Space में होगी Diagnostics की टेस्टिंग, Redcliffe Labs और Skyroot Aerospace की बड़ी Partnership

चिराग ठाकुर

• 11:40 AM • 15 Aug 2026

रेडक्लिफ लैब्स और स्काईरूट एयरोस्पेस डीआरआईएफटी-1 मिशन के तहत जांच रसायन स्पेस भेजेंगे. इससे पता चलेगा कि वे कठिन माहौल में कितने स्थिर और असरदार रहते हैं.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

DRIFT-1 मिशन में सूखे जांच रसायन निचली पृथ्वी कक्षा में भेजे जाएंगे

ये नमूने करीब 90 दिनों तक अंतरिक्ष के माहौल में रखे जाएंगे

धरती पर रखे समान नमूनों से इनके नतीजों की तुलना होगी

भारत के Healthcare और Private Space Sector के बीच एक नई तरह की Partnership सामने आई है. Redcliffe Labs और Skyroot Aerospace ने Space में Diagnostics Technology की संभावनाओं को समझने के लिए हाथ मिलाया है. इस Collaboration के तहत यह देखा जाएगा कि Diagnostic Reagents पृथ्वी की तुलना में अंतरिक्ष के मुश्किल वातावरण में कितनी स्थिरता और प्रभावी तरीके से काम करते हैं.

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इस पहल का पहला मिशन DRIFT-1 है, जिसमें Redcliffe Labs के Dry Diagnostic Reagents को Low Earth Orbit यानी LEO में भेजा जाएगा. वहां इन्हें करीब 90 दिनों तक रखा जाएगा और इनके प्रदर्शन की तुलना पृथ्वी पर रखे गए समान Samples से की जाएगी.

Space में Diagnostics की होगी असली परीक्षा

Space का वातावरण किसी भी Technology के लिए बेहद challenging होता है. ऐसे में Diagnostics Reagents को Orbit में भेजकर यह समझने की कोशिश की जाएगी कि Microgravity और Space Environment उनके Stability और Performance को किस तरह प्रभावित करते हैं.

DRIFT-1 में क्या होगा?

Redcliffe Labs के Dry Diagnostic Reagents को Low Earth Orbit में भेजा जाएगा. Reagents करीब 90 दिनों तक Space में रहेंगे. इसी के साथ एक समान Sample Ground Control के तौर पर पृथ्वी पर रखा जाएगा. दोनों Samples के प्रदर्शन की तुलना की जाएगी. इससे Reagents की Stability और Performance को लेकर Data तैयार होगा.

इस Data से यह समझने में मदद मिल सकती है कि Space जैसे कठिन वातावरण में Diagnostics Technology को किस तरह ज्यादा Resilient बनाया जा सकता है.

Space से मिलने वाली Learning धरती पर भी आएगी काम

इस Collaboration का मकसद सिर्फ Space में Diagnostics की Testing तक सीमित नहीं है. कंपनियों के मुताबिक, इस Research से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल ऐसे Diagnostic Solutions विकसित करने में किया जा सकता है, जो उन जगहों पर भी बेहतर तरीके से काम करें जहां Healthcare Infrastructure या Cold-Chain Facilities सीमित हैं.

यानी Space को यहां सिर्फ एक Destination नहीं, बल्कि Testing Laboratory की तरह देखा जा रहा है.

संभावित Applications में शामिल हैं:

Space-enabled Diagnostics. Astronaut Health Monitoring. Life Sciences Research. Microgravity Research. Challenging Environments के लिए Point-of-Care Diagnostics.

Gaganyaan और Space Station के लिए भी अहम हो सकता है

भविष्य में इस तरह की Technology Human Spaceflight Missions में भी उपयोगी हो सकती है. खास तौर पर भारत के Gaganyaan Mission और प्रस्तावित Bharatiya Antariksh Station जैसे कार्यक्रमों के संदर्भ में Space में Health Monitoring और Diagnostics की जरूरत महत्वपूर्ण हो सकती है.

अगर Diagnostic Systems को Space के कठिन वातावरण में ज्यादा Reliable बनाया जा सके, तो लंबी अवधि के Human Space Missions में इनका महत्व और बढ़ सकता है.

Healthcare और Space Technology का संगम

Redcliffe Labs के Chairman और Co-Founder Dheeraj Jain के मुताबिक, अलग-अलग क्षेत्रों की Expertise को साथ लाने से नई Scientific Innovations का रास्ता खुल सकता है. वहीं Redcliffe Labs के Founder और CEO Aditya Kandoi ने Space को Diagnostics Technology के लिए बेहद कठिन लेकिन उपयोगी Testing Environment बताया.

Skyroot Aerospace के Co-Founder और CEO Pawan Kumar Chandana ने भी इसे ऐसे Use Cases की शुरुआत बताया है, जिनके जरिए Healthcare Technology को Orbit तक ले जाया जा सकता है.

भारत के लिए क्यों खास है यह Collaboration?

यह Partnership इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें Healthcare Diagnostics और Private Space Technology जैसी दो अलग-अलग Industries एक साथ काम कर रही हैं. DRIFT-1 से मिलने वाला Data आगे की Research और Technology Development के लिए आधार बन सकता है.

सीधी बात यह है: Space में अगर Diagnostics Technology ज्यादा मुश्किल परिस्थितियों में टिक सकती है, तो उसी Research से पृथ्वी के दूरदराज और संसाधन-कम इलाकों के लिए भी ज्यादा Resilient Healthcare Solutions विकसित करने की संभावना बन सकती है.

यानी यह सिर्फ एक Space Experiment नहीं, बल्कि Space से Healthcare को बेहतर बनाने की दिशा में एक शुरुआती कदम भी हो सकता है.