आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में आई वैश्विक बिकवाली का सबसे बड़ा असर मंगलवार को दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार पर देखने को मिला. देश का प्रमुख शेयर बाजार इंडेक्स KOSPI करीब 10.73% टूटकर 6,031.38 पर पहुंच गया. तेज गिरावट के चलते एक्सचेंज को 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी.बाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह चिप कंपनियों के शेयरों में आई जोरदार बिकवाली रही. निवेशकों को अब डर सताने लगा है कि AI पर हो रहा भारी निवेश और इन कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी.
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AI खर्च को लेकर बढ़ी चिंता
हाल ही में Nvidia ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े 750 अरब डॉलर से ज्यादा के नए सौदों की घोषणा की थी. लेकिन इसके बाद बाजार में यह चिंता बढ़ गई कि कंपनियां AI पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर रही हैं. ऐसे में निवेशकों ने AI और सेमीकंडक्टर शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी.
चीन की बढ़ती ताकत ने बढ़ाया दबाव
बाजार पर एक और बड़ा दबाव चीन से आया. खबर है कि चीन की सरकारी समर्थन वाली एक कंपनी ने DUV (Deep Ultraviolet) लिथोग्राफी मशीनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है. अगर यह तकनीक सफल रहती है तो डच कंपनी ASML की बाजार में मजबूत पकड़ को चुनौती मिल सकती है. इसी वजह से दुनिया भर की चिप उपकरण बनाने वाली कंपनियों के शेयर टूट गए. ASML, ASM International, Applied Materials, Lam Research और BE Semiconductor जैसी कंपनियों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
Samsung और SK Hynix में भारी गिरावट
दक्षिण कोरिया के बाजार पर सबसे ज्यादा असर देश की दो दिग्गज कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix की गिरावट से पड़ा. Samsung Electronics का शेयर करीब 9% गिर गया. SK Hynix में 12% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. ये दोनों कंपनियां मिलकर KOSPI इंडेक्स में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी रखती हैं. इसलिए इनके टूटने से पूरे बाजार पर बड़ा असर पड़ा.
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली
दक्षिण कोरिया ही नहीं, बल्कि जापान और ताइवान के बाजार भी दबाव में रहे. जापान का Nikkei 225 4% से ज्यादा गिरा. ताइवान का Taiex भी 4% से ज्यादा टूट गया. इससे साफ है कि AI और चिप सेक्टर में आई कमजोरी का असर पूरे एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है.
निवेशकों की नजर किस पर रहेगी?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि AI सेक्टर में निवेश की रफ्तार आगे कैसी रहती है, चीन की तकनीकी प्रगति कितनी तेज होती है और दुनिया की बड़ी चिप कंपनियां इस चुनौती का सामना कैसे करती हैं. फिलहाल बाजार में डर का माहौल है और टेक शेयरों पर दबाव बना हुआ है.दक्षिण कोरिया के बाजार में यह गिरावट सिर्फ एक दिन की बिकवाली नहीं दिखाती, बल्कि एआई खर्च, चिप सेक्टर के ऊंचे भाव, चीन की बढ़ती तकनीकी क्षमता और बड़ी टेक कंपनियों पर निर्भरता को लेकर बढ़ती चिंता भी दिखाती है. फिलहाल सबसे बड़ा दबाव सेमिकंडक्टर और टेक शेयरों पर बना हुआ है, और यही कोस्पी की दिशा तय कर रहा है.
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