भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत होने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के चलते कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. निवेशकों की नजर आज अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले और कई बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों पर भी रहेगी.
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ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. अमेरिका का दावा है कि उसकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ गई है.
तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया. ब्रेंट क्रूड करीब 4.2 प्रतिशत बढ़कर 85.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
ग्लोबल मार्केट का हाल
भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं. गिफ्ट निफ्टी करीब 124 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे घरेलू बाजार की मजबूत शुरुआत की उम्मीद है.
हालांकि एशियाई बाजारों पर भू-राजनीतिक तनाव का असर देखने को मिला. जापान का निक्केई करीब 1.5 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.7 प्रतिशत तक फिसल गया.
अमेरिकी बाजार मंगलवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए. डाउ जोंस और एसएंडपी 500 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि नैस्डैक में हल्की गिरावट रही. मजबूत तिमाही नतीजों के बाद फोर्ड के शेयरों में 5.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
आज देर रात अमेरिकी फेड ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगा. बाजार को उम्मीद है कि फेड दरों को 3.50 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रख सकता है. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स भी अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगे.
भारतीय बाजार का आउटलुक
आज से अगस्त सीरीज की शुरुआत हो रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार की शुरुआत गैप-अप हो सकती है, लेकिन इसके बाद कारोबार सीमित दायरे में रहने की संभावना है.
- जुलाई में निफ्टी की रेंज: 23,606 से 24,530 अंक
- जुलाई में निफ्टी आईटी इंडेक्स: करीब 15.6 प्रतिशत की तेजी
- निफ्टी सपोर्ट: 23,900 से 23,950
- निफ्टी रेजिस्टेंस: 24,100 से 24,130
एफएंडओ (F&O) बैन लिस्ट में आज कोई भी शेयर शामिल नहीं है.
FIIs और DIIs ने क्या किया?
28 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में 755.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,664.16 करोड़ रुपये की खरीदारी की.
डेरिवेटिव्स सेगमेंट में FIIs ने 31,025.95 करोड़ रुपये की बिकवाली की. इंडेक्स में उनकी लॉन्ग पोजीशन घटकर 8.77 प्रतिशत रह गई, जो जनवरी 2026 के बाद सबसे निचला स्तर है.
आज इन बड़ी कंपनियों के आएंगे Q1 नतीजे
आज कई दिग्गज कंपनियां अपने पहली तिमाही के नतीजे जारी करेंगी. इनमें प्रमुख नाम हैं:
- अदानी एंटरप्राइजेज
- अदानी पोर्ट्स
- एशियन पेंट्स
- डाबर इंडिया
- आयशर मोटर्स
- कोलगेट पामोलिव
- बजाज हाउसिंग फाइनेंस
- जेएंडके बैंक
- केपीआईटी टेक्नोलॉजीज
- पीआई इंडस्ट्रीज
- स्टार हेल्थ
- वी-गार्ड
- प्रेस्टिज एस्टेट्स
- वॉरी एनर्जीज समेत कई अन्य कंपनियां.
कल बाजार बंद होने के बाद आए प्रमुख नतीजे
- L&T (लार्सन एंड टुब्रो): कंपनी का मुनाफा 14 प्रतिशत बढ़कर 4,123 करोड़ रुपये रहा. रेवेन्यू 6.7 प्रतिशत बढ़कर 67,942 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि ऑर्डर बुक 7.79 लाख करोड़ रुपये रही.
- DCM Shriram: कंपनी का मुनाफा 113 करोड़ रुपये से बढ़कर 693 करोड़ रुपये हो गया.
- TruAlt Bioenergy: मुनाफा 4.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 57 करोड़ रुपये पहुंच गया.
- Tata Capital: कंपनी का मुनाफा 56.3 प्रतिशत बढ़कर 1,547 करोड़ रुपये रहा.
- Phoenix Mills: मुनाफा 23.2 प्रतिशत बढ़कर 297 करोड़ रुपये हो गया.
- Birlasoft और VST Industries: दोनों कंपनियों के मुनाफे और रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की गई.
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें.
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