दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली. देश का प्रमुख शेयर इंडेक्स कोस्पी 7.57 फीसदी टूटकर 5,554 अंक पर बंद हुआ. बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि एक्सचेंज को कुछ समय के लिए खास तरह के बिकवाली ऑर्डर रोकने पड़े. टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट ने पूरे एशियाई बाजार पर दबाव बढ़ा दिया. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसे बड़े शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की.
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7वें दिन भी गिरा कोरिया का बाजार
दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट आई. यह सितंबर 2024 के बाद बाजार में लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर है. जून में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से कोस्पी करीब 35 फीसदी तक गिर चुका है.गुरुवार को इंडेक्स 7.57 फीसदी टूटकर 5,554 अंक पर पहुंच गया. बाजार में गिरावट का असर बड़ी संख्या में कंपनियों के शेयरों पर पड़ा. कारोबार के दौरान कुल 889 शेयरों में से 768 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि सिर्फ 90 शेयरों में तेजी थी. विदेशी निवेशकों ने भी दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 355.6 अरब वॉन के शेयर बेच दिए.
सैमसंग और SK Hynix में बड़ी गिरावट
दक्षिण कोरियाई बाजार में टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 9.05 फीसदी और SK Hynix का शेयर 11.06 फीसदी तक लुढ़क गया. इसके अलावा, एलजी एनर्जी सॉल्यूशन 3.44 फीसदी, हुंडई मोटर 3.99 फीसदी और किआ कॉर्प 2.03 फीसदी टूटा. इस बिकवाली का असर दूसरे एशियाई बाजारों में भी दिखा. ताइवान की चिप बनाने वाली कंपनी TSMC का शेयर 2 फीसदी गिर गया. जापान की मेमोरी चिप कंपनी Kioxia Holdings का शेयर 11 फीसदी से ज्यादा टूट गया. वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों में निवेश करने वाली सॉफ्टबैंक के शेयर में 9.4 फीसदी की गिरावट आई.
आखिर क्यों टूटे एशियाई शेयर बाजार?
एशियाई बाजारों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली मानी जा रही है.अमेरिका में सितंबर की महंगाई दर उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई. इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है.ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ता है. इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर निवेशक काफी उम्मीदें रखते हैं और इनके कारोबार में विस्तार के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत होती है. ब्याज दरें ऊंची रहने पर कर्ज महंगा हो सकता है और भविष्य में होने वाली कमाई का मौजूदा मूल्य घट सकता है.अमेरिकी बाजार में भी इसका असर देखने को मिला. पिछले कारोबारी सत्र में S&P 500 इंडेक्स 1.1 फीसदी और नेस्डैक कंपोजिट 1.9 फीसदी गिर गया. सेमीकंडक्टर शेयरों से जुड़ा इंडेक्स भी लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ.
जापान और दूसरे एशियाई बाजार भी गिरे
दक्षिण कोरिया के साथ दूसरे एशियाई बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिली.जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 4.8 फीसदी गिरा.MSCI एशिया-प्रशांत इंडेक्स, जिसमें जापान शामिल नहीं है, 3.3 फीसदी टूट गया.अमेरिकी S&P 500 के वायदा कारोबार में 0.5 फीसदी की गिरावट आई.इन आंकड़ों से साफ है कि दबाव सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं है. अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता ने वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली बढ़ाई है.
कोरिया के एक्सचेंज को क्यों रोकना पड़ा कारोबार?
शेयर बाजार में तेज गिरावट को देखते हुए दक्षिण कोरिया के एक्सचेंज ऑपरेटर ने 'साइडकार' व्यवस्था लागू की. यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर इंडेक्स फ्यूचर्स में तेज गिरावट के बाद प्रोग्राम आधारित बिकवाली के ऑर्डर पांच मिनट के लिए रोक दिए जाते हैं.इसका मकसद बाजार में अचानक बढ़ने वाली बिकवाली को कुछ समय के लिए धीमा करना है. हालांकि, यह व्यवस्था बाजार को गिरने से पूरी तरह नहीं रोकती और न ही इसका मतलब है कि सभी तरह का कारोबार बंद हो गया.
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