भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो दिखाती हैं कि सही समय पर सही समस्या को पहचान लिया जाए तो एक छोटा बिजनेस भी बड़ी कंपनी में बदल सकता है. ऐसी ही कहानी है पुरुषों के फैशन ब्रांड Snitch की. एक समय पर जिस कंपनी की वैल्यूएशन करीब 100 करोड़ रुपये थी, वह महज दो साल के अंदर करीब 2500 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन तक पहुंच गई. यानी शुरुआती निवेशकों के लिए कागजों पर यह करीब 25 गुना का रिटर्न साबित हुआ.
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Snitch की खास बात यह रही कि जब यह Shark Tank India के सीजन 2 में पहुंचा, तो शो के सभी 5 Sharks ने मिलकर इसमें निवेश किया. यह डील शो की सबसे चर्चित डील्स में से एक बन गई. लेकिन Snitch की सफलता की कहानी सिर्फ Shark Tank तक सीमित नहीं है. इसके पीछे एक ऐसे फाउंडर की सोच है, जिसने छोटे स्तर के कपड़ों के कारोबार से शुरुआत की और धीरे-धीरे भारतीय फैशन मार्केट में अपनी जगह बना ली.
छोटे कपड़ों के कारोबार से शुरू हुई Snitch की कहानी
Snitch की शुरुआत साल 2020 में सिद्धार्थ डुंगरवाल ने की थी. हालांकि, उनके उद्यमी सफर की शुरुआत इससे काफी पहले हो चुकी थी. बेंगलुरु में अपने परिवार के ज्वेलरी बिजनेस में मदद करते हुए सिद्धार्थ को महसूस हुआ कि उनकी दिलचस्पी फैशन और कपड़ों के कारोबार में ज्यादा है. इसके बाद उन्होंने अपने पिता से एक खाली दुकान इस्तेमाल करने की अनुमति ली और वहीं से कपड़ों का छोटा कारोबार शुरू किया.
शुरुआत में सिद्धार्थ फैक्ट्रियों से बचे हुए कपड़े खरीदकर बेचते थे. लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आया कि सिर्फ रिटेल बिजनेस में ज्यादा मार्जिन हासिल करना मुश्किल है. असली अवसर कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग में है. इसके बाद उन्होंने खुद कपड़ों का निर्माण शुरू किया और धीरे-धीरे कई बड़े रिटेलर्स के लिए कपड़े बनाने लगे. कुछ वर्षों में उनका कारोबार 50-60 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू रन रेट तक पहुंच गया.
कोरोना काल में बदला बिजनेस मॉडल
साल 2020 में कोरोना महामारी ने पूरी फैशन इंडस्ट्री को प्रभावित किया. रिटेल मार्केट पर असर पड़ा और कई मैन्युफैक्चरर्स के पास बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा हो गया.
इसी दौर में सिद्धार्थ ने अपने बिजनेस को एक नए तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया. उन्होंने सोचा कि दूसरों के लिए कपड़े बनाने के बजाय सीधे ग्राहकों तक क्यों न पहुंचा जाए. इसी सोच के साथ जुलाई 2020 में Snitch.co.in की शुरुआत हुई. कंपनी ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर यानी D2C मॉडल अपनाया, जिसमें वह सीधे ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट बेचने लगी.
फैशन इंडस्ट्री की बड़ी समस्या को बनाया अपना मौका
Snitch ने सिर्फ ऑनलाइन कपड़े बेचने पर फोकस नहीं किया, बल्कि फैशन मार्केट की एक बड़ी कमी को पहचाना. कंपनी ने देखा कि युवा पुरुषों को ट्रेंडी और स्टाइलिश कपड़ों की मांग थी, लेकिन उनके पास विकल्प सीमित थे. एक तरफ बड़े ब्रांड्स के कपड़े महंगे थे, वहीं दूसरी तरफ कई विकल्प तेजी से बदलते फैशन ट्रेंड के हिसाब से अपडेट नहीं हो रहे थे.
दूसरी बड़ी समस्या बड़े फैशन ब्रांड्स की धीमी प्रक्रिया थी. किसी नए डिजाइन को तैयार करने से लेकर बाजार तक पहुंचाने में कई कंपनियों को 3 से 6 महीने तक लग जाते थे. Snitch ने इसी समस्या को अपना अवसर बनाया. कंपनी ने अपने डिजाइन और सप्लाई चेन मॉडल को तेज किया. जहां दूसरे ब्रांड्स को महीनों लगते थे, वहीं Snitch करीब दो हफ्तों में नए डिजाइन बाजार में उतारने लगा.
कंपनी हर हफ्ते नए स्टाइल लॉन्च करने लगी और तेजी से बदलते फैशन ट्रेंड को पकड़ने में सफल रही.
Shark Tank India में सभी Sharks ने लगाया दांव
Snitch जब Shark Tank India Season 2 में पहुंचा तो उसने सभी का ध्यान खींच लिया. कंपनी ने शो में 1.5 करोड़ रुपये के निवेश के बदले 0.5 फीसदी इक्विटी की मांग रखी थी. लेकिन बातचीत के बाद डील 1.5 फीसदी इक्विटी पर फाइनल हुई.
इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि शो के सभी 5 Sharks ने मिलकर Snitch में निवेश किया. यह Shark Tank India की उन चुनिंदा डील्स में शामिल हो गई, जहां सभी Sharks एक साथ किसी कंपनी में निवेश के लिए तैयार हुए. इस निवेश के समय Snitch की वैल्यूएशन करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई थी.
100 करोड़ से 2500 करोड़ रुपये तक पहुंची वैल्यूएशन
Shark Tank के बाद Snitch की ग्रोथ और तेज हो गई. जून 2025 में कंपनी ने करीब 40 मिलियन डॉलर यानी लगभग 340 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई. इस फंडिंग राउंड में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2500 करोड़ रुपये आंकी गई.
यह वैल्यूएशन Shark Tank वाली वैल्यूएशन से करीब 25 गुना ज्यादा थी. कंपनी ने कुछ ही वर्षों में करीब 900 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का दावा किया है. इसमें करीब 60 फीसदी कारोबार ऑनलाइन चैनल्स से आता है. Snitch का कहना है कि कंपनी करीब 120 फीसदी सालाना ग्रोथ कर रही है और मुनाफे में बनी हुई है.
अब 60 मिनट में फैशन पहुंचाने की तैयारी
Snitch अब सिर्फ ऑनलाइन फैशन ब्रांड तक सीमित नहीं रहना चाहता. कंपनी ने Snitch Quick लॉन्च किया है, जिसके जरिए ग्राहकों तक फैशन प्रोडक्ट 60 मिनट से कम समय में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी के मुताबिक, यह नया मॉडल पहले ही उसके ऑनलाइन रेवेन्यू में करीब 10 फीसदी योगदान दे रहा है. आने वाले समय में कंपनी करीब 1400 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.
Snitch की सफलता के पीछे क्या है रणनीति?
Snitch की ग्रोथ के पीछे तीन बड़ी वजहें नजर आती हैं. पहली वजह है युवा ग्राहकों की बदलती पसंद को जल्दी समझना. कंपनी ने पहचाना कि नई पीढ़ी तेजी से बदलते फैशन ट्रेंड के साथ चलना चाहती है. दूसरी वजह है कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता. खुद की मजबूत सप्लाई चेन होने की वजह से Snitch नए डिजाइन तेजी से बाजार में उतारने में सफल रहा. तीसरी वजह है डिजिटल और D2C मॉडल पर फोकस. कंपनी ने पारंपरिक फैशन मॉडल के बजाय सीधे ग्राहकों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई.
छोटी शुरुआत से बड़ा ब्रांड बनने तक का सफर
Snitch की कहानी सिर्फ एक फैशन कंपनी की कहानी नहीं है. यह दिखाती है कि अगर किसी पुराने बिजनेस मॉडल को नए तरीके से पेश किया जाए, तो छोटे स्तर से शुरू हुआ कारोबार भी बड़ी कंपनी में बदल सकता है. सिद्धार्थ डुंगरवाल ने एक छोटी दुकान से शुरुआत की और आज Snitch भारत के चर्चित D2C फैशन ब्रांड्स में शामिल हो चुका है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Snitch आने वाले वर्षों में अपनी तेज ग्रोथ को बनाए रख पाएगा और भारतीय फैशन मार्केट में बड़े खिलाड़ियों को चुनौती दे पाएगा.
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