मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली Reliance Industries ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं. कंपनी के मजबूत प्रदर्शन के बाद सोमवार को शेयर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. एनालिस्ट्स का मानना है कि एनर्जी, रिफाइनिंग और डिजिटल कारोबार की मजबूती आने वाले समय में भी कंपनी की ग्रोथ को सहारा देगी.
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25% बढ़ी कंपनी की आय
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Reliance Industries की ऑपरेशंस से आय 25% बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये रही. पिछले साल इसी तिमाही में यह 2.48 लाख करोड़ रुपये थी.हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट 22% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा. इसकी बड़ी वजह पिछले साल Asian Paints में हिस्सेदारी बेचने से मिला एकमुश्त फायदा था. इस असाधारण आय को हटाकर देखें तो कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा.
ब्रोकरेज फर्मों की 'Buy' की सलाह
- Morgan Stanley ने 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसे अपना टॉप पिक बताया
- Nomura ने 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस 1,690 रुपये कर दिया, जो मौजूदा स्तर से करीब 27% की संभावित तेजी दिखाता है
- Motilal Oswal ने 1,550 रुपये का लक्ष्य देते हुए 'Buy' की सलाह बरकरार रखी
- Nuvama ने 1,765 रुपये का टारगेट दिया है, जो करीब 33% की संभावित बढ़त का संकेत देता है
- Emkay ने भी 1,680 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 'Buy' रेटिंग दोहराई है
Morgan Stanley की राय
मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी ने मुनाफे और नतीजों की गुणवत्ता, दोनों मोर्चों पर बाजार के अनुमान को पीछे छोड़ा. उसके मुताबिक यह बढ़त फ्यूल रिफाइनिंग और केमिकल कारोबार की मजबूत चाल से आई. ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन करीब 14.5 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो कच्चे तेल पर प्रीमियम के दबाव के बाद भी सामान्य चक्र के स्तर से करीब 25 प्रतिशत ऊपर है. मॉर्गन स्टैनली ने प्रबंधन के उस भरोसे पर भी जोर दिया, जिसमें रिटेल कारोबार का एबिट्डा वित्त वर्ष 2029 तक दोगुना होने की बात कही गई है.
Nomura की राय
नोमुरा ने शेयर पर खरीद की सलाह बरकरार रखते हुए लक्ष्य भाव 1,690 रुपये कर दिया है. यह मौजूदा स्तर से करीब 27.4 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है. ब्रोकरेज ने कहा कि रिलायंस ने रिकॉर्ड पहली तिमाही दी. कुल एबिट्डा सालाना आधार पर 11 प्रतिशत और तिमाही-दर-तिमाही 8 प्रतिशत बढ़ा और उसका अनुमान 6 प्रतिशत से पीछे छूट गया. नोमुरा के मुताबिक तेल से केमिकल कारोबार उसके अनुमान से 13 प्रतिशत बेहतर रहा, अपस्ट्रीम कारोबार 27 प्रतिशत आगे रहा, जबकि जियो अनुमान के मुताबिक रहा. ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के एबिट्डा अनुमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया है, क्योंकि तेल से केमिकल कारोबार के बेहतर अनुमान ने रिटेल के थोड़े नरम अनुमान की भरपाई कर दी.
Motilal Oswal की राय
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी खरीद की सलाह दोहराते हुए लक्ष्य भाव 1,550 रुपये किया है. ब्रोकरेज ने कहा कि ऊर्जा कारोबार में बेहतर मुनाफे ने एबिट्डा वृद्धि को सहारा दिया, जबकि रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन थोड़ा नरम रहा. उसके मुताबिक तेल से केमिकल और तेल एवं गैस कारोबार में सुधार दिखा, जबकि जियो स्थिर रहा. फर्म को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कुल एबिट्डा और पैट में करीब 9 से 10 प्रतिशत सालाना औसत बढ़त रह सकती है.
Nuvama की राय
नुवामा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर खरीद की राय बरकरार रखते हुए 1,765 रुपये का लक्ष्य भाव दिया है. यह मौजूदा बाजार भाव से करीब 33 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है. ब्रोकरेज ने कहा कि पहली तिमाही में एबिट्डा 11 प्रतिशत बढ़ा, जिसे तेल से केमिकल और डिजिटल कारोबार का सहारा मिला, हालांकि रिटेल कमजोर कड़ी बना रहा. नुवामा ने सोलर क्षमता में तेज बढ़त का भी जिक्र किया और कहा कि इससे आगे चलकर मुनाफे में सुधार हो सकता है. उसके मुताबिक हरित ऊर्जा से जुड़े कदम भविष्य की कमाई को सहारा दे सकते हैं.
Emkay की राय
Emkay ने भी खरीद की सलाह बरकरार रखी है और लक्ष्य भाव 1,680 रुपये रखा है. ब्रोकरेज ने कहा कि पहली तिमाही में कुल एबिट्डा और पैट उसके अनुमान से बेहतर रहे. इसकी बड़ी वजह तेल से केमिकल और अपस्ट्रीम कारोबार का मजबूत प्रदर्शन रहा, जबकि रिटेल पर कमजोर मार्जिन का दबाव बना रहा. एमके ने कहा कि जियो के मार्जिन स्थिर रहे और प्रबंधन को रिटेल एबिट्डा को वित्त वर्ष 2029 तक दोगुना करने का भरोसा है.
नतीजों में क्या निकला?
जून तिमाही के नतीजों ने दिखाया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक साथ कई कारोबारों से सहारा मिल रहा है. ऊर्जा, डिजिटल और रिफाइनिंग कारोबार ने मजबूती दिखाई, जबकि रिटेल अभी भी दबाव में है. इसके बाद भी ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है. बाजार की नजर अब रिटेल में सुधार, जियो की आगे की चाल और हरित ऊर्जा कारोबार की बढ़त पर रहेगी.
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