Mutual Fund Scan: ₹55,000 करोड़ का SBI Large Cap Fund... लेकिन बड़े फंड्स से कितना पीछे?

चिराग ठाकुर

• 06:16 PM • 26 Sep 2026

एसबीआई लार्ज कैप फंड का 1 साल से 10 साल तक का रिटर्न, पोर्टफोलियो और बड़े फंड्स से तुलना जानिए. समझें बैंकिंग शेयरों का असर आगे इसके प्रदर्शन पर कितना अहम रहेगा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

फंड 55000 करोड़ रुपये संभालता है और लार्ज कैप फंड्स में है

पिछले एक साल में फंड ने करीब 1.96 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया

तीन और पांच साल में सालाना रिटर्न करीब नौ फीसदी रहा

SBI BlueChip Fund अब SBI Large Cap Fund के नाम से जाना जाता है. करीब ₹55,000 करोड़ के AUM वाला यह देश के बड़े लार्ज कैप फंड्स में शामिल है. बड़े और स्थापित कंपनियों में निवेश करने वाले इस फंड से निवेशकों की उम्मीद भी ज्यादा रहती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में इस फंड ने निवेशकों का पैसा कितना बढ़ाया है और क्या यह अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी फंड्स से बेहतर प्रदर्शन कर पाया है? आइए आंकड़ों के जरिए समझते हैं.

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SBI Large Cap Fund में पैसा कहां लगाया जाता है?

SBI Large Cap Fund एक लार्ज कैप कैटेगरी का म्यूचुअल फंड है. इसका बेंचमार्क BSE 100 TRI है. फंड के पोर्टफोलियो में करीब 51 शेयर हैं और निवेश का बड़ा हिस्सा बड़ी कंपनियों में लगा हुआ है.

लार्ज कैप फंड्स के लिए कम से कम 80% निवेश लार्ज कैप कंपनियों में रखना जरूरी होता है. SBI Large Cap Fund में भी करीब 84% पैसा इसी तरह की कंपनियों में लगा है.

फंड की कुछ अहम बातें:

  • करीब ₹55,000 करोड़ का AUM.
  • पोर्टफोलियो में लगभग 51 शेयर.
  • करीब 47.5% निवेश टॉप 10 शेयरों में.
  • निवेश की शुरुआत ₹500 से की जा सकती है.
  • बेंचमार्क BSE 100 TRI.

1 साल में निगेटिव, 10 साल में कैसा रहा रिटर्न?

अब आते हैं सबसे अहम हिस्से पर यानी रिटर्न. हाल की अवधि में फंड का प्रदर्शन बहुत मजबूत नहीं रहा है. एक साल में फंड ने करीब 1.96% का निगेटिव रिटर्न दिया है.

हालांकि निवेश की अवधि बढ़ाने पर तस्वीर कुछ बदलती है.

  • 3 साल का सालाना औसत रिटर्न: करीब 8.93%.
  • 5 साल का सालाना औसत रिटर्न: करीब 8.44%.
  • 10 साल का सालाना औसत रिटर्न: करीब 11.60%.

यानी छोटी अवधि में फंड पर दबाव दिखा है, जबकि 10 साल की अवधि में इसने डबल डिजिट में सालाना रिटर्न दिया है.

लेकिन बड़े Large Cap फंड्स से तुलना में तस्वीर अलग है

सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि फंड ने पॉजिटिव रिटर्न दिया या नहीं. यह भी देखना जरूरी है कि इसी कैटेगरी के दूसरे बड़े फंड्स ने उसी अवधि में कैसा प्रदर्शन किया.

10 साल के रिटर्न की तुलना करें तो:

  • Nippon India Large Cap Fund: करीब 13.77%.
  • ICICI Prudential Large Cap Fund: करीब 13.02%.
  • Mirae Asset Large Cap Fund: करीब 12.33%.
  • HDFC Large Cap Fund: करीब 12%.
  • SBI Large Cap Fund: करीब 11.60%.

इस तुलना में SBI Large Cap Fund का 10 साल का रिटर्न सबसे कम है.

₹10,000 की SIP से कितना पैसा बनता?

अब इसे एक आसान उदाहरण से समझिए. अगर किसी निवेशक ने 10 साल तक हर महीने ₹10,000 की SIP की होती, तो कुल निवेश ₹12 लाख होता.

10 साल के CAGR को आधार मानकर निकाले गए अनुमान के मुताबिक रकम करीब इतनी हो सकती थी:

  • Nippon India Large Cap: ₹24.4 लाख.
  • ICICI Prudential Large Cap: ₹23.4 लाख.
  • Mirae Asset Large Cap: ₹22.6 लाख.
  • HDFC Large Cap: ₹22.2 लाख.
  • SBI Large Cap: ₹21.7 लाख.

यहां ध्यान रखना जरूरी है कि ये केवल अनुमानित आंकड़े हैं. वास्तविक SIP वैल्यू अलग हो सकती है, क्योंकि SIP में हर महीने अलग NAV पर निवेश होता है.

SBI Large Cap Fund की बड़ी होल्डिंग्स कौन सी हैं?

फंड का पोर्टफोलियो बड़े और स्थापित कारोबार वाली कंपनियों पर काफी निर्भर है. टॉप होल्डिंग्स में ICICI Bank की हिस्सेदारी करीब 8.5%, HDFC Bank की करीब 8.2%, Reliance Industries की करीब 5.4% और Larsen & Toubro की करीब 5.3% है.

यानी बैंकिंग और बड़े कॉरपोरेट शेयरों का पोर्टफोलियो में खासा वजन है. अकेले टॉप 5 शेयरों में करीब 31% निवेश है.

इसका मतलब यह भी है कि इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव का असर फंड के रिटर्न पर अपेक्षाकृत ज्यादा पड़ सकता है.

आगे फंड के लिए सबसे अहम क्या रहेगा?

SBI Large Cap Fund का 10 साल का रिकॉर्ड निगेटिव नहीं है, लेकिन समान अवधि में कुछ बड़े लार्ज कैप फंड्स ने इससे ज्यादा रिटर्न दिया है. हाल के एक साल के प्रदर्शन में भी फंड दबाव में रहा है.

आने वाले समय में फंड का प्रदर्शन बड़े बैंकिंग शेयरों, Reliance Industries, L&T और दूसरे लार्ज कैप शेयरों की चाल से काफी प्रभावित हो सकता है. इसलिए निवेशक के लिए सिर्फ पिछले रिटर्न को देखना पर्याप्त नहीं होगा. फंड की मौजूदा होल्डिंग्स, जोखिम, खर्च और अपने निवेश की अवधि को भी साथ में देखना जरूरी है.