Tata Motors को बड़ा झटका! मुनाफा धड़ाम, JLR ने बिगाड़ा पूरा खेल

संदीप शर्मा

13 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 13 2026 5:42 PM)

टाटा मोटर्स के क्यू1 एफवाई27 नतीजों में घरेलू पैसेंजर वाहन कारोबार ने मजबूत बढ़त दिखाई, लेकिन जेएलआर पर सप्लाई, कच्चे माल और फॉरेक्स का दबाव लगातार बना रहा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

Q1 में कुल आय 9.3% बढ़कर ₹95,800 करोड़

घरेलू बिक्री में 46% की जोरदार ग्रोथ

सप्लाई चेन की दिक्कतों से JLR पर असर

आने वाले समय में नए EV मॉडल्स पर बड़ा दांव

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड यानी TMPVL के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के नतीजे मिले-जुले रहे. कंपनी के भारतीय पैसेंजर व्हीकल कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन ब्रिटिश लग्जरी कार कंपनी Jaguar Land Rover (JLR) में सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों का असर पूरे कारोबार के मुनाफे पर पड़ा. कंपनी का कुल राजस्व 9.3% बढ़कर करीब ₹95,800 करोड़ रहा. वहीं, कंपनी ने करीब ₹1,600 करोड़ का PBT और ₹900 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया. कंपनी का EBITDA मार्जिन 7.4% रहा.

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भारतीय बाजार में टाटा की पकड़ मजबूत

भारतीय पैसेंजर व्हीकल कारोबार टाटा मोटर्स के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर रहा. अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू कारोबार से कंपनी का राजस्व करीब 65% बढ़कर ₹17,930 करोड़ पहुंच गया. कंपनी की गाड़ियों की बिक्री में भी सालाना आधार पर करीब 46% की बढ़ोतरी हुई. यानी टाटा मोटर्स ने इस तिमाही में ऑटो इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ से बेहतर प्रदर्शन किया. सबसे ज्यादा चर्चा कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार की रही. टाटा मोटर्स की EV बिक्री में 112% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और तिमाही के दौरान कंपनी ने 34,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचे. Vahan Data के मुताबिक भारतीय ऑटो बाजार में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी करीब 14.3% रही और कंपनी दूसरे स्थान पर बनी हुई है. वहीं इलेक्ट्रिक कार बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 39% रही.

नए मॉडल्स को भी मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स

कंपनी के नए और अपडेटेड मॉडल्स को भी ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. Tiago, Tiago.ev और Sierra.ev जैसे मॉडल्स से कंपनी को आगे भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. टाटा मोटर्स का फोकस सिर्फ पेट्रोल-डीजल कारों पर नहीं है. कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के साथ अलग-अलग पावरट्रेन वाले मॉडल्स पर भी दांव लगा रही है.

JLR में सप्लाई की परेशानी

जहां भारतीय कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं JLR की वजह से कंपनी के लिए तिमाही चुनौतीपूर्ण रही. JLR का राजस्व करीब £6.0 बिलियन रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 9.6% कम है. इसकी थोक बिक्री में भी करीब 9.2% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के मुताबिक JLR के कारोबार पर सप्लाई चेन से जुड़ी कई समस्याओं का असर पड़ा. एक प्रमुख कंपोनेंट सप्लायर की फैक्ट्री में आग लगने से सप्लाई प्रभावित हुई. इसके अलावा मध्य पूर्व में तनाव और पुराने Jaguar मॉडल्स के उत्पादन को धीरे-धीरे बंद किए जाने का भी असर पड़ा. हालांकि, JLR के प्रीमियम ब्रांड्स की मांग मजबूत बनी हुई है. Range Rover, Range Rover Sport और Defender की बिक्री में हिस्सेदारी बढ़कर 80.8% हो गई है.

आगे EV पर बड़ा दांव

टाटा मोटर्स आने वाले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी कर रही है. JLR की तरफ से Range Rover Electric, Range Rover Sport Electric, Range Rover GT और Jaguar Type 01 जैसे नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स लाने की तैयारी है. इसके अलावा JLR अपने Enterprise Missions प्रोग्राम के जरिए अगले दो वर्षों में करीब £1.7 बिलियन की लागत बचत का लक्ष्य लेकर चल रही है.

आगे क्या रहेगा फोकस?

कुल मिलाकर टाटा मोटर्स के लिए Q1 FY27 की तस्वीर दो हिस्सों में बंटी रही. भारतीय पैसेंजर व्हीकल कारोबार में तेज ग्रोथ और EV की बढ़ती मांग कंपनी के लिए बड़ी मजबूती है, जबकि JLR की सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानियां अभी चुनौती बनी हुई हैं. कंपनी का मानना है कि सप्लाई की दिक्कतें कम होने, नए मॉडल्स की बिक्री बढ़ने और लागत में कमी के साथ आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है.