क्या सेंसेक्स 1 लाख छू सकता है, Morgan Stanley ने 25 फीसदी संभावना जताई

संदीप शर्मा

06 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 6 2026 6:01 PM)

मॉर्गन स्टैनली ने कहा है कि अगले 12 महीनों में सेंसेक्स 1 लाख तक जा सकता है. जानिए 89,000 के मुख्य लक्ष्य, पसंदीदा सेक्टर और बड़े जोखिम.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

निजी निवेश और नीतिगत स्थिरता बाजार के लिए मजबूत आधार

अगले 5 साल में निवेश का GDP में हिस्सा 37.5% तक पहुंच सकता है

कंपनियों की कमाई में वित्त वर्ष 2029 तक तेज बढ़त दिख रही

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच वैश्विक ब्रोकरेज Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है. ब्रोकरेज का मानना है कि अगले 12 महीनों में सेंसेक्स के 1 लाख अंक तक पहुंचने की 25% संभावना है. हालांकि, उसका बेस केस इससे थोड़ा संयमित है. 

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क्या है Morgan Stanley का अनुमान

Morgan Stanley ने जून 2027 तक सेंसेक्स के लिए तीन संभावित सिनेरियो पेश किए हैं.

Bull Case (तेजी वाला अनुमान)

  • सेंसेक्स: 1,00,000 अंक
  • संभावना: 25%

अगर अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करती है और कॉरपोरेट कमाई मजबूत रहती है तो सेंसेक्स 1 लाख तक पहुंच सकता है.

Base Case (मुख्य अनुमान)

  • सेंसेक्स: 89,000 अंक
  • संभावना: 50%

ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तर से करीब 15% की बढ़त संभव है.

Bear Case (निगेटिव अनुमान)

  • सेंसेक्स: 66,000 अंक
  • संभावना: 25%

अगर वैश्विक परिस्थितियां बिगड़ती हैं और कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ती हैं तो बाजार दबाव में आ सकता है.

भारत पर भरोसा क्यों?

Morgan Stanley का कहना है कि भारत एक नए निवेश चक्र में प्रवेश कर रहा है।

ब्रोकरेज के मुताबिक अगले कुछ वर्षों में

  • निजी निवेश में तेजी आ सकती है
  • सरकारी नीतियों को लेकर अनिश्चितता कम हुई 
  • बड़े आर्थिक संकेतक बेहतर हो रहे हैं
  • निवेश और GDP का अनुपात अगले पांच वर्षों में 37.5% तक पहुंच सकता है

रिपोर्ट के अनुसार ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, खनन और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों में बढ़ता पूंजी निवेश बाजार को मजबूती देगा।

कमाई को लेकर अनुमान

Morgan Stanley का कहना है कि कंपनियों की कमाई का चक्र फिर से मजबूत हो सकता है. मुख्य अनुमान में वित्त वर्ष 2029 तक सेंसेक्स की कमाई में सालाना 16 फीसदी बढ़त का अनुमान है, जबकि तेजी वाले अनुमान में यह 19 फीसदी तक जा सकती है.फर्म के रणनीतिकारों के मुताबिक आगे की कमाई और बड़े आर्थिक संकेतकों के बीच मजबूत रिश्ता दिख रहा है. रिपोर्ट यह भी कहती है कि कॉरपोरेट मुनाफा और इक्विटी पर रिटर्न में सुधार की गुंजाइश है, जिससे ऊंचे वैल्यूएशन को सहारा मिल सकता है.

 Ridham Desai के मुताबिक इस अनुमान में सेंसेक्स का पीई अनुपात 23.5 गुना हो सकता है, जो पिछले 25 साल के 22 गुना औसत से ऊपर है. फर्म का कहना है कि भारत की मध्यम अवधि की बढ़त, तुलनात्मक स्थिरता और अनुमानित नीति माहौल इस प्रीमियम को सहारा दे सकते हैं.

अनुमान इस बात पर टिका है कि देश के भीतर बढ़त मजबूत रहे, दुनिया की अर्थव्यवस्था स्थिर रहे, तेल के दाम मौजूदा स्तर से नीचे रहें और ब्याज दरों का माहौल बहुत सख्त न हो. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नए शेयर इश्यू वाले बाजार में खुदरा निवेशकों का पैसा मजबूत बना रह सकता है, जिससे मांग को सहारा मिलेगा.

हालिया कमजोरी पर क्या है राय?

पिछले कुछ समय में भारतीय बाजार ने अन्य उभरते बाजारों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है.लेकिन Morgan Stanley इसे लंबी अवधि की कमजोरी नहीं मानता.

ब्रोकरेज का कहना है कि

  • वैल्यूएशन में आई नरमी अस्थायी है
  • ग्रोथ तेज होने पर बाजार फिर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है
  • AI को लेकर बढ़ती चिंताओं को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर देखा जा रहा है

फर्म के मुताबिक AI भारतीय कंपनियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है

किन सेक्टर्स पर ज्यादा भरोसा 

Morgan Stanley ने कुछ सेक्टरों पर ओवरवेट (Overweight) रुख रखा है

पसंदीदा सेक्टर

  • वित्तीय सेवाएं (Financials)
  • कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी
  • इंडस्ट्रियल्स

न्यूट्रल सेक्टर

  • IT
  • FMCG
  • कम्युनिकेशन सर्विसेज

कम पसंदीदा सेक्टर

  • ऊर्जा
  • मटेरियल्स
  • यूटिलिटी
  • हेल्थकेयर

ब्रोकरेज का मानना है कि ब्याज दरों में नरमी, बढ़ती आय और निजी निवेश से वित्तीय एवं इंडस्ट्रियल कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

क्या हैं सबसे बड़े जोखिम?

Morgan Stanley ने तेजी के साथ-साथ जोखिमों का भी जिक्र किया है.

इनमें शामिल हैं

  • कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती
  • भू-राजनीतिक तनाव
  • कमजोर कृषि उत्पादन
  • AI का रोजगार बाजार पर असर

इन परिस्थितियों में सेंसेक्स 66,000 तक भी फिसल सकता है।

Morgan Stanley ने साफ किया है कि 1 लाख का सेंसेक्स उसका निश्चित लक्ष्य नहीं, बल्कि तेजी वाले सिनेरियो की 25% संभावना है. ब्रोकरेज का मुख्य अनुमान अभी भी 89,000 अंक का है, जिसकी संभावना 50% मानी गई है. यानी भारतीय बाजार को लेकर ब्रोकरेज का रुख पॉजिटिव जरूर है, लेकिन उसने निवेशकों को संभावित रिस्क को नजरअंदाज न करने की भी सलाह दी है.