RBI का बैंकों में जमा रकम पर बड़ा फैसला, लाया नया नियम, जान लीजिए पूरा मामला

सौरभ दीक्षित

• 06:05 PM • 31 Jul 2026

आरबीआई का नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. अब एक ही दिन समान रकम की एफडी पर सभी ग्राहकों को एक जैसी ब्याज दर मिलेगी. बैंक रोज दरें वेबसाइट पर डालेंगे.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

1 अक्टूबर 2026 से बैंक जमा पर नया आरबीआई नियम लागू होगा

एक ही दिन समान रकम पर सभी ग्राहकों को एक दर मिलेगी

बैंकों को रोज सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर दरें दिखानी होंगी

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक जमा और एफडी से जुड़ा एक नया नियम जारी किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बैंक में एफडी कराते हैं या बड़ी रकम जमा करते हैं.

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आरबीआई के मुताबिक, अगर किसी बैंक में एक ही दिन एक ही रकम की जमा ली जाती है, तो सभी ग्राहकों को एक जैसी ब्याज दर देनी होगी. यानी समान रकम की जमा पर अलग-अलग ग्राहकों को अलग ब्याज देना अब आसान नहीं होगा.

नया नियम क्या है

आरबीआई ने साफ कहा है कि एक ही दिन और एक ही रकम की जमा पर बैंक को सभी ग्राहकों के लिए समान ब्याज दर रखनी होगी. इसका मतलब है कि बैंक एक जैसे जमा पर अलग-अलग ग्राहकों के साथ अलग व्यवहार नहीं कर सकेगा.

• अगर 2 लोग एक ही दिन 10 लाख रुपये की एफडी कराते हैं, तो दोनों को एक जैसी ब्याज दर मिलनी चाहिए.

• बैंक 1 ग्राहक को 6.75% और दूसरे को 7% ब्याज नहीं दे सकेगा.

• आरबीआई ने कहा है कि ऐसे मामलों में भेदभाव स्वीकार नहीं होगा.

यह बदलाव क्यों लाया गया

आरबीआई के मुताबिक, कई बार बड़े ग्राहकों या कॉरपोरेट ग्राहकों को अलग से बातचीत के बाद ज्यादा ब्याज दे दिया जाता था. वहीं उसी दिन और उसी रकम की एफडी कराने वाले दूसरे ग्राहकों को कम ब्याज मिलता था. इसी वजह से केंद्रीय बैंक ने अब ज्यादा साफ और समान नियम लागू करने का फैसला किया है.

ब्याज दरें वेबसाइट पर बतानी होंगी

आरबीआई ने यह भी कहा है कि सभी बैंक हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की ब्याज दरें अपडेट करेंगे. अगर किसी वजह से देरी होती है, तो अधिकतम 10 मिनट की छूट होगी. यानी सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक नई दरें सार्वजनिक करनी होंगी.

• ग्राहक अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरें आसानी से देख सकेंगे.

• जमा करने से पहले तुलना करना आसान होगा.

• इससे ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी.

क्या किसी मामले में अलग ब्याज दिया जा सकेगा.

आरबीआई ने सीमित छूट भी दी है. अगर लिक्विडिटी कवरेज रेशियो जैसे वैध वित्तीय मानकों के तहत जरूरत हो, तो बैंक कुछ मामलों में अलग ब्याज दर दे सकते हैं. हालांकि इसके पीछे साफ और उचित वित्तीय कारण होना जरूरी होगा. मनमाने तरीके से अलग-अलग ब्याज देना संभव नहीं होगा.

नियम कब से लागू होंगे

आरबीआई ने कहा है कि ये अंतिम दिशा-निर्देश 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू होंगे. इससे पहले जून 2026 में इसका मसौदा जारी किया गया था और बैंकों समेत दूसरे पक्षों से सुझाव मांगे गए थे. उन सुझावों पर विचार के बाद अब अंतिम नियम जारी किए गए हैं.

आम ग्राहक पर क्या असर होगा

• समान रकम की जमा पर अलग-अलग ब्याज देने की गुंजाइश कम होगी.

• बैंक की घोषित दरें पहले से वेबसाइट पर दिखेंगी.

• ग्राहकों के साथ भेदभाव की संभावना घटेगी.

• बैंकिंग व्यवस्था में भरोसा बढ़ सकता है.

कुल मिलाकर, आरबीआई का यह फैसला बैंक जमा और एफडी के नियमों को ज्यादा साफ और बराबरी वाला बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. 1 अक्टूबर 2026 से अगर आप बैंक में एफडी या बड़ी जमा करते हैं, तो पहले बैंक की वेबसाइट पर ब्याज दर जरूर देख लें. इससे ग्राहकों को बेहतर जानकारी मिलेगी और समान रकम की जमा पर नियम ज्यादा एक जैसे रहेंगे.