पिछले कई हफ्तों से भारतीय शेयर बाजार लगातार दबाव में है. ऐसे में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन Sensex और Nifty ने जब बढ़त के साथ शुरुआत की, तो बाजार में कुछ राहत की उम्मीद बनी थी. लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी.
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दिन के कारोबार के दौरान Sensex अपनी ऊंचाई से करीब 750 अंक नीचे आ गया, जबकि Nifty 22,400 के आसपास कारोबार करता नजर आया. इस दौरान बाजार का रुझान भी कमजोर रहा और गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से ज्यादा रही.
इस अचानक बदलाव के बीच एक बयान बाजार के लिए अहम trigger बनकर सामने आया.
सीतारमण के बयान से क्यों बढ़ी चिंता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका Trade Deal को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी है, लेकिन दोनों पक्ष ऐसे पड़ाव पर पहुंच गए हैं जहां आगे और give-and-take करना काफी मुश्किल हो सकता है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब बाजार लंबे समय से दोनों देशों के बीच किसी सकारात्मक समझौते की उम्मीद कर रहा है. Deal आगे बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में पहुंच, tariffs और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद की जा सकती है.
लेकिन सीतारमण के बयान ने संकेत दिया कि समझौते तक पहुंचने का रास्ता अभी आसान नहीं है.
यानी बाजार के लिए चिंता Deal के खत्म होने की नहीं, बल्कि इसके जल्दी final होने को लेकर बढ़ती अनिश्चितता की है.
Trade Deal में असली अड़चन क्या है
भारत और अमेरिका के बीच बातचीत सिर्फ tariff घटाने या बढ़ाने तक सीमित नहीं है. इसमें कई बड़े मुद्दे जुड़े हुए हैं.
- Trade imbalance: भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष में है, जबकि अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा है. अमेरिका इस असंतुलन को कम करना चाहता है.
- Market access: दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच और व्यापार के नियम अहम मुद्दे हैं.
- Tariff और concessions: Deal को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों को कुछ मुद्दों पर रियायत देनी पड़ सकती है, लेकिन यही हिस्सा फिलहाल सबसे मुश्किल नजर आ रहा है.
अमेरिका की ओर से भी हाल ही में संकेत मिला था कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह तुरंत होने वाला नहीं है.
अब बाजार की नजर किस पर होगी
पिछले कई हफ्तों की कमजोरी के बीच सोमवार की शुरुआती तेजी ने उम्मीद जगाई थी कि बाजार शायद कुछ recovery की कोशिश कर रहा है. लेकिन Trade Deal पर सामने आया बयान उस तेजी के लिए नया दबाव लेकर आया.
अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि भारत और अमेरिका की बातचीत आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या दोनों देश tariff, market access और trade imbalance जैसे मुद्दों पर कोई साझा रास्ता निकाल पाते हैं.
क्योंकि फिलहाल India-US Trade Deal सिर्फ दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों का मुद्दा नहीं रह गया है. बाजार इसके हर बड़े संकेत को sentiment के साथ जोड़कर देख रहा है.
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