SBI Funds Management Share Price: शेयर बाजार में दमदार एंट्री के बाद SBI Funds Management के शेयरों में खरीदारी जारी है। NSE पर लगभग 7% प्रीमियम के साथ लिस्ट होने के बाद शेयर ने शुरुआती कारोबार में अपनी बढ़त बढ़ाते हुए करीब 9% तक की छलांग लगा दी। अब सवाल यह है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, उन्हें क्या करना चाहिए? और क्या नए निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए?
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7% प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग
SBI Funds Management का ₹9,812.91 करोड़ का IPO ₹545-574 के प्राइस बैंड पर आया था। कंपनी के शेयर NSE पर ₹613.30 पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस ₹574 के मुकाबले 6.85% प्रीमियम था। वहीं BSE पर शेयर ₹610 पर लिस्ट हुआ, जो करीब 6.27% प्रीमियम दर्शाता है। लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयर ₹624.90 तक पहुंच गया, यानी इश्यू प्राइस से लगभग 9% ऊपर कारोबार करता दिखा।
मार्केट कैप के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी AMC
लिस्टिंग के बाद SBI Funds Management लगभग ₹1.26 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ देश की दूसरी सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) बन गई। तुलना करें तो: ICICI Prudential AMC: करीब ₹1.54 लाख करोड़ SBI Funds Management: करीब ₹1.26 लाख करोड़ HDFC AMC: करीब ₹1.13 लाख करोड़. हालांकि, मैनेजमेंट के तहत एसेट्स (AUM) के मामले में SBI Funds Management अभी भी देश की सबसे बड़ी AMC है। मार्च 2026 तक कंपनी का AUM करीब ₹12.5 लाख करोड़ था।
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
कंपनी के IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इस इश्यू के लिए करीब ₹2.67 लाख करोड़ की बोलियां मिली थीं। एंकर निवेशकों में BlackRock समेत सिंगापुर, अबू धाबी और नॉर्वे के कई बड़े Sovereign Wealth Funds भी शामिल थे।
Buy, Sell या Hold? एक्सपर्ट्स की राय
Swastika Investmart की Head of Wealth शिवानी न्याती के मुताबिक, कंपनी का लॉन्ग टर्म निवेश का मामला मजबूत दिखता है। इसकी बड़ी वजहें हैं: SBI ब्रांड का मजबूत भरोसा देशभर में बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क Asset-light बिजनेस मॉडल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की तेज़ ग्रोथ प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन उनका कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे लंबी अवधि के लिए होल्ड कर सकते हैं। वहीं नए निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करने की रणनीति अपना सकते हैं। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए ₹585-590 का स्टॉप लॉस उचित माना गया है। वहीं Master Capital Services के Chief Research Officer डॉ. रवि सिंह का मानना है कि अब शेयर की आगे की चाल मुख्य रूप से कंपनी के तिमाही प्रदर्शन और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ पर निर्भर करेगी। उनके मुताबिक यह शेयर तेज़ ग्रोथ के बजाय भारत में बढ़ती म्यूचुअल फंड हिस्सेदारी और वित्तीय बचत के दीर्घकालिक ट्रेंड पर आधारित निवेश का अवसर है।
ग्रे मार्केट से कम रही लिस्टिंग
हालांकि शेयर की लिस्टिंग सकारात्मक रही, लेकिन यह ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की उम्मीदों से थोड़ी कमजोर रही। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर करीब 16% प्रीमियम पर सूचीबद्ध होने का संकेत दे रहा था, जबकि वास्तविक लिस्टिंग लगभग 7% प्रीमियम पर हुई।
क्या है आगे का आउटलुक?
भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री लगातार तेजी से बढ़ रही है। SIP निवेश, वित्तीय जागरूकता और इक्विटी में बढ़ती भागीदारी जैसे ट्रेंड्स से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए लंबी अवधि में बेहतर अवसर बन रहे हैं। ऐसे में SBI Funds Management को मजबूत ब्रांड, बड़े AUM और व्यापक वितरण नेटवर्क का फायदा मिल सकता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों, AUM ग्रोथ और बाजार की स्थिति पर भी नजर रखनी चाहिए।
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