Share Market Rally : जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए किसी टेस्ट मैच से कम नहीं दिख रहा है. जैसे टेस्ट क्रिकेट में कोई टीम हर सेशन में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करती है, ठीक वैसे ही भारतीय शेयर बाजार भी लगातार चौथे कारोबारी दिन मजबूती के साथ आगे बढ़ता नजर आया. सिर्फ 20 मिनट के कारोबार में ही निवेशकों की दौलत करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई. पिछले चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की कुल कमाई 8.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है. तो आखिर बाजार में ये जबरदस्त तेजी क्यों आ रही है? कौन-कौन से फैक्टर्स बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं? क्या आने वाले दिनों में भी यही रफ्तार जारी रह सकती है? आइए आसान भाषा में पूरी खबर समझते हैं.
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बाजार का ताजा हाल
6 जुलाई 2026 यानी आज बीएसई सेंसेक्स करीब 521.16 अंकों की तेजी के साथ 78,285 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं निफ्टी भी करीब 159 अंक चढ़कर 24,430 के आसपास पहुंच गया. अगर पिछले चार कारोबारी दिनों का रिकॉर्ड देखें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है. 30 जून को सेंसेक्स 76,478 के स्तर पर बंद हुआ था। इसके बाद सिर्फ चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,716 अंक चढ़ चुका है। वहीं निफ्टी ने भी इसी दौरान करीब 528 अंकों की शानदार बढ़त दर्ज की है.
अगर दिनवार आंकड़ों पर नजर डालें तो
- 1 जुलाई को सेंसेक्स 444 अंक और निफ्टी 140 अंक चढ़ा.
- 2 जुलाई को सेंसेक्स में 579 अंकों और निफ्टी में 170 अंकों की तेजी आई.
- 3 जुलाई को भी बाजार ने बढ़त बनाए रखी और सेंसेक्स 262 अंक ऊपर बंद हुआ.
- अब 6 जुलाई को भी बाजार लगातार चौथे दिन तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। यानी जुलाई की शुरुआत बुल्स के नाम रही है.
बाजार में तेजी क्यों आ रही है?
इसकी पहली बड़ी वजह है कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
हाल ही में OPEC+ देशों ने अगस्त महीने से तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। जानकारों का मानना है कि अगर तेल सस्ता रहता है तो भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को सीधा फायदा मिलता है. इससे महंगाई पर दबाव कम होता है, सरकार का खर्च घटता है और कंपनियों का मुनाफा बेहतर होने की उम्मीद बढ़ जाती है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में नरमी ने शेयर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया है.
दूसरी बड़ी वजह है विदेशी निवेशकों की वापसी
आंकड़ों के मुताबिक पिछले कारोबारी दिन विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भारतीय बाजार में करीब 1,355 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की गिरती कीमतें, भारत में विदेशी मुद्रा जमा यानी FCNR डिपॉजिट्स आने की उम्मीद और वैश्विक टेक शेयरों में कमजोरी के बीच विदेशी निवेशक भारतीय बाजार को बेहतर विकल्प मान रहे हैं. जब विदेशी निवेशक खरीदारी करते हैं तो बाजार को मजबूत सपोर्ट मिलता है.
तीसरी वजह है बैंकिंग सेक्टर से आए मजबूत बिजनेस अपडेट
एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और दूसरे बड़े बैंकों ने जून तिमाही के शुरुआती बिजनेस आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों से संकेत मिला है कि कई बैंकों की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है.
ब्रोकरेज हाउस Jefferies का कहना है कि HDFC Bank, IndusInd Bank और Bandhan Bank की लोन ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही है। इससे बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ी और पूरे बाजार को मजबूती मिली.
अब बात निवेशकों की कमाई की. चार दिनों की इस तेजी ने निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा किया है. 30 जून को बीएसई का कुल मार्केट कैप लगभग 474 लाख करोड़ रुपये था. जो अब बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. यानी सिर्फ चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की दौलत करीब 8.51 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुकी है. वहीं सिर्फ आज के शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों ने करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति जोड़ ली.
अब आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार का ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है. तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,300 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी का रुझान कायम रह सकता है. अगर निफ्टी मजबूती से 24,400 के ऊपर टिकता है, तो आगे 24,600 का स्तर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि अगर बाजार 24,150 के नीचे फिसलता है, तो मुनाफावसूली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी फिर से 24,000 तक आ सकता है.
कुल मिलाकर जुलाई की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रही है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, बैंकिंग सेक्टर के मजबूत आंकड़े और सकारात्मक तकनीकी संकेतों ने बाजार का माहौल मजबूत बना दिया है. लेकिन याद रखिए. शेयर बाजार हमेशा सीधी रेखा में नहीं चलता. तेजी के बीच उतार-चढ़ाव भी आते हैं. इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश का फैसला न लें। निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें या किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें. यही समझदारी आपको लंबे समय में बेहतर निवेशक बना सकती है.
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