Stock Market : शेयर बाजार में मचा हाहाकार, Sensex 1,248 अंक टूटा, Nifty 23,100 के नीचे, ये रहे 5 बड़े कारण

सौरभ दीक्षित

24 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 24 2026 5:21 PM)

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये के दबाव में गुरुवार को शेयर बाजार फिसला. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों की बिकवाली ने गिरावट और गहरी की.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची

मजबूत अमेरिकी आंकड़ों से ब्याज दरें और बढ़ने की चिंता गहरी

ब्रेंट कच्चा तेल 102 डॉलर पार गया, आयात लागत बढ़ी

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. Sensex 1,247.71 अंक यानी 1.67% गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 383.70 अंक यानी 1.64% टूटकर 23,063.10 पर आ गया. व्यापक बाजार में भी दबाव रहा और Midcap तथा Smallcap इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता, कच्चे तेल की कीमत, कमजोर रुपया और वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली जैसे कई फैक्टर रहे.

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1. US Bond Yield 19 साल के हाई पर

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल रहा. अमेरिकी 10-year Treasury yield 5.10% के ऊपर पहुंच गई और करीब 5.11% के स्तर पर रही, जो 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों में है. दरअसल, सितंबर में अमेरिका की बिजनेस एक्टिविटी उम्मीद से ज्यादा मजबूत रही. इससे बाजार में यह चिंता बढ़ी कि महंगाई को काबू में रखने के लिए अमेरिकी Federal Reserve को ब्याज दरें और बढ़ानी पड़ सकती हैं. जब US Treasury जैसी अपेक्षाकृत सुरक्षित एसेट्स पर यील्ड बढ़ती है, तो इक्विटी बाजार पर दबाव आ सकता है. खासकर उभरते बाजारों से विदेशी निवेशकों के पैसे निकलने की चिंता बढ़ जाती है.

2. Fed की अगली Rate Hike की चिंता

अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद अब बाजार में अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है.ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद का मतलब है कि लंबे समय तक महंगी ब्याज दरें बनी रह सकती हैं. इसका असर कंपनियों की borrowing cost, valuation और निवेशकों की risk appetite पर पड़ सकता है. यही वजह है कि ग्लोबल बाजारों में भी दबाव देखने को मिला और उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.

3. Crude Oil फिर $102 के पार

दूसरा बड़ा दबाव कच्चे तेल से आया. Brent crude फिर $102 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. कुछ समय पहले कीमतें $99 के नीचे चली गई थीं, लेकिन West Asia में जारी तनाव और US-Iran घटनाक्रम के बीच तेल की कीमतों में फिर तेजी आई. भारत के लिए महंगा crude चिंता की बात है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. तेल महंगा होने से भारत का import bill बढ़ सकता है, inflation पर दबाव आ सकता है और कंपनियों की लागत भी बढ़ सकती है. साथ ही इससे रुपये पर भी दबाव बढ़ता है.

4. रुपया 95.95 के करीब फिसला

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली. रुपया intraday कारोबार में करीब 95.95 प्रति डॉलर तक फिसल गया. इसके पीछे महंगा crude, मजबूत डॉलर और अमेरिकी Treasury yields में तेजी जैसे फैक्टर रहे. कमजोर रुपया भारतीय कंपनियों के लिए खासकर उन सेक्टर्स में चिंता बढ़ा सकता है जो आयात पर निर्भर हैं. दूसरी तरफ, विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स का currency risk भी बढ़ जाता है.

5. Financial Stocks में भारी बिकवाली

आज की गिरावट में Financial और Banking stocks सबसे ज्यादा दबाव में रहे. Bajaj Finance के शेयर 5% से ज्यादा टूटे, जबकि Axis Bank और Bajaj Finserv में करीब 4-5% की गिरावट रही. Nifty Financial Services इंडेक्स भी 4% से ज्यादा नीचे आ गया. इसके अलावा IndiGo और Trent करीब 3% टूटे, जबकि M&M, Reliance Industries, Asian Paints, Bharti Airtel और L&T जैसे बड़े शेयरों में भी 2% से ज्यादा की गिरावट रही. बाजार की चौड़ाई भी पूरी तरह कमजोर रही. NSE पर 2,587 शेयर गिरावट में रहे, जबकि 943 शेयरों में तेजी रही और 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

अब आगे बाजार की नजर किन चीजों पर?

फिलहाल Dalal Street के लिए सबसे बड़े संकेतक होंगे—US bond yields, crude oil prices, Federal Reserve की ब्याज दर नीति और West Asia में geopolitical developments. अगर अमेरिकी yields और crude दोनों ऊंचे बने रहते हैं, तो बाजार में volatility बनी रह सकती है. वहीं yields और oil में नरमी आने पर निवेशकों के sentiment में सुधार की गुंजाइश बन सकती है. आज की गिरावट को सिर्फ profit booking मानना मुश्किल है. बाजार में एक साथ कई global macro factors का दबाव दिखा है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि महंगाई और ब्याज दरों को लेकर दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों का अगला कदम क्या होगा.