खुद हजारों करोड़ के कर्ज में डूबे रॉबर्ट कियोसाकी ने बताया अमीर बनने का फॉर्मूला?

क्या आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित है या एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है? रॉबर्ट कियोसाकी ने इतिहास के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश की चेतावनी दी है. रिच डैड पुअर डैड के लेखक का दावा-तबाही ही नए करोड़पति बनाएगी. निवेशकों को अभी सतर्क रहकर अवसर पहचानने और जोखिम समझने की सलाह दी गई

Robert Kiyosaki Prediction
Robert Kiyosaki Prediction

रूपक प्रियदर्शी

follow google news

Robert Kiyosaki Prediction: क्या आपकी मेहनत की कमाई खतरे में है? क्या दुनिया एक ऐसे आर्थिक सैलाब की दहलीज पर खड़ी है जो सब कुछ तबाह कर देगा? दुनिया की मशहूर किताब रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने पूरी दुनिया के बाजारों में खलबली मचा दी है. रॉबर्ट कियोसाकी वो शख्स हैं जिसकी भविष्यवाणियों से दुनिया के शेयर बाजार कांपते हैं. आम आदमी का तो क्या ही कहना. उन्हें अमीर बनाने का मसीहा भी माना जाता है, जबकि दूसरी ओपिनियन ये है कि वो सिर्फ डर बेचने वाले सौदागर हैं. कियोसाकी की भविष्यवाणियों पर सवाल भी उठते हैं लेकिन बाजार की मौजूदा हलचल में उनकी बातों को नजरअंदाज करना मुश्किल बना रही है.

Read more!

सबसे बड़े क्रैश की भविष्यवाणी

कियोसाकी की एकदम ताजा भविष्यवाणी की दुनिया में बड़ी चर्चा है. उन्होंने कहा कि इतिहास का सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट क्रैश अब हमारे सिर पर खड़ा है. ये वही तबाही है जिसकी भविष्यवाणी उन्होंने 2013 में अपनी किताब रिच डैड्स प्रोफेसी में की थी.

सोना-चांदी और बिटकॉइन का अनुमान

कियोसाकी ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया का वर्तमान वित्तीय ढांचा नकली पैसे और भारी कर्ज पर टिका है जो अब ढहने वाला है. कियोसाकी भविष्य देख रहे हैं कि 2026 के अंत तक चांदी $200 प्रति औंस के पार चली जाएगी. उन्होंने सोने के लिए $27,000 और बिटकॉइन के लिए $250,000 का लक्ष्य रखा है. उनकी नजर में जो लोग क्रैश के लिए तैयार नहीं उनके लिए क्रैश Worst Nightmare साबित होगा.

क्रैश को मौका मानने की सलाह

लेकिन रुकिए! कियोसाकी सिर्फ डरा नहीं रहे हैं. वे कह रहे हैं कि यह क्रैश आपको ‘आपकी सोच से ज्यादा अमीर’ बना सकता है. उनके शब्दों में ‘मार्केट क्रैश दरअसल सेल (Sale) की तरह होते हैं, जहां बेशकीमती संपत्तियां कौड़ियों के दाम मिलती हैं’. वे खुद पैनिक में बेचने के बजाय और अधिक बिटकॉइन खरीदने की तैयारी में हैं.

कर्ज की रणनीति और निवेश मॉडल

दुनिया को अमीर बनने वाले रॉबर्ट कियोसाकी खुद करीब 10 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे नहीं लेकिन पहली नजर ये सोच लेना गलत है कि अपनी गलतियों से कर्ज में डूबे हैं. कियोसाकी का दावा है कि कर्ज में होना उनकी एक सोची-समझी ‘डेट स्ट्रेटजी’ है. जो आपकी जेब से पैसे निकाले (जैसे कार लोन या क्रेडिट कार्ड बिल). कियोसाकी के अनुसार उनकी लग्जरी कारें (जैसे फेरारी और रॉल्स रॉयस) 100% कैश में खरीदी गई हैं क्योंकि वे उन्हें लायबिलिटी (Liability) मानते हैं. अच्छा कर्ज वो है जो आपकी जेब में पैसे डाले. उनका 10 हजार करोड़ का कर्ज इसी केटेगरी में आता है.

उधार लेकर ‘असली’ संपत्तियां खरीदना

उन्होंने ये पैसा सोना, चांदी, रियल एस्टेट और बिटकॉइन जैसी ‘असली’ संपत्तियां खरीदने के लिए बैंकों से उधार लिए. कियोसाकी की विवादित लेकिन मशहूर थ्योरी है कि वो अमीर इसलिए हैं क्योंकि वे कर्ज में हैं. अमेरिकी कानूनों के अनुसार, निवेश के लिए लिए गए कर्ज पर टैक्स में भारी छूट मिलती है. वे कैश रखने को ‘कचरा’ मानते हैं क्योंकि महंगाई इसकी वैल्यू कम कर देती है, जबकि कर्ज के जरिए खरीदी गई संपत्तियां समय के साथ महंगी होती हैं.

लेवरेज और जोखिम का तर्क

कियोसाकी का कहना है कि इतना बड़ा कर्ज लेना उन्हें बैंकों के ऊपर एक तरह की ताकत (Leverage) देता है. उनके शब्दों में— “अगर मैं डूबता हूं, तो बैंक भी डूबेगा, इसलिए ये मेरी नहीं, बैंक की समस्या है”. वे इसे अपनी एक सुरक्षा कवच की तरह देखते हैं. कियोसाकी का तर्क है कि जब क्रैश के दौरान आसमान से पैसे गिर रहे हों तो आपको बाल्टी लेकर खड़ा होना चाहिए, न कि छतरी लेकर.

समर्थन और आलोचना दोनों

उनकी बातों को सीरियसली लेना है या नहीं, ये राय बनाने से पहले दो पहलुओं पर विचार करना चाहिए. कियोसाकी आर्थिक मंदी (2008 क्रैश) और मुद्रास्फीति (Inflation) की सटीक चेतावनी देने के लिए जाने जाते हैं. उनका निवेश मॉडल ‘कैश फ्लो’ पर आधारित है जो संकट के समय काम आ सकता है. कियोसाकी के आलोचक कहते हैं कि वे “परपेचुअल डूम्सडे प्रेडिक्टर यानी हमेशा बर्बादी की भविष्यवाणी करने वाले हैं.” उनकी कई भविष्यवाणियां पहले गलत भी साबित हुई हैं. उनका कर्ज मॉडल बहुत उच्च जोखिम वाला है, जो आम आदमी के लिए घातक हो सकता है.

रिच डैड बनाम पुअर डैड की कहानी

कियोसाकी की कहानी शुरू होती है अमेरिका के हुवाई के एक छोटे से घर से. एक तरफ थे उनके अपने पिता पढ़े-लिखे, सरकारी अधिकारी, लेकिन जीवन भर पैसों के लिए संघर्ष करते रहे. कियोसाकी ने उन्हें नाम दिया ‘पुअर डैड’. दूसरी तरफ थे उनके दोस्त के पिता बिना डिग्री के, लेकिन व्यापार की समझ रखने वाले. उन्हें कहा गया 'रिच डैड'. इसी खींचतान ने जन्म दिया एक ऐसी किताब को जिसने करोड़ों लोगों की सोच बदल दी रिच डैड पुअर डैड. किताब बताती है कि गरीब और मध्यम वर्ग पैसे के लिए काम करते हैं, जबकि अमीर लोग संपत्तियां बनाने पर ध्यान देते हैं जो उनके सो जाने के बाद भी उनके लिए पैसा कमाती हैं. यह किताब आज भी उतनी ही चर्चित है क्योंकि इसने लोगों को ‘नौकरी की सुरक्षा’ के बजाय ‘आर्थिक आजादी’ के बारे में सोचना सिखाया.

    follow google news