Shiprocket Share Price: ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket के शेयरों में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली. 20 अगस्त को शेयर 9.27% तक चढ़कर ₹156.81 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. इस स्तर पर शेयर अपने ₹97 के IPO इश्यू प्राइस से करीब 62% ऊपर कारोबार कर रहा था. दो दिनों में शेयर की यह तेजी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.हालांकि, इंट्राडे हाई से शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली और दोपहर के कारोबार में ये करीब ₹147 पर 3% ऊपर कारोबार कर रहा था. यानी फिलहाल शेयर में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
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Goldman Sachs ने खरीदे ₹52.7 करोड़ के शेयर
Shiprocket में तेजी की एक बड़ी वजह Goldman Sachs की खरीदारी को माना जा रहा है. NSE के bulk deal data के मुताबिक Goldman Sachs India Equity Portfolio ने 19 अगस्त को Shiprocket के 40,24,040 शेयर ₹131 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे. इस सौदे की कुल वैल्यू करीब ₹52.7 करोड़ रही. यह कंपनी की लिस्टिंग वाले दिन हुआ bulk deal था. Goldman Sachs की कंपनी में दिलचस्पी IPO से पहले भी थी. यानी लिस्टिंग के बाद की खरीदारी को बाजार institutional interest के एक और संकेत के तौर पर देख रहा है.
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
Shiprocket के IPO को निवेशकों की तरफ से भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. इश्यू करीब 99.4 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जबकि institutional investors यानी QIB हिस्से में करीब 122.8 गुना subscription मिला.इतनी मजबूत मांग का असर लिस्टिंग पर भी दिखाई दिया और शेयर 35% प्रीमियम पर बाजार में दाखिल हुआ.
कंपनी के फंडामेंटल कैसे हैं?
Shiprocket की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है, लेकिन मुनाफा अभी कंपनी के लिए अहम चुनौती है. FY26 में कंपनी की ऑपरेटिंग आय करीब ₹2,024 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 24% ज्यादा था. हालांकि कंपनी अभी मुनाफे में नहीं आई है और FY26 में करीब ₹79 करोड़ का घाटा हुआ था. यानी कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि रेवेन्यू ग्रोथ को कंपनी कब मुनाफे और बेहतर मार्जिन में बदल पाती है.
कंपनी के लिए क्या हैं पॉजिटिव?
- Online sellers की संख्या बढ़ने से logistics और fulfilment services की मांग बढ़ सकती है
- कंपनी लॉजिटस्टिक्स इकोसिस्टम को टेक्नोलॉजी के जरिए जोड़ती है, जिससे बड़े फिजिकल इंफ्रा निवेश के बिना scale करने की क्षमता मिलती है
- Shiprocket सिर्फ शिपिंग तक सीमित नहीं है. Logistics के अलावा फुलफिलमेंट, डायरेक्ट कॉमर्स और क्रॉस बॉडर्र जैसे सेगमेंट भी ग्रोथ को बढ़ाते हैं
- लिस्टिंग के दिन Goldman Sachs की ₹52.7 करोड़ की खरीदारी ने शेयर के सेंटिमेंट को मजबूत किया
क्या करें निवेशक?
Master Capital Services के Chief Research Officer Ravi Singh ने IPO निवेशकों को तेजी के बाद आंशिक मुनाफावसूली पर विचार करने और बाकी हिस्से को लंबी अवधि के लिए रखने की सलाह दी है. वहीं नए निवेशकों को गिरावट का इंतजार करना चाहिए. Swastika Investmart की Head of Wealth Shivani Nyati ने आंशिक मुनाफा वसूलने और बाकी हिस्से को लंबी अवधि के लिए रखने की सलाह दी है. उन्होंने ₹110 का स्टॉपलॉस लगाने की राय दी है.
डिस्क्लेमर: ये लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है. इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह की निवेश सलाह, खरीदने या बेचने की सिफारिश नहीं है. शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, जोखिमों और अपने निवेश उद्देश्यों का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.
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