शेयर बाजार में सितंबर के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ गया. बाजार की कमजोरी के बीच निवेशकों ने शेयरों से दूरी बनाने के बजाय म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी में पैसा लगाना जारी रखा. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों में शुद्ध निवेश करीब 31 फीसदी बढ़कर 38,306.55 करोड़ रुपये पहुंच गया. अगस्त में यह आंकड़ा 29,328.62 करोड़ रुपये था. इस निवेश में सबसे ज्यादा पैसा स्मॉलकैप फंड में आया. मिडकैप और फ्लेक्सीकैप फंड भी निवेशकों की पसंद बने रहे. वहीं, लार्जकैप फंड में भी अगस्त के मुकाबले सुधार देखने को मिला और ये दोबारा निवेश के मामले में पॉजिटिव दायरे में आ गए.
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क्यों बढ़ा म्यूचुअल फंड्स में निवेश?
इक्विटी म्यूचुअल फंड में बढ़ता निवेश बताता है कि कई निवेशक बाजार की हर दिन की तेजी या गिरावट के बजाय लंबे समय के निवेश पर फोकस कर रहे हैं. म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए नियमित निवेश भी इस रुझान को सहारा दे रहा है. सितंबर में SIP के जरिए 32,490 करोड़ रुपये का योगदान आया. बाजार में गिरावट के दौरान कुछ निवेशक शेयरों की कीमतों में आई कमी को लंबे समय के निवेश के मौके के तौर पर भी देखते हैं. हालांकि, गिरावट के बाद बाजार में तेजी लौटने की कोई गारंटी नहीं होती. स्मॉलकैप और मिडकैप जैसे फंड में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा हो सकता है.
किस कैटेगरी में कितना पैसा आया?
सितंबर में स्मॉलकैप फंड्स में सबसे ज्यादा पैसा आया. इन फंड्स में 9,038.57 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि अगस्त में ये रकम 7,973 करोड़ रुपये थी. मिडकैप फंड में 7,834.84 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अगस्त के 6,989 करोड़ रुपये से ज्यादा है. फ्लेक्सी कैप फंड में भी निवेश तेजी से बढ़ा. सितंबर में इन फंड्स में 6,701.80 करोड़ रुपये आए, जबकि अगस्त में ये आंकड़ा 4,709 करोड़ रुपये था. लार्ज एंड मिडकैप फंड में 4,271.22 करोड़ रुपये और मल्टीकैप फंड में 3,859.55 करोड़ रुपये का निवेश आया. सेक्टोरल फंड में 1,840.02 करोड़ रुपये और थीमैटिक फंड में 1,800.07 करोड़ रुपये आए. वहीं, लार्जकैप फंड में सितंबर के दौरान 859.47 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. अगस्त में इन फंडों से 1,147 करोड़ रुपये निकले थे.
ELSS फंड्स से निकासी
सभी कैटेगरी में निवेश नहीं बढ़ा. टैक्स बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ELSS फंड से सितंबर में 662.14 करोड़ रुपये की नेट निकासी हुई. कॉन्ट्रा फंड से भी 97.88 करोड़ रुपये निकले.
गोल्ड ETF में भी बढ़ा निवेश
सितंबर में निवेशकों ने इक्विटी के साथ सोने में भी निवेश बढ़ाया. गोल्ड ETF में 4,450.61 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि अगस्त में ये रकम 2,597 करोड़ रुपये थी. सिल्वर ETF में भी 1,974.32 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. इसके अलावा, इक्विटी ETF में सितंबर के दौरान 9,959.96 करोड़ रुपये आए.
डेट फंड्स से निकासी ने बदली तस्वीर
डेट फंड्स की कई कैटेगरी से बड़ी रकम निकली. सितंबर में लिक्विड फंड से 95,743.20 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई. मनी मार्केट फंड से 50,846.21 करोड़ रुपये और अल्ट्रा-शॉर्ट-टर्म फंड से 11,728.87 करोड़ रुपये निकले. हाइब्रिड स्कीमों में कुल मिलाकर 456.68 करोड़ रुपये की मामूली शुद्ध निकासी दर्ज की गई. हालांकि, इस कैटेगरी के भीतर मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में 3,666.98 करोड़ रुपये और एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में 1,863.54 करोड़ रुपये का निवेश आया.
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