Mukesh Ambani Vs Subhash Chandra: ₹22,000 करोड़ के मामले पर छिड़ी नई जंग, फिर सामने पुराना विवाद !

चिराग ठाकुर

• 01:12 PM • 29 Aug 2026

सुभाष चंद्रा ने रिलायंस से जुड़े मीडिया मंचों की कवरेज पर सवाल उठाए हैं. मामला 22006 करोड़ दावों, 6.5 करोड़ भुगतान योजना और पुराने जी इनवेस्को विवाद से एक साथ जुड़ा है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

मामले में 22006 करोड़ रुपये के दावे और 6.5 करोड़ योजना शामिल

चंद्रा ने कहा दावों की पेशकश से गलत तस्वीर बनाई जा रही

ये दावे एस्सेल समूह कंपनियों के कर्ज और निजी गारंटी से जुड़े

देश के दो बड़े कारोबारी नाम एक बार फिर आमने-सामने हैं. इस बार विवाद सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है. इसमें Media Coverage, Subhash Chandra की Personal Insolvency और करीब 5 साल पुराना Zee-Invesco विवाद भी जुड़ गया है. चंद्रा ने सीधे Mukesh Ambani को संबोधित करते हुए Reliance से जुड़े Media Platforms पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं Reliance ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

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तो आखिर मामला क्या है? ₹22,006 करोड़ के Claims और सिर्फ ₹6.5 करोड़ के Repayment Plan की कहानी क्या है? और Zee-Invesco का पुराना विवाद अचानक फिर चर्चा में क्यों आ गया? आइए आसान भाषा में समझते हैं.

Mukesh Ambani पर Subhash Chandra का क्या आरोप है?

दरअसल, Subhash Chandra ने एक Video Message जारी कर सीधे Mukesh Ambani का नाम लिया. चंद्रा का आरोप है कि Reliance से जुड़े Media Platforms उनकी Personal Insolvency Case की ऐसी Coverage कर रहे हैं, जिससे उनके और उनके Group को लेकर लोगों के बीच गलत धारणा बन रही है.

उनका कहना है कि ₹22,000 करोड़ के Claims को इस तरह पेश किया जा रहा है, जैसे उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर ₹22,000 करोड़ का कर्ज लिया और फिर सिर्फ ₹6.5 करोड़ में मामला निपटा दिया.

चंद्रा इसे 'Wrong Propaganda' बताते हैं और Coverage के तरीके पर सवाल उठाते हैं.

₹22,006 करोड़ का असली मामला क्या है?

यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. ₹22,006 करोड़ का आंकड़ा सीधे तौर पर चंद्रा के Personal Loan का आंकड़ा नहीं है.

उनकी Personal Insolvency Proceedings में करीब ₹22,006 करोड़ के Admitted Claims हैं. वहीं NCLT ने जिस Repayment Plan को मंजूरी दी है, उसमें करीब ₹6.5 करोड़ की रकम शामिल है.

इस अंतर को समझने के लिए Personal Guarantee को समझिए.

Loans मुख्य तौर पर Essel Group की कंपनियों से जुड़े थे. Subhash Chandra ने इन Loans पर Personal Guarantee दी थी. कंपनियों की देनदारी से जुड़े Claims बाद में उनकी Personal Insolvency Proceedings का हिस्सा बने. इसलिए ₹22,006 करोड़ को सीधे चंद्रा द्वारा लिया गया Personal Loan मानना सही तस्वीर नहीं देता.

यही वह distinction है, जिसको लेकर चंद्रा Media Coverage पर सवाल उठा रहे हैं.

फिर Zee और Invesco की पुरानी कहानी कहां से आई?

चंद्रा ने अपनी बात सिर्फ Insolvency Case तक सीमित नहीं रखी. उन्होंने करीब 5 साल पुराने Zee-Invesco विवाद का भी जिक्र किया.

साल 2021 में Invesco, जो उस समय Zee का बड़ा Shareholder था, कंपनी के Board में बदलाव की मांग कर रहा था. इसी दौरान Reliance और Zee के बीच संभावित Combination को लेकर बातचीत की खबरें सामने आईं.

चंद्रा का आरोप है कि उस समय Reliance की तरफ से Zee पर Control हासिल करने की कोशिश की गई थी. Reliance ने Zee के साथ संभावित Combination को लेकर बातचीत होने की बात स्वीकार की थी, लेकिन कोई Deal नहीं हुई.

इसके बाद Zee ने Sony के साथ Merger का रास्ता चुना. लेकिन यह Deal भी आखिरकार पूरी नहीं हो सकी और January 2024 में Sony ने Merger को खत्म कर दिया.

Reliance ने क्या जवाब दिया?

Subhash Chandra के आरोपों के बाद Reliance ने भी अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने चंद्रा की टिप्पणियों को 'Baseless' बताया और Reliance से जुड़े Media Entities पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया.

Reliance के मुताबिक:

उसके Media Brands का इस्तेमाल किसी व्यक्ति पर हमला करने के लिए नहीं किया गया. चंद्रा के आरोपों और इशारों को कंपनी ने खारिज किया. Reliance ने कहा कि वह Subhash Chandra को एक Businessman और Entrepreneur के तौर पर सम्मान देती है.

यानी फिलहाल दोनों पक्षों की बात बिल्कुल अलग है. एक तरफ चंद्रा Media Coverage पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ Reliance इन आरोपों को ही आधारहीन बता रहा है.

पुरानी Corporate लड़ाई फिर क्यों चर्चा में?

इस पूरे मामले की दिलचस्प बात यही है कि आज का विवाद सिर्फ Insolvency Case को लेकर नहीं है. Subhash Chandra ने जिस तरह Zee-Invesco के 2021 वाले विवाद को फिर सामने रखा है, उससे करीब 5 साल पुराना Corporate Chapter भी दोबारा चर्चा में आ गया है.

एक तरफ हैं ₹22,006 करोड़ के Admitted Claims और ₹6.5 करोड़ का Repayment Plan. दूसरी तरफ है Zee-Invesco-Reliance की पुरानी Corporate कहानी.

अब बड़ा सवाल यही है कि Mukesh Ambani और Subhash Chandra के बीच यह टकराव सिर्फ आरोप और जवाब तक सीमित रहेगा या आने वाले दिनों में कोई नया Legal या Corporate Chapter भी खुलता है.