भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ की. पिछले सप्ताह की सुस्त चाल के बाद नए हफ्ते में भी निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटता नहीं दिखा. ईरान युद्ध को लेकर जल्द समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ा.
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सुबह करीब 10:45 बजे Sensex 519.73 अंक यानी 0.67 फीसदी गिरकर 77,489.52 पर कारोबार कर रहा था. वहीं Nifty 136.70 अंक यानी 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 24,229.30 के स्तर पर आ गया.
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें क्या हैं, आइए समझते हैं.
Crude Oil करीब $89 पर, युद्ध से बढ़ी चिंता
ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है. सोमवार को Brent Crude करीब 0.5 फीसदी चढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से भी अमेरिकी नागरिकों को युद्ध के चलते लंबे समय तक ऊंची ईंधन कीमतों के लिए तैयार रहने की बात कही गई. इससे बाजार में यह चिंता बढ़ी कि महंगे तेल का दौर जल्द खत्म नहीं होगा.
भारत के लिए महंगा Crude खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में लंबे समय तक ऊंचा Crude:
- Import Bill बढ़ा सकता है.
- रुपये पर दबाव डाल सकता है.
- महंगाई की चिंता बढ़ा सकता है.
- कंपनियों की लागत और मुनाफे को प्रभावित कर सकता है.
Geojit Investments के मुताबिक, जब तक संकट के समाधान को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं आता, करीब 89 डॉलर का Crude बाजार की तेजी को सीमित कर सकता है.
Global Market से भी नहीं मिला मजबूत संकेत
भारतीय बाजार को ग्लोबल मार्केट से भी कोई बड़ा सपोर्ट नहीं मिला. Asia-Pacific शेयरों का व्यापक इंडेक्स लगभग सपाट रहा. Australia का benchmark करीब 0.3 फीसदी नीचे था.
हालांकि अमेरिकी बाजार के Futures में हल्की मजबूती दिखाई दी. S&P 500 Futures करीब 0.1 फीसदी और Nasdaq Futures करीब 0.2 फीसदी ऊपर थे.
यानी ग्लोबल संकेत पूरी तरह कमजोर नहीं थे, लेकिन Iran War और Crude Oil को लेकर बनी अनिश्चितता ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाए रखा.
India VIX बढ़ा, Investors में बढ़ी बेचैनी
बाजार में अनिश्चितता का अंदाजा India VIX से भी लगाया जा सकता है. सोमवार को India VIX 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 11.69 के आसपास पहुंच गया.
India VIX को बाजार का 'Fear Gauge' भी कहा जाता है. इसमें तेजी का मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ रही है.
फिलहाल बाजार में एक तरफ Geopolitical Tension है, तो दूसरी तरफ महंगा Crude और कमजोर रुपया भी दबाव बढ़ा रहे हैं.
Rupee भी कमजोर, 95.59 के स्तर तक फिसला
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी सोमवार को कमजोर हुआ. शुरुआती कारोबार में रुपया 17 पैसे गिरकर 95.59 प्रति डॉलर के आसपास आ गया.
महंगे Crude के बीच रुपये की कमजोरी बाजार के लिए एक और चिंता है. अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं और रुपया कमजोर होता है, तो Import Cost पर दोहरा दबाव बन सकता है.
किन Stocks में हलचल?
शेयरों की बात करें तो कुछ कंपनियों के नतीजों और कारोबारी अपडेट के कारण अलग-अलग हलचल देखने को मिली.
- Jupiter Wagons में करीब 2.5 फीसदी की गिरावट रही. कंपनी के June Quarter Profit में लगभग 15 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई.
- Hindustan Aeronautics करीब 2.2 फीसदी मजबूत हुआ. कंपनी ने Adani Defence और BEML के साथ Light Combat Helicopters के लिए fuselage structures बनाने को लेकर समझौता किया है.
Nifty के लिए 24,000 का स्तर अहम
अब सवाल है कि आगे Nifty कहां जा सकता है?
Geojit Investments के technical outlook के मुताबिक, पिछले सप्ताह 24,329-24,240 के आसपास का जोन कई बार गिरावट को रोकने में कामयाब रहा था. लेकिन अभी momentum कमजोर दिख रहा है.
निवेशकों के लिए प्रमुख levels इस तरह देखे जा रहे हैं:
- 24,170: अहम support level.
- 24,540-24,666: ऊपर की तरफ immediate resistance zone.
- 23,575: अगर 24,170 का support टूटता है, तो अगला downside level.
फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक Crude Oil और Iran War से जुड़ी खबरों पर निर्भर रहेगी. जब तक युद्ध को लेकर तनाव कम होने या तेल की कीमतों में राहत के संकेत नहीं आते, Nifty में तेज और टिकाऊ recovery की राह चुनौतीपूर्ण रह सकती है.
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