सुजलॉन एनर्जी के पहली तिमाही के नतीजों के बाद शेयर में तेज दबाव दिखा. कंपनी की आय बढ़ी है, डिलीवरी भी मजबूत रही है, लेकिन कामकाजी मार्जिन में गिरावट ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है.बाजार ने इस बार सिर्फ बिक्री की रफ्तार नहीं देखी, बल्कि यह भी देखा कि कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर कितनी कमाई कर पा रही है. यही वजह रही कि अच्छे आय आंकड़ों के बावजूद नतीजों के बाद शेयर करीब 9 फीसदी टूट गया.
ADVERTISEMENT
नतीजों के बाद शेयर में भारी दबाव
तिमाही नतीजों के बाद मंगलवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर दबाव दिखा और इसमें करीब 9 फीसदी की गिरावट आई. पिछले 6 महीने में शेयर ने करीब साढ़े 8 फीसदी रिटर्न दिया है.पिछले 1 साल में शेयर करीब 21 फीसदी गिरा है.पिछले 3 साल में शेयर ने करीब 180 फीसदी रिटर्न दिया है.बीते एक साल में शेयर दबाव में रहा है, लेकिन लंबी अवधि में इसने मजबूत रिटर्न दिया है. पिछले 3 से 4 साल में सुजलॉन एनर्जी बाजार की बड़ी वापसी वाली कहानियों में शामिल रही है.
नतीजे कैसे रहे?
अगर सिर्फ आय को देखें तो तस्वीर मजबूत दिखती है. कंपनी ने रिकॉर्ड डिलीवरी के दम पर सालाना आधार पर 22.3 फीसदी की बढ़त के साथ 3,830 करोड़ रुपये की आय दर्ज की. मुनाफे और कामकाजी कमाई के मोर्चे पर दबाव दिखा. शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5.9 फीसदी घटकर 305 करोड़ रुपये रह गया. एबिट्डा भी करीब आधा फीसदी गिरकर 596 करोड़ रुपये पर आ गया. सबसे बड़ी चिंता एबिट्डा मार्जिन में गिरावट की रही. यह 19.1 फीसदी से घटकर 15.6 फीसदी पर आ गया.आसान शब्दों में कहें तो कंपनी ज्यादा टरबाइन बेच रही है और ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे कर रही है, लेकिन बिक्री के मुकाबले कम कमाई कर रही है.
नतीजों की पॉजिटिव बातें
- कंपनी की डिमांड मजबूत बनी हुई है और ऑर्डर बुक अच्छी स्थिति में है
- भारत में रिन्यूएबल एनर्जी पर सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है, जिससे Suzlon जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है
- कंपनी लगातार प्रोजेक्ट डिलीवरी बढ़ा रही है, जिससे आने वाली तिमाहियों में भी रेवेन्यू ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है
बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया क्यों दी
सुजलॉन एनर्जी से बाजार की उम्मीदें पहले से काफी ऊंची रही हैं. जब कोई शेयर पहले ही तेज चढ़ चुका होता है, तब निवेशक सिर्फ अच्छी बढ़त नहीं, बल्कि उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन चाहते हैं.यही वजह रही कि बाजार ने आय बढ़ने से ज्यादा मार्जिन में आई कमजोरी पर ध्यान दिया. नतीजों के बाद शेयर में आई गिरावट इसी चिंता को दिखाती है.
चिंता कहां है?
सबसे बड़ी चिंता मार्जिन को लेकर है. अगर अगले कुछ तिमाहियों तक कामकाजी मार्जिन दबाव में रहता है, तो सिर्फ आय बढ़ने से शेयर के ऊंचे मूल्यांकन को सहारा मिलना मुश्किल हो सकता है.दूसरी बात यह है कि अब बाजार इस शेयर को सस्ता नहीं मान रहा है. ऐसे में छोटी निराशा पर भी बड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.
किन बातों पर नजर रखनी चाहिए
- क्या कंपनी कामकाजी मार्जिन को फिर से 18 से 20 फीसदी के आसपास ला पाती है
- क्या ऑर्डर बुक की मजबूती अगले कुछ तिमाहियों तक बनी रहती है
- क्या बढ़ती बिक्री आगे चलकर मुनाफे में भी साफ दिखती है
फिलहाल सुजलॉन एनर्जी के नतीजों को पूरी तरह खराब या बहुत शानदार नहीं कहा जा सकता. तस्वीर ऐसी है जिसमें आय मजबूत है, लेकिन मार्जिन कमजोर है. अब आने वाली कुछ तिमाहियां तय करेंगी कि कंपनी सिर्फ तेजी से बढ़ती हुई कंपनी बनी रहती है या मजबूत मुनाफा कमाने वाली कंपनी भी बनती है. शेयर की अगली दिशा भी काफी हद तक इसी पर निर्भर करेगी.
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है. किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें
ADVERTISEMENT

