15 से नहीं बदली है, जबकि इस दौरान वेतन और महंगाई में बदलाव हुआ है. इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 18,000 रुपये करने और इसमें महंगाई भत्ता यानी DA को शामिल करने की मांग की है. संगठन ने यह मांग लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए की है.

वेतन सीमा बढ़ी तो कितना हो सकता है बोनस?

IRTSA के मुताबिक, अगर बोनस की गणना के लिए 18,000 रुपये की वेतन सीमा लागू की जाती है, तो सालाना बोनस कम से कम 46,184 रुपये हो सकता है. यानी संगठन की मांग स्वीकार होने पर बोनस की रकम मौजूदा 17,951 रुपये से काफी बढ़ सकती है. हालांकि, ये एसोसिएशन का प्रस्ताव है. सरकार ने फिलहाल बोनस की गणना वाली वेतन सीमा बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी है. इसलिए कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि कैबिनेट ने 78 दिन के बोनस को मंजूरी दी है, लेकिन 18,000 रुपये की नई वेतन सीमा या 46,184 रुपये के बोनस को मंजूरी नहीं दी गई है.

फर्जी बोनस लेटर को लेकर रेलवे बोर्ड की चेतावनी

बोनस के मुद्दे पर रेलवे बोर्ड ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी पत्र को लेकर भी चेतावनी दी थी. इस पत्र में दावा किया गया था कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 78 दिन के बोनस के तौर पर 41,149 रुपये देने की मंजूरी मिल गई है. 6 अक्टूबर की तारीख वाले इस पत्र को रेलवे बोर्ड ने फर्जी बताया था. बोर्ड ने 7 अक्टूबर को रेलवे के महाप्रबंधकों को भेजे संदेश में कहा था कि पत्र पर किए गए हस्ताक्षर जाली हैं और इसे बोर्ड ने जारी नहीं किया है. रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों को इस पत्र के आधार पर कोई कार्रवाई या भुगतान नहीं करने का निर्देश दिया था. साथ ही कर्मचारियों और अधिकारियों से कहा था कि बोनस से जुड़ी जानकारी की पुष्टि रेलवे बोर्ड या रेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से करें.