Smallcap और Midcap शेयरों में बीते कुछ महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. इस रैली ने कई निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया. लेकिन इसी बीच देश के कुछ चर्चित निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किया है. आशीष कचोलिया, मुकुल अग्रवाल, डॉली खन्ना और मधुसूदन केला जैसे दिग्गज निवेशकों ने जून तिमाही (Q1 FY27) में कई Smallcap कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है.
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ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह सिर्फ मुनाफावसूली है या फिर Smallcap शेयरों में तेजी के बाद जोखिम बढ़ने का संकेत मिल रहा है.
Smallcap और Midcap शेयरों में आई जोरदार तेजी
FY26 की आखिरी तिमाही में शेयर बाजार काफी दबाव में रहा था. उस दौरान Nifty में करीब 14% तक की गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन FY27 की पहली तिमाही में बाजार ने शानदार वापसी की.
अप्रैल से जून 2026 के दौरान:
- Nifty करीब 7% चढ़ा.
- Nifty Midcap Index में 17% से ज्यादा की तेजी आई.
- Nifty Smallcap Index करीब 24% उछल गया.
यानी सबसे ज्यादा कमाई छोटे और मझोले शेयरों में देखने को मिली. इसी तेजी के बीच कई बड़े निवेशकों ने अपने कुछ निवेशों में मुनाफावसूली की.
आशीष कचोलिया ने किन शेयरों में घटाई हिस्सेदारी?
Trendlyne के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, आशीष कचोलिया ने जून तिमाही में दो केमिकल कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की.
Yasho Industries
- मार्च तिमाही में हिस्सेदारी: 2.37%.
- जून तिमाही में हिस्सेदारी: 2.08%.
इस शेयर ने 2026 में करीब 114% का रिटर्न दिया है. तेज उछाल के बाद हिस्सेदारी घटाने को मुनाफावसूली के तौर पर देखा जा रहा है.
Fineotex Chemicals
- मार्च तिमाही: 2.60%.
- जून तिमाही: 2.06%.
पिछले छह महीनों में इस शेयर ने करीब 58% का रिटर्न दिया है.
इसके अलावा SG Finserv में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई, जिससे माना जा रहा है कि उन्होंने इस कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया.
मुकुल अग्रवाल ने किन कंपनियों में किया बदलाव?
Trendlyne के मुताबिक मुकुल अग्रवाल ने जून तिमाही में कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बदली.
उन्होंने Construction कंपनी J Kumar Infraprojects में हिस्सेदारी घटाई. इसके अलावा Surya Roshni और Radico Khaitan में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई, जिससे बाजार में इनके संभावित एग्जिट की चर्चा है. वहीं Intellect Design Arena में भी उन्होंने अपनी हिस्सेदारी थोड़ी कम की.
इनमें से कुछ कंपनियों का हालिया प्रदर्शन कमजोर रहा है.
- J Kumar Infraprojects: पिछले एक साल में करीब 33% गिरावट.
- Surya Roshni: करीब 26% गिरावट.
- Intellect Design Arena: करीब 40% गिरावट.
हालांकि Radico Khaitan ने पिछले एक साल में 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया है.
डॉली खन्ना ने दो शेयरों से बनाई दूरी
Smallcap निवेशकों के बीच लोकप्रिय डॉली खन्ना ने भी जून तिमाही में दो कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 1% से नीचे कर दी.
इनमें शामिल हैं:
- Rain Industries.
- Sharda Cropchem.
Rain Industries ने 2026 में करीब 42% का रिटर्न दिया है, जबकि Sharda Cropchem में करीब 6% की तेजी देखने को मिली.
इसके अलावा डॉली खन्ना ने Prakash Industries में भी अपनी हिस्सेदारी थोड़ी कम की. खास बात यह है कि Rain Industries और Sharda Cropchem को उन्होंने हाल ही में अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया था.
मधुसूदन केला ने भी घटाई हिस्सेदारी
जून तिमाही में मधुसूदन केला ने भी अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव किए.
उन्होंने:
- SG Finserv में हिस्सेदारी थोड़ी कम की.
- Rashi Peripherals में हिस्सेदारी 0.6% घटाई.
- Windsor Machines में हिस्सेदारी 7.4% से घटाकर 6.4% कर दी.
Rashi Peripherals ने 2026 में 100% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जबकि Windsor Machines पिछले छह महीनों में करीब 25% चढ़ा है.
क्या Smallcap शेयरों में खतरे का संकेत है?
बड़े निवेशकों की बिक्री का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कंपनी में कोई समस्या आ गई है. कई बार किसी शेयर में लंबी तेजी के बाद निवेशक सिर्फ मुनाफावसूली करते हैं और अपने पोर्टफोलियो का संतुलन बनाते हैं.
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में Smallcap और Midcap शेयरों में निवेश करते समय पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
Elara Capital और Axis Securities की क्या राय है?
ब्रोकरेज फर्म Elara Capital का कहना है कि अब सिर्फ तेजी देखकर Smallcap और Midcap शेयरों में निवेश नहीं करना चाहिए. निवेश से पहले कंपनियों की कमाई, मुनाफा और बिजनेस मॉडल का मूल्यांकन जरूरी है.
वहीं Axis Securities का मानना है कि Smallcap और Midcap सेगमेंट का आउटलुक धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन काफी ऊंचे हैं. ऐसे में अगर कंपनियां उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं देतीं तो शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है.
किन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कुछ सेक्टर Smallcap और Midcap कंपनियों के लिए बेहतर अवसर पैदा कर सकते हैं.
इनमें शामिल हैं:
- Defence.
- Semiconductor.
- Electricals.
- Aerospace.
- Battery Storage.
- Data Centres.
- Artificial Intelligence (AI).
इन क्षेत्रों में काम करने वाली नई और उभरती कंपनियों के लिए ग्रोथ की अच्छी संभावना मानी जा रही है.
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
आशीष कचोलिया, मुकुल अग्रवाल, डॉली खन्ना और मधुसूदन केला जैसे दिग्गज निवेशकों ने जून तिमाही में कुछ Smallcap शेयरों में अपनी हिस्सेदारी जरूर घटाई है, लेकिन इसे पूरे Smallcap सेगमेंट से बाहर निकलने का संकेत नहीं माना जा सकता. कई मामलों में यह तेज रैली के बाद सामान्य मुनाफावसूली भी हो सकती है.
हालांकि मौजूदा बाजार में निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि अब सिर्फ तेजी देखकर निवेश करने का दौर नहीं है. आने वाले समय में वही Smallcap और Midcap कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं जिनकी कमाई मजबूत हो, बिजनेस मॉडल टिकाऊ हो और ग्रोथ की संभावनाएं स्पष्ट हों. इसलिए निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन दोनों का आकलन करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.
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