रॉबर्ट कियोसाकी की बड़ी चेतावनी: US Debt जल्द पहुंचेगा $40 ट्रिलियन! बोले- कैश नहीं, सोना-चांदी पर भरोसा

तनीषा त्यागी

• 02:44 PM • 17 Aug 2026

रॉबर्ट कियोसाकी ने अमेरिकी कर्ज पर नई चेतावनी दी है. उनका कहना है कि कैश पर टिके रहने के बजाय सोना और खासकर चांदी पर नजर रखना अभी समझदारी हो सकती है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

कियोसाकी का Gold-Silver पर भरोसा

जिम रिकार्ड्स के अनुमान का जिक्र कर सोना और चांदी उछाल बताया

चांदी को बताया बेहतर विकल्प

सोना $10,000 तक पहुंचने का दावा

रॉबर्ट कियोसाकी की बड़ी चेतावनी: अमेरिका के बढ़ते कर्ज को लेकर मशहूर लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी राय साझा की और लोगों से सवाल किया कि अगर देश का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, तो वे खुद अपनी वित्तीय सुरक्षा के लिए क्या कर रहे हैं. कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि मौजूदा माहौल में अगस्त 2026 में उन्हें चांदी सबसे बेहतर विकल्प नजर आती है. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कैश बचाकर रखना नुकसानदेह साबित हो सकता है.

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कियोसाकी की पोस्ट ने फिर खींचा ध्यान

 

रॉबर्ट कियोसाकी ने 15 अगस्त को एक्स पर एक पोस्ट साझा की. इसमें उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज को लेकर बड़ा दावा किया. उनका कहना है कि अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज जल्द ही 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. उन्होंने पोस्ट में लोगों से सीधे सवाल किया कि वे इस संभावित संकट के लिए क्या कर रहे हैं. कियोसाकी ने यह भी कहा कि सिर्फ यह सोचना या बात करना काफी नहीं है, बल्कि अपने स्तर पर कदम उठाना ज्यादा महत्वपूर्ण है. यानी उनकी पोस्ट का मुख्य संदेश यह है कि बढ़ते कर्ज और आर्थिक अनिश्चितता के बीच लोगों को अपनी वित्तीय सुरक्षा को लेकर सक्रिय होना चाहिए.

कियोसाकी ने सोना-चांदी को क्यों बताया सहारा?

कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में अपने दोस्त और निवेश विशेषज्ञ जिम रिकार्ड्स के अनुमान का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, रिकार्ड्स का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमत 200 डॉलर प्रति औंस और सोने की कीमत 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. यहां यह समझना जरूरी है कि ये आंकड़े कियोसाकी या उनके द्वारा उद्धृत जिम रिकार्ड्स के अनुमान हैं. इन्हें बाजार की तय कीमत या निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. कियोसाकी लंबे समय से सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं को लेकर सकारात्मक रुख रखते आए हैं. उनकी नई पोस्ट भी इसी निवेश सोच को आगे बढ़ाती है.

चांदी को लेकर कियोसाकी का सबसे ज्यादा भरोसा

इस बार कियोसाकी ने सोने के साथ-साथ खास तौर पर चांदी पर जोर दिया है. उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि दोनों कीमती धातुओं में से उन्हें अगस्त 2026 में चांदी सबसे बेहतर विकल्प लगती है.

इसके पीछे उनकी सोच यह है कि चांदी आम निवेशकों के लिए सोने की तुलना में ज्यादा सुलभ हो सकती है. कियोसाकी पहले भी चांदी को लेकर अपनी राय साझा कर चुके हैं और इसे आम लोगों के लिए भी उपलब्ध निवेश विकल्प के तौर पर पेश करते रहे हैं. हालांकि, किसी भी निवेशक के लिए सिर्फ किसी चर्चित निवेशक या लेखक की राय के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं है. सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

'कैश बचाने वाले सबसे ज्यादा नुकसान में'

कियोसाकी की पोस्ट का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा उनका कैश को लेकर दिया गया संदेश है. उन्होंने कहा कि कैश बचाने वाले लोग सबसे बड़े नुकसान में रहते हैं. इस बयान को समझने के लिए उनकी निवेश सोच को देखना जरूरी है. कियोसाकी का तर्क है कि अगर किसी अर्थव्यवस्था में कर्ज लगातार बढ़ता है और मुद्रा की क्रय शक्ति पर दबाव आता है, तो सिर्फ नकद पैसा रखना पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता. यानी उनका संदेश यह है कि व्यक्ति को अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ नकद के रूप में रखने के बजाय अलग-अलग संपत्तियों के बारे में भी सोचना चाहिए. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपातकालीन जरूरतों के लिए कैश रखना गलत है. कियोसाकी की यह राय उनकी व्यक्तिगत निवेश सोच का हिस्सा है और इसे हर निवेशक के लिए एक तय रणनीति नहीं माना जा सकता.

अमेरिका के 40 ट्रिलियन डॉलर कर्ज वाले दावे का क्या मतलब है?

कियोसाकी की पोस्ट का सबसे अहम हिस्सा अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज से जुड़ा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कर्ज जल्द ही 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. इस दावे के जरिए वह मूल रूप से यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर किसी देश पर लगातार कर्ज बढ़ता रहे, तो इसका उसकी अर्थव्यवस्था और मुद्रा पर क्या असर हो सकता है. यही वजह है कि उन्होंने अपनी पोस्ट में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं को लेकर अपना भरोसा दोहराया है. उनके मुताबिक, आर्थिक अनिश्चितता के दौर में ऐसी संपत्तियां निवेशकों के लिए सुरक्षा का एक विकल्प बन सकती हैं.

कियोसाकी की पोस्ट को कैसे समझें?

अगर उनकी पूरी पोस्ट को आसान भाषा में समझें तो कियोसाकी तीन मुख्य बातें कह रहे हैं.

  • पहली, अमेरिका के बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज को लेकर वह चिंतित हैं.
  • दूसरी, उनका मानना है कि सिर्फ कैश बचाकर रखना पर्याप्त नहीं हो सकता.
  • तीसरी, वह सोना और खास तौर पर चांदी को मौजूदा माहौल में महत्वपूर्ण निवेश विकल्प मानते हैं.

हालांकि, इन बातों को निवेश की गारंटी समझना सही नहीं होगा. सोना और चांदी की कीमतें भी वैश्विक ब्याज दरों, निवेशकों की मांग और आर्थिक परिस्थितियों के हिसाब से ऊपर-नीचे हो सकती हैं.

सोने की कीमत पर भी नजर

खबर लिखे जाने तक 5 अक्टूबर 2026 की समाप्ति वाला एक किलो सोना 1.54 लाख रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया. ऐसे में कियोसाकी की सोने और चांदी को लेकर सकारात्मक राय के बीच कीमती धातुओं की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. खासकर जब कियोसाकी जैसे चर्चित लेखक लगातार इन परिसंपत्तियों को लेकर अपनी राय साझा कर रहे हैं. हालांकि, किसी भी कीमत या अनुमान को देखकर निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है.

कियोसाकी का संदेश सिर्फ सोना-चांदी खरीदने तक सीमित नहीं

कियोसाकी की एक्स पोस्ट को अगर व्यापक नजरिए से देखें तो उनका संदेश केवल सोना और चांदी खरीदने की सलाह तक सीमित नहीं है. वह लोगों को आर्थिक परिस्थितियों को लेकर सजग रहने और अपनी वित्तीय रणनीति पर खुद काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनकी पोस्ट में यह सवाल बार-बार सामने आता है कि आर्थिक संकट की आशंका के बीच आप क्या कर रहे हैं. यानी वह निवेशकों को केवल भविष्य की भविष्यवाणियां सुनने के बजाय अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में सक्रिय रूप से सोचने का संदेश दे रहे हैं.

यही उनकी पोस्ट का सबसे अहम हिस्सा है. अमेरिकी कर्ज को लेकर उनकी चेतावनी और सोना-चांदी को लेकर उनका भरोसा उनकी व्यक्तिगत निवेश सोच है. इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे इस तरह की राय को समझें, लेकिन अपना निवेश फैसला अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से ही लें.

Robert Kiyosaki : सोना, चांदी, बिटकॉइन या बैंक. दौलत बचाने पर कियोसाकी की बड़ी बात.