सेबी ने ज़ी एंटरटेनमेंट के पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा और कंपनी के पूर्व एमडी-सीईओ पुनीत गोयनका पर 1 साल का बाजार बैन लगाया है. दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है. यह कार्रवाई कंपनी की जमीन से जुड़े दस्तावेज़, कर्ज और निवेशकों को दी गई जानकारी के मामले में हुई है.
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सेबी के 150 पन्नों के आदेश के मुताबिक, मामला पुराना है, लेकिन जांच लंबे समय से चल रही थी. आदेश में कहा गया है कि कंपनी की संपत्ति का इस्तेमाल निजी कंपनियों के फायदे के लिए किया गया और बाद में पूरी बात निवेशकों के सामने साफ तरीके से नहीं रखी गई.
मामला शुरू कैसे हुआ
सेबी के मुताबिक, दिसंबर 2016 में ज़ी समूह से जुड़ी 4 निजी कंपनियों ने कुल 726 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. ये कंपनियां सीधे ज़ी एंटरटेनमेंट की नहीं थीं. सेबी का कहना है कि इन पर सुभाष चंद्र और उनके परिवार का नियंत्रण था.
आदेश के अनुसार, नवंबर 2018 में कर्ज देने वाली संस्था ने इस कर्ज के बदले अतिरिक्त सुरक्षा मांगी. इसके बाद हैदराबाद में मौजूद ज़ी एंटरटेनमेंट की जमीन के मूल दस्तावेज़ कर्ज देने वाली संस्था को सौंपे गए. सेबी का आरोप है कि यह काम कंपनी की सही मंजूरी के बिना हुआ.
सेबी ने क्या कहा
सेबी का कहना है कि जिस जमीन के दस्तावेज़ दिए गए, वह किसी निजी company की नहीं बल्कि ज़ी एंटरटेनमेंट की संपत्ति थी. यानी उस संपत्ति पर कंपनी के सभी शेयरधारकों का हक था. जांच में सेबी को ऐसा कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि कंपनी प्रबंधन ने इस कदम को मंजूरी दी थी.
आदेश में यह भी कहा गया है कि कंपनी की अहम संपत्ति को निजी हित के लिए खतरे में डाला गया. सेबी के मुताबिक, यह पद के गलत इस्तेमाल का मामला है और इससे कंपनी तथा निवेशकों के हित प्रभावित हुए.
निवेशकों को क्या बताया गया
सेबी ने कहा है कि बाद में जब मामला कानूनी विवाद और आर्बिट्रेशन तक पहुंचा, तब भी निवेशकों को पूरी जानकारी नहीं दी गई. आदेश के मुताबिक, कंपनी की तरफ से यह कहा गया कि जमीन के दस्तावेज़ गुम हो गए थे. सेबी का कहना है कि इससे असली तथ्य सामने नहीं आए और निवेशकों को सही तस्वीर नहीं मिल सकी.
किस पर क्या कार्रवाई हुई
सुभाष चंद्र और पुनीत गोयनका पर 1 साल के लिए शेयर बाजार में कारोबार करने पर रोक लगी है.सुभाष चंद्र पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.पुनीत गोयनका पर 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.ज़ी एंटरटेनमेंट पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
दूसरा पक्ष
मौजूदा जानकारी में सुभाष चंद्र, पुनीत गोयनका या ज़ी एंटरटेनमेंट की तरफ से इस आदेश पर कोई अलग जवाब शामिल नहीं है. फिलहाल सेबी का आदेश ही इस मामले की मुख्य जानकारी है.
फिलहाल इस पूरे मामले का सार यह है कि सेबी ने कंपनी की संपत्ति, निजी कर्ज और निवेशकों को दी गई जानकारी को लेकर गंभीर गड़बड़ी मानी है. इसी आधार पर 1 साल का बाजार बैन और जुर्माना लगाया गया है. आगे इस मामले पर कानूनी और कारोबारी असर पर नजर रहेगी.
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