अगर आप अगले साल नया स्मार्टफोन या लैपटॉप लेने का सोच रहे हैं, तो मेमोरी चिप बाजार से आई यह चेतावनी आपके बजट पर असर डाल सकती है. दुनिया की बड़ी मेमोरी चिप कंपनी एसके हाइनिक्स के कंपनी प्रमुख ने कहा है कि 2027 इस कारोबार के लिए बहुत खराब साल हो सकता है.
ADVERTISEMENT
उनके मुताबिक मेमोरी चिप की कमी इतनी बढ़ सकती है कि कंपनियों के पास बेचने के लिए पर्याप्त चिप नहीं बचेगी. इसका सीधा असर रैम, स्टोरेज, स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल, डेस्कटॉप कंप्यूटर, एआई पीसी और दूसरे स्मार्ट गैजेट की कीमतों पर पड़ सकता है.
2027 में मेमोरी चिप की बड़ी कमी का खतरा बताया गया है.रैम और स्टोरेज महंगे होने पर फोन और कंप्यूटर भी महंगे हो सकते हैं.एआई डेटा सेंटर और सुपर कंप्यूटर की बढ़ती मांग को बड़ी वजह बताया गया है.कंपनी प्रमुख के मुताबिक 2030 के बाद भी मांग और सप्लाई के बीच दबाव बना रह सकता है.
क्या कहा एसके हाइनिक्स ने
रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में एसके हाइनिक्स के कंपनी प्रमुख क्वाक नोह जुंग ने कहा कि 2027 मेमोरी चिप कारोबार के लिए सबसे खराब सालों में से एक हो सकता है. उन्होंने कहा कि दुनिया में चिप की कमी इतनी बढ़ सकती है कि बाजार में मांग तो होगी, लेकिन सामान कम होगा. फोन और कंप्यूटर में रैम और स्टोरेज मेमोरी चिप से ही बनते हैं. बिना इनके कोई भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर ठीक से काम नहीं कर सकता. ऐसे में अगर मेमोरी चिप महंगी होती है, तो पूरा डिवाइस महंगा होना तय माना जा रहा है.
किन चीजों की कीमत बढ़ सकती है
इस कमी का असर रोजमर्रा के कई तकनीकी सामान पर पड़ सकता है. इसमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल, डेस्कटॉप कंप्यूटर, एआई पीसी, डेटा सेंटर से जुड़े सिस्टम और दूसरे स्मार्ट गैजेट शामिल हैं.
एसके हाइनिक्स कोई छोटी कंपनी नहीं है. खबर के मुताबिक मेमोरी चिप बनाने वाली दुनिया की तीन बड़ी कंपनियों में सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन शामिल हैं. यानी दुनिया की बड़ी मेमोरी सप्लाई काफी हद तक इन्हीं कंपनियों के हाथ में है. इसी वजह से एसके हाइनिक्स की यह बात बाजार में ध्यान से सुनी जा रही है.
कमी की वजह क्या बताई गई
कंपनी प्रमुख ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह एआई की तेज मांग है. दुनिया भर में एआई डेटा सेंटर और सुपर कंप्यूटर तेजी से बन रहे हैं, और इन्हें चलाने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेमोरी चिप चाहिए. इससे चिप का बड़ा हिस्सा एआई सर्वर और डेटा सेंटर में जा सकता है, और आम ग्राहकों के लिए कम चिप बच सकती है.
आगे की तस्वीर क्या है
क्वाक नोह जुंग ने यह भी कहा कि अभी this परेशानी का कोई आसान हल साफ नहीं दिख रहा है. उनके मुताबिक 2030 के बाद भी ग्राहकों की मांग इतनी ज्यादा रह सकती है कि कंपनियां उतनी सप्लाई नहीं कर पाएंगी. यानी यह दबाव आने वाले कई साल तक बना रह सकता है.
फिलहाल इस खबर का सबसे बड़ा मतलब यही है कि मेमोरी चिप की कमी बढ़ी, तो रैम और स्टोरेज महंगे होंगे, और उसका असर सीधे स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की कीमतों पर दिख सकता है. 2027 को लेकर आई यह चेतावनी इसी वजह से तकनीक बाजार और ग्राहकों, दोनों के लिए अहम मानी जा रही है.
ADVERTISEMENT

