Tata Sons IPO: RBI के फैसले के बाद तेज हुई लिस्टिंग की तैयारी, फरवरी 2027 पर नजर

सौरभ दीक्षित

• 03:43 PM • 19 Sep 2026

आरबीआई के फैसले के बाद टाटा सन्स में आईपीओ की तैयारी तेज बताई जा रही है. फरवरी 2027 अभी सिर्फ अंदरूनी लक्ष्य है, लिस्टिंग की तारीख तय नहीं हुई है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आरबीआई ने एनबीएफसी दर्जा छोड़ने की टाटा सन्स की अर्जी ठुकराई

अपर लेयर एनबीएफसी नियम कंपनी पर लिस्टिंग से जुड़े दबाव बढ़ाते

कंपनी ने वित्तीय कागज, नियम पालन और सलाहकारों पर काम शुरू किया

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons को लेकर कॉरपोरेट जगत में हलचल तेज हो गई है. कंपनी के शेयर आने वाले समय में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, RBI के हालिया फैसले के बाद Tata Sons ने संभावित IPO की तैयारियों पर काम शुरू कर दिया है और February 2027 को संभावित market debut के लिए internal working target के तौर पर देखा जा रहा है.

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हालांकि, इसे अभी IPO की तय तारीख नहीं माना जा सकता. कंपनी की तरफ से February 2027 को लेकर कोई आधिकारिक IPO शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है. लिस्टिंग से पहले Tata Sons को कई जरूरी वित्तीय, कानूनी और regulatory प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी.

RBI के फैसले से क्यों बदली Tata Sons की स्थिति

Tata Sons को लेकर पूरा मामला RBI के NBFC नियमों से जुड़ा है. 11 September 2026 को RBI ने Tata Sons की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने Non-Banking Financial Company यानी NBFC का दर्जा छोड़ने की मांग की थी.

Tata Sons को RBI के Scale-Based Regulation Framework के तहत Upper Layer NBFC के रूप में वर्गीकृत किया गया है. इस कैटेगरी में आने वाली NBFCs के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग से जुड़े नियम लागू होते हैं.

Tata Sons की कोशिश थी कि NBFC का दर्जा छोड़कर वह इस regulatory requirement से बाहर निकल सके. लेकिन RBI से मंजूरी नहीं मिलने के बाद कंपनी के सामने listing की दिशा में आगे बढ़ने का दबाव बढ़ गया.

यही वजह है कि RBI के फैसले के बाद Tata Sons में IPO से जुड़ी तैयारियों की प्रक्रिया तेज होने की खबर सामने आई है.

कंपनी के अंदर शुरू हुआ IPO से जुड़ा काम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, RBI के फैसले के तुरंत बाद Tata Sons ने financial और regulatory documents जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

IPO की तैयारी सिर्फ शेयर बाजार में आवेदन करने तक सीमित नहीं होती. कंपनी को अपने वित्तीय आंकड़ों, regulatory compliance, shareholder arrangements और दूसरे जरूरी corporate matters की समीक्षा करनी होगी.

इसके अलावा investment bankers और external advisers की नियुक्ति भी अहम होगी. फिलहाल इस मोर्चे पर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने नहीं आई है.

यानी अभी Tata Sons का IPO शुरुआती तैयारी के चरण में है और आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने बाकी हैं.

February 2027 की चर्चा क्यों?

Tata Sons की संभावित market listing को लेकर February 2027 की तारीख चर्चा में है. लेकिन इसे समझना बेहद जरूरी है कि यह कोई confirmed IPO date नहीं है.

फिलहाल February 2027 को एक internal working target के तौर पर देखा जा रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी अपने कामकाज की टाइमलाइन को इस अवधि के आसपास रखने की कोशिश कर सकती है.

लेकिन IPO की वास्तविक तारीख कई चीजों पर निर्भर करेगी. इसमें regulatory approvals, financial documentation, corporate restructuring और advisers की नियुक्ति जैसे कई चरण शामिल हैं.

इसलिए February 2027 को फिलहाल संभावित समयसीमा के तौर पर ही देखना चाहिए.

Tata Trusts और SP Group का क्या रुख है?

Tata Sons की संभावित listing इसलिए भी खास है क्योंकि कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में Tata Trusts की बड़ी हिस्सेदारी है.

Tata Trusts Tata Sons की सबसे बड़ी shareholder है और रिपोर्ट्स के मुताबिक वह कंपनी की listing के पक्ष में नहीं है. दूसरी तरफ Tata Sons का board IPO लाने के पक्ष में बताया जा रहा है.

वहीं Tata Sons के दूसरे बड़े shareholder SP Group ने listing का समर्थन किया है.

इस वजह से Tata Sons का IPO सिर्फ एक सामान्य corporate listing का मामला नहीं है. कंपनी के shareholders और board के बीच इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग रुख भी इसे महत्वपूर्ण बनाते हैं.

IPO से पहले Tata Sons को क्या बदलना पड़ सकता है?

IPO की तैयारी के दौरान Tata Sons को अपने corporate structure की भी समीक्षा करनी पड़ सकती है.

Corporate advisers के मुताबिक board composition, capital structure और shareholder rights जैसे मुद्दों पर काम करना पड़ सकता है. इसके अलावा bonus issue या share split जैसे विकल्पों पर भी विचार की जरूरत पड़ सकती है.

Convertible preference shares और authorised share capital से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हो सकती है.

साथ ही public-market investors Tata Group की अलग-अलग कंपनियों के बीच मौजूद cross-holdings और related-party transactions को भी बारीकी से देख सकते हैं.

यानी Tata Sons को IPO से पहले अपने पूरे corporate और financial structure को public-market requirements के हिसाब से तैयार करना होगा.

Tata Sons की listing क्यों बड़ी खबर है?

Tata Sons सीधे तौर पर Tata Group की कई प्रमुख कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाली holding company है. ऐसे में इसकी listing से investors को Tata Group की holding structure और assets को public market के नजरिए से समझने का एक नया मौका मिल सकता है.

अगर Tata Sons शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो यह भारत के बड़े corporate listings में शामिल हो सकती है. हालांकि IPO का actual size, valuation और share price जैसी जानकारियां आधिकारिक documents सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगी.

फिलहाल तस्वीर इतनी है कि RBI ने Tata Sons को NBFC status छोड़ने की अनुमति नहीं दी है. इसके बाद कंपनी के सामने listing की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बढ़ गई है.

11 September 2026 के RBI फैसले के बाद IPO की तैयारियों से जुड़े काम शुरू होने की खबर है और February 2027 को internal working target के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन यह अभी confirmed listing date नहीं है.

आने वाले महीनों में Tata Sons की तरफ से advisers की नियुक्ति, corporate restructuring, financial documentation और regulatory प्रक्रिया पर होने वाली प्रगति यह तय करेगी कि कंपनी IPO की दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ती है.